इंग्लैंड की रिकॉर्ड हार पर कप्तान हैरी ब्रूक का बड़ा बयान, बोले- हम अपनी गलती जानते हैं, 429 रन बनाकर भी नहीं बचा पाए मैच
मैच के बाद ब्रूक ने कहा कि यह शानदार मुकाबला था और दोनों टीमों ने बेहतरीन क्रिकेट खेला लेकिन दुर्भाग्य से श्रीलंका ने बाजी मार ली। उन्होंने माना कि इंग्लैंड के गेंदबाज विपक्षी टीम की ताकत के हिसाब से गेंदबाजी करते रहे और बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में नाकाम रहे। ब्रूक के मुताबिक टीम को पता है कि उससे कहां गलती हुई है। अब खिलाड़ियों को अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना होगा और आने वाले मैचों में बेहतर प्रदर्शन के लिए सरल योजनाओं के साथ मैदान पर उतरना होगा।
इस मुकाबले में इंग्लैंड की बल्लेबाजी शानदार रही। टॉस जीतकर श्रीलंका ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने निर्धारित 50 ओवर में चार विकेट पर 429 रन बनाए। कप्तान हैरी ब्रूक ने 116 गेंदों पर 202 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी में 21 चौके और 10 छक्के शामिल रहे। इस प्रदर्शन के साथ ब्रूक ने वनडे क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड भी बनाया। उनके अलावा जो रूट ने 66 गेंदों पर 69 रन बनाए जबकि विल जैक्स ने केवल 30 गेंदों पर नाबाद 66 रन ठोककर टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाया।
इंग्लैंड को उम्मीद रही होगी कि 430 रन का लक्ष्य श्रीलंका के लिए बेहद मुश्किल साबित होगा लेकिन श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी। सलामी बल्लेबाज अविष्का फर्नांडो ने 83 गेंदों पर 97 रन बनाकर मजबूत नींव रखी। इसके बाद पवन रथनायके ने चौथे नंबर पर उतरकर 106 गेंदों पर 130 रन की शानदार पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी ने श्रीलंका को लक्ष्य के करीब पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई। रथनायके को उनके प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
मुकाबले के अंतिम चरण में दासुन शनाका और जेनिथ लियांगे ने इंग्लैंड की उम्मीदों को झटका दिया। शनाका ने 50 गेंदों पर 97 रन बनाए जबकि लियांगे ने 27 गेंदों पर नाबाद 61 रन की तेजतर्रार पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने जरूरी रन गति बनाए रखी और श्रीलंका को आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर ऐतिहासिक जीत दिला दी। श्रीलंका का यह वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ा सफल रन चेज बताया गया जबकि विश्व क्रिकेट में यह दूसरा सबसे बड़ा सफल लक्ष्य हासिल करने का कारनामा रहा।
इस हार ने इंग्लैंड की गेंदबाजी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 429 रन बनाने के बावजूद टीम जीत हासिल नहीं कर सकी जो उसके लिए बड़ी चिंता का विषय है। ब्रूक ने कहा कि टीम के पास फाइनल में जगह बनाने का मौका अभी मौजूद है और खिलाड़ियों को खुद पर भरोसा बनाए रखना होगा। अब इंग्लैंड की कोशिश अपनी गेंदबाजी की कमियों को दूर कर अगले मुकाबलों में वापसी करने की होगी जबकि श्रीलंका की टीम इस ऐतिहासिक जीत से मिले आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेगी।
