प्रधानमंत्री मोदी और लिकटेंस्टाइन के प्रिंस एलोइस की मुलाकात, भारत-यूरोप व्यापारिक सहयोग पर बढ़ा जोर
मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी साझेदारी को आगे बढ़ाने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया। भारत और यूरोपीय देशों के बीच व्यापारिक सहयोग बढ़ाने के प्रयासों के बीच यह बैठक हुई है। खास तौर पर भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के बीच हुए व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौते से मिलने वाले अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी प्रिंस एलोइस से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और लिकटेंस्टाइन के संबंधों के साथ-साथ ईएफटीए के साथ व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौते के तहत उभरने वाले अवसरों पर चर्चा की। जयशंकर ने कहा कि इस समझौते से मिलने वाले अवसरों के कारण दोनों देशों की साझेदारी विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ प्रिंस की बैठक से आपसी सहयोग को और गति मिलेगी।
प्रिंस एलोइस का राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक स्वागत भी किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहे। स्वागत समारोह के बाद प्रिंस ने भारत की अपनी पहली राजकीय यात्रा को सम्मान की बात बताया। उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए आभार जताया।
प्रिंस एलोइस ने कहा कि भारत जैसे देश की पहली राजकीय यात्रा उनके लिए विशेष महत्व रखती है। उन्होंने इस यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह भारत के साथ अपने संबंधों को लिकटेंस्टाइन की ओर से दिए जाने वाले महत्व को दर्शाती है। उनके इस बयान से दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने की इच्छा स्पष्ट हुई।
प्रिंस की यात्रा के कार्यक्रम में भारत सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठकें भी शामिल हैं। मंगलवार को उनकी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी से मुलाकात प्रस्तावित है। इन बैठकों में आर्थिक संबंधों और सहयोग के संभावित क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
इसके बाद प्रिंस एलोइस राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे। उनके सम्मान में आधिकारिक भोज का आयोजन भी किया गया है। यह कार्यक्रम भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच राजनयिक संपर्कों को आगे बढ़ाने के व्यापक कार्यक्रम का हिस्सा है।
प्रिंस एलोइस सोमवार को गुजरात के वडोदरा से नई दिल्ली पहुंचे थे। हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिंह ने उनका स्वागत किया था। इसके बाद उनकी राजकीय यात्रा से जुड़े औपचारिक कार्यक्रम शुरू हुए।
भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच संपर्कों को मजबूत करने की यह पहल ऐसे समय में हो रही है, जब ईएफटीए समझौते के माध्यम से व्यापार और आर्थिक साझेदारी के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी, विदेश मंत्री जयशंकर और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ प्रिंस की बैठकों से दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।
