होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के लिए अमेरिका जिम्मेदार, ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने कूटनीति पर दिया जोर
अराघची के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के क्षेत्र में असुरक्षा की प्रमुख वजह अमेरिका की नीतियां और ईरान के खिलाफ जारी सैन्य तथा आर्थिक दबाव हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई ने क्षेत्रीय परिस्थितियों को और तनावपूर्ण बनाया है। ईरान का कहना है कि मौजूदा संकट को केवल सैन्य शक्ति के इस्तेमाल से हल नहीं किया जा सकता। इसके लिए संबंधित देशों के बीच संवाद और राजनीतिक प्रयास आवश्यक हैं।
ईरानी विदेश मंत्री ने क्षेत्रीय देशों के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल का स्वागत किया जाना चाहिए, जिसके तहत विदेशी सेनाओं की मौजूदगी के बिना क्षेत्र के देश अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करें। उनके अनुसार, क्षेत्र की स्थिरता के लिए स्थानीय देशों की भागीदारी और आपसी सहयोग महत्वपूर्ण है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बना हुआ है।
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला रणनीतिक समुद्री मार्ग है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए इसका विशेष महत्व है। सामान्य परिस्थितियों में दुनिया के कुल तेल और अन्य हाइड्रोकार्बन परिवहन का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। इस कारण यहां जहाजों की आवाजाही में बाधा आने या सुरक्षा संकट बढ़ने से ऊर्जा बाजारों और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।
ईरान और अमेरिका के बीच जारी टकराव का प्रभाव इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा पर भी दिखाई दे रहा है। ईरान इस जलमार्ग पर अपने नियंत्रण का दावा करता रहा है, जबकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों के आसपास नौसैनिक नाकेबंदी बनाए रखी है। दोनों देशों के बीच तनाव और समुद्री गतिविधियों को लेकर मतभेदों ने क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ाई हैं। ऐसे माहौल में अराघची ने कूटनीतिक समाधान और क्षेत्रीय सहयोग को प्राथमिकता देने की बात कही है।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी ईरान के साथ बातचीत के दौरान क्षेत्रीय संकट का समाधान खोजने के लिए राजनीतिक प्रयासों का समर्थन किया। तेहरान की यात्रा के दौरान उन्होंने अराघची और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात की। रूस ने ईरान के साथ अपने राजनीतिक और आर्थिक संबंध जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है। लावरोव ने कहा कि मॉस्को दोनों देशों के बीच सहयोग और विभिन्न परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।
रूस और ईरान का कहना है कि क्षेत्रीय विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने के प्रयास जारी रहने चाहिए। दोनों देशों के बीच चर्चा में ऊर्जा, परिवहन और आर्थिक सहयोग से जुड़े विषय भी शामिल रहे। रूस ने क्षेत्रीय संकट को कम करने और राजनीतिक समाधान की संभावनाओं पर काम करने की इच्छा जताई है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में गतिरोध बने रहने के कारण तनाव कम करने की राह चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
अराघची के बयान से स्पष्ट है कि ईरान क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर विदेशी सैन्य मौजूदगी के बजाय पड़ोसी देशों की भागीदारी वाली व्यवस्था का समर्थन कर रहा है। वहीं, रूस भी कूटनीति और बातचीत के जरिए तनाव कम करने की बात कर रहा है। आने वाले समय में होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता इस बात पर निर्भर करेगी कि संबंधित देश आपसी मतभेदों को बातचीत के माध्यम से सुलझाने के लिए किस तरह आगे बढ़ते हैं।
