दलेर मेहंदी विवाद में मंत्री सुबोध उनियाल का दोटूक बयान, बोले- माफी मांगने का सवाल नहीं, मीका सिंह के दावे खारिज
एक बातचीत के दौरान जब सुबोध उनियाल से पूछा गया कि क्या उन्होंने दलेर मेहंदी से माफी मांगी है, तो उन्होंने इससे साफ इनकार किया। मंत्री ने कहा कि उनके लिए माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने सवाल किया कि आखिर उन्होंने कौन-सा अपराध किया है, जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। उनके इस बयान से स्पष्ट है कि वह पूरे मामले में अपनी गलती स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
मंत्री ने दलेर मेहंदी की तबीयत को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि गायक की तबीयत खराब थी, तो उन्हें कार्यक्रम में शामिल नहीं होना चाहिए था। अगर वह कार्यक्रम में पहुंचे भी थे, तो आयोजकों और वहां मौजूद लोगों को अपनी स्थिति के बारे में पहले जानकारी देनी चाहिए थी। सुबोध उनियाल ने कहा कि किसी व्यक्ति की तबीयत खराब है या नहीं, यह उसके चेहरे से पता नहीं चलता। इसलिए कलाकार को अपनी परेशानी के बारे में पहले से बताना चाहिए था, ताकि आयोजक उसी के अनुसार व्यवस्था कर सकें।
सुबोध उनियाल ने इस मामले में जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि माफी उसी व्यक्ति को मांगनी चाहिए, जिसने गलती की हो। उन्होंने दलेर मेहंदी की प्रस्तुति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि गायक को कार्यक्रम के लिए भुगतान किया गया था, लेकिन उनकी प्रस्तुति दर्शकों की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रही। मंत्री ने इसी आधार पर अपनी ओर से माफी मांगने की जरूरत से इनकार किया।
विवाद की शुरुआत उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान हुई थी। कार्यक्रम में सुबोध उनियाल ने मंच पर गायक की परफॉर्मेंस को लेकर आपत्ति जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि दलेर मेहंदी ठीक से प्रस्तुति नहीं दे रहे थे, शराब पीकर आए थे और लिप-सिंक कर रहे थे। इन आरोपों के बाद मामला तूल पकड़ गया और गायक के समर्थकों के बीच भी नाराजगी देखने को मिली।
दलेर मेहंदी के भाई मीका सिंह ने अपने भाई का बचाव करते हुए मंत्री से माफी मांगने की मांग की थी। मीका सिंह की टीम की ओर से यह दावा भी किया गया था कि सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी से माफी मांग ली है। हालांकि, मंत्री के ताजा बयान ने इस दावे को खारिज कर दिया है। दोनों पक्षों के बयानों के कारण विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
मामले को शांत कराने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी दलेर मेहंदी और मीका सिंह से बातचीत की थी। मुख्यमंत्री ने मंत्री की ओर से माफी मांगी थी। इसके बावजूद सुबोध उनियाल ने खुद माफी मांगने की बात से इनकार किया है। ऐसे में कुंजापुरी मेले में हुई घटना को लेकर विवाद अभी पूरी तरह समाप्त होता नजर नहीं आ रहा है।
