माधव चौक पर रातभर गूंजे माता के भजन, अमोला पुल पर विसर्जन के दौरान मची अफरा-तफरी, बेहोश युवक को बचाया
माधव चौक पर रातभर रही उत्सव की रौनक
दशहरे के अवसर पर माधव चौक पर भव्य मंच तैयार किया गया था। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ माता रानी की आकर्षक झांकियां निकाली गईं। आयोजन समिति ने झांकियों का सम्मान कर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। शहर के अलग-अलग इलाकों के साथ बाहर से भी डीजे और ढोल की टीमें पहुंचीं। उनकी धुन पर युवा देर रात तक माता के भजनों पर नाचते रहे। माधव चौक पर अलग-अलग डीजे के बीच तेज संगीत बजाने की होड़ भी दिखाई दी। कई जगहों पर एक-दूसरे के पास खड़े होकर डीजे बजाए गए और युवाओं ने जमकर नृत्य किया। श्रद्धा और उत्साह के बीच पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा।
अमोला पुल पर सुबह तक चलता रहा विसर्जन
शहर में निकलीं माता की बड़ी प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए अमोला पुल ले जाया गया। यहां मंगलवार रात से शुरू हुआ विसर्जन बुधवार सुबह तक चलता रहा। बड़ी प्रतिमाओं को पानी तक पहुंचाने और विसर्जन की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। लगातार आवाजाही के कारण मौके पर भीड़ बनी रही। व्यवस्था संभालने के दौरान पुलिस और विसर्जन करने पहुंचे कुछ लोगों के बीच गहमा-गहमी की स्थिति भी बनी। प्रतिमाओं के आकार और भीड़ को देखते हुए विसर्जन का काम सुबह तक जारी रहा।
ट्यूब पर बैठा युवक चक्कर आने से हुआ बेहोश
अमोला पुल के नीचे पानी में कुछ युवक ट्यूब पर बैठकर प्रतिमा विसर्जन के दौरान क्रेन का पट्टा निकाल रहे थे। इसी दौरान एक युवक को अचानक चक्कर आया और वह बेहोश हो गया। पानी में मौजूद उसके साथियों ने उसे संभालते हुए पकड़ लिया और डूबने से बचाया। इसके बाद युवक को पानी से बाहर निकाला गया और नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार युवक की हालत सामान्य बताई गई है। इस घटना के बाद विसर्जन के दौरान पानी में उतरने और भारी प्रतिमाओं के आसपास काम करने के समय सावधानी बरतने की जरूरत एक बार फिर सामने आई। विजयादशमी पर जहां शहर में धार्मिक उत्साह और भव्य आयोजनों की रौनक रही वहीं अमोला पुल पर हुई इस घटना ने विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के महत्व को भी उजागर किया।
