अनूप बागची बने एचडीएफसी बैंक के नए एमडी और सीईओ, शशिधर जगदीशन का कार्यकाल पूरा
बैंक की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अनूप बागची अब बैंक के प्रबंधन और परिचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके सामने बैंक के मौजूदा प्रदर्शन को बनाए रखने, कारोबार की वृद्धि को आगे बढ़ाने और संगठन से जुड़ी चुनौतियों पर ध्यान देने की जिम्मेदारी होगी।
शशिधर जगदीशन के कार्यकाल की सराहना करते हुए बैंक ने कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदर्शन, संगठनात्मक संस्कृति और ग्राहक-केंद्रित कार्यशैली को मजबूत करने में मदद मिली। बैंक ने यह भी रेखांकित किया कि कॉरपोरेट भारत के सबसे बड़े विलयों में से एक को सफलतापूर्वक पूरा कराने में जगदीशन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके कार्यकाल के बाद अब बैंक के नेतृत्व की जिम्मेदारी अनूप बागची को सौंपी गई है।
नए एमडी और सीईओ ऐसे समय में पद संभाल रहे हैं, जब बैंक का वित्तीय प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है, लेकिन कुछ परिणाम बाजार की अपेक्षाओं से पीछे भी रहे हैं। बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 19,610 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 5.2 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, लाभ का आंकड़ा बाजार के अनुमान से थोड़ा कम रहा।
तिमाही के दौरान बैंक की शुद्ध ब्याज आय यानी नेट इंटरेस्ट इनकम 9.7 प्रतिशत बढ़कर 34,619 करोड़ रुपये पहुंच गई। विश्लेषकों ने इसके 34,991 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया था। वहीं, बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.16 प्रतिशत दर्ज किया गया। बैंक के अनुसार, अधिक प्रावधान और अपेक्षा से कम शुद्ध ब्याज आय का असर तिमाही के प्रदर्शन पर पड़ा। इसके बावजूद ऋण और जमा, दोनों में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
वित्तीय नतीजों के अलावा बैंक एक संभावित गोपनीय जानकारी लीक होने के मामले की आंतरिक जांच भी कर रहा है। बैंक के प्रवक्ता के अनुसार, मामले से जुड़े सभी तथ्यों का आकलन किया जा रहा है। समीक्षा पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जांच प्रक्रिया और संबंधित लोगों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए बैंक ने फिलहाल इस विषय पर विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार किया है।
अक्टूबर की शुरुआत में सामने आए कुछ दावों में कहा गया था कि बैंक की आंतरिक जांच के दौरान दो वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से गोपनीय जानकारी साझा किए जाने के संकेत मिले हैं। हालांकि, इस मामले में अंतिम निष्कर्ष सामने आने तक बैंक ने कोई विस्तृत सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है।
वर्ष 2026 में बैंक के नेतृत्व से जुड़े अन्य बदलाव भी हुए हैं। मार्च में तत्कालीन चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने अपने व्यक्तिगत मूल्यों और बैंक की कुछ कार्यप्रणालियों के बीच मतभेद का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था। इसके अलावा, उप प्रबंध निदेशक कैजाद भरूचा ने भी वर्ष के अंत तक पद छोड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने 31 दिसंबर से प्रभावी रूप से अपनी सेवाएं समाप्त करने का अनुरोध किया है।
ऐसे में अनूप बागची के कार्यभार संभालने के साथ एचडीएफसी बैंक में नेतृत्व का नया चरण शुरू हो गया है। बैंक के वित्तीय प्रदर्शन, आंतरिक समीक्षा और प्रबंधन से जुड़े आगामी फैसलों पर अब निवेशकों और बैंकिंग क्षेत्र की नजर रहेगी।
