October 27, 2026

रिटायर्ड IAS की हत्या के 26 दिन बाद भी फरार वरुण का सुराग नहीं, मोबाइल की सर्च हिस्ट्री और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही SIT

0
untitled-1793083764

भोपाल । भोपाल में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में फरार केयरटेकर वरुण कुमार को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस की जांच में उसके पुराने पारिवारिक विवादों और आक्रामक व्यवहार से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। जांच से जुड़े इनपुट के मुताबिक वरुण अपने पिता की दूसरी शादी से नाराज था और इस वजह से उन पर हमला भी कर चुका था। इसके अलावा पंजाब में रहने वाली अपनी नाबालिग गर्लफ्रेंड के साथ मारपीट के मामले में भी उसका नाम सामने आया है। हालांकि पुलिस के अनुसार इन पुराने विवादों का राकेश अग्रवाल की हत्या से सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है। फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस आरोपी की तलाश और हत्या से जुड़े सबूतों की पड़ताल पर है।

राकेश अग्रवाल की हत्या 30 सितंबर को भोपाल के रातीबड़ इलाके के सूरज नगर स्थित उनके घर में हुई थी। वारदात के बाद से केयरटेकर वरुण कुमार फरार है। मामले में गठित विशेष जांच टीम यानी एसआईटी अब नए सिरे से जांच कर रही है। पुलिस अलग-अलग शहरों में आरोपी के संपर्कों और संभावित ठिकानों का पता लगाने में जुटी है। जांच के दौरान सामने आया है कि वरुण ग्वालियर आगरा दिल्ली और भोपाल जैसे शहरों में केयरटेकर के तौर पर काम कर चुका है। वह करीब छह साल से अपने परिवार से अलग रह रहा था। उसके परिजनों और करीबी लोगों से पूछताछ के दौरान पुराने विवादों और उसके व्यवहार से संबंधित जानकारियां मिली हैं।

इस हत्याकांड की जांच में एक महत्वपूर्ण सुराग मृतक का मोबाइल फोन भी है। पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद वरुण राकेश अग्रवाल का मोबाइल अपने साथ ले गया था। क्राइम ब्रांच ने बाद में फोन बरामद कर लिया। जांच से जुड़े इनपुट के अनुसार आरोपी ने करीब दो दिन तक इस मोबाइल का इस्तेमाल किया था। अब पुलिस फोन की सर्च हिस्ट्री कॉल रिकॉर्ड मैसेज और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की पड़ताल कर रही है। जांच अधिकारियों को उम्मीद है कि इन डिजिटल साक्ष्यों से वारदात के बाद आरोपी की गतिविधियों और उसके संपर्क में रहे लोगों के बारे में जानकारी मिल सकती है।

पुलिस ने वरुण की तलाश में कई जगहों पर जांच की है। उसकी आखिरी लोकेशन आगरा-वृंदावन रोड पर ट्रेस किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद से उसका कोई पुख्ता सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस पंजाब में रहने वाली उसकी बहन आगरा में उसके दोस्तों और ग्वालियर में रहने वाले पिता से भी पूछताछ कर चुकी है। अलग-अलग शहरों में उसके पुराने संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि फरारी के दौरान उसे मदद मिलने की संभावनाओं की जांच की जा सके।

एसआईटी अब सीसीटीवी फुटेज और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों का दोबारा विश्लेषण कर रही है। वारदात के बाद आरोपी के भागने के रास्ते और उसकी गतिविधियों को समझने के लिए उपलब्ध फुटेज की जांच की जा रही है। पहले सामने आई जानकारी के अनुसार हत्या के बाद वरुण घर से निकलकर करीब दो किलोमीटर तक गया था और फिर ट्रेन से फरार होने की आशंका जताई गई थी। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों को अन्य तथ्यों से मिलाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।

इस मामले में पुराने आर्थिक विवाद का पहलू भी जांच के दायरे में बताया गया है। सामने आई जानकारी के अनुसार राकेश अग्रवाल ने करीब 11 महीने पहले अपने पूर्व परिचित अजीत पाटनी के खिलाफ एक करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी को लेकर शिकायत की थी। पुलिस जांच में इस पहलू की क्या भूमिका है यह अभी स्पष्ट नहीं है। फिलहाल वरुण की गिरफ्तारी इस मामले की जांच के लिए अहम बनी हुई है। पुलिस के सामने चुनौती यह है कि फरार आरोपी का पता लगाकर हत्या के पीछे की परिस्थितियों और घटनाक्रम को साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट किया जाए।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *