ऑस्ट्रेलिया की जीत से WTC फाइनल की रेस हुई रोमांचक, भारत के पास बचे सात टेस्ट, जानिए कैसे मिलेगी फाइनल में जगह
ऑस्ट्रेलिया ने मौजूदा WTC चक्र में 11 मैचों में नौ जीत दर्ज की हैं। उसके खाते में 108 अंक हैं और अंक प्रतिशत यानी पीसीटी 81.82 हो गया है। न्यूजीलैंड छह मैचों में चार जीत, एक हार और एक ड्रॉ के साथ 72.22 प्रतिशत अंक लेकर दूसरे स्थान पर है। दक्षिण अफ्रीका ने पांच मैचों में तीन जीत और दो हार के बाद 36 अंक जुटाए हैं। उसका पीसीटी 60 है। बांग्लादेश 55.56 प्रतिशत अंकों के साथ चौथे स्थान पर है।
भारतीय टीम ने अब तक 11 टेस्ट खेले हैं, जिनमें पांच जीत, चार हार और दो ड्रॉ शामिल हैं। भारत के खाते में 68 अंक हैं और उसका पीसीटी 51.52 है। टीम ने हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज 1-0 से जीती थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की ताजा जीत के बाद भारतीय टीम की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ। बांग्लादेश फिलहाल भारत से आगे है, इसलिए टीम इंडिया को अपनी स्थिति बेहतर बनाने के लिए आगामी मुकाबलों में लगातार जीत दर्ज करनी होगी।
अंक तालिका में इंग्लैंड 38.54 प्रतिशत अंकों के साथ छठे स्थान पर है। उसने 16 मैचों में सात जीत, आठ हार और एक ड्रॉ दर्ज किया है। धीमी ओवर गति के कारण उसके 14 अंक काटे गए हैं। श्रीलंका 33.33 प्रतिशत अंकों के साथ सातवें, वेस्टइंडीज 20.83 प्रतिशत के साथ आठवें और पाकिस्तान 4.63 प्रतिशत अंकों के साथ नौवें स्थान पर है। वेस्टइंडीज के दो और पाकिस्तान के नौ अंक पेनल्टी के कारण काटे गए हैं।
भारत के सामने अब सात टेस्ट मैच बाकी हैं। इनमें न्यूजीलैंड के खिलाफ उसके घर में दो मुकाबले और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू मैदान पर पांच टेस्ट शामिल हैं। फाइनल में पहुंचने के लिए भारत को इन मैचों में अधिकतम जीत हासिल करने के साथ अन्य टीमों के नतीजों पर भी नजर रखनी होगी। WTC में टीमों की रैंकिंग कुल अंकों के बजाय अंक प्रतिशत के आधार पर तय होती है। जीत पर 12, ड्रॉ पर चार और टाई होने पर छह अंक मिलते हैं। चक्र के अंत में अंक तालिका की शीर्ष दो टीमें फाइनल खेलती हैं।
अगर भारत अपने बाकी सभी सात टेस्ट जीत लेता है, तो उसके कुल अंक 152 हो जाएंगे। इस चक्र में भारत के कुल 18 मैच होने हैं और अधिकतम उपलब्ध अंक 216 हैं। इस हिसाब से उसका पीसीटी 70.37 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। यह स्कोर भारत को फाइनल की दौड़ में मजबूत स्थिति में ला सकता है। हालांकि, क्वालिफिकेशन दूसरी टीमों के प्रदर्शन और उनके अंतिम अंक प्रतिशत पर भी निर्भर करेगा। केवल छह मैच जीतना अपने आप में फाइनल में जगह की गारंटी नहीं देता।
ऑस्ट्रेलिया की मौजूदा स्थिति भारत के लिए बड़ी चुनौती है। अगर ऑस्ट्रेलिया लगातार जीत दर्ज करता है, तो उसका अंक प्रतिशत भारत के संभावित स्कोर से ऊपर रह सकता है। दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बाकी मुकाबलों में जीतना भारतीय टीम के लिए मददगार हो सकता है, क्योंकि इससे ऑस्ट्रेलिया के अंक प्रतिशत पर असर पड़ेगा। भारत को अपने पांचों घरेलू टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को हराने की भी जरूरत पड़ सकती है।
न्यूजीलैंड भी भारत की राह में चुनौती बना हुआ है। उसके पास अभी दस टेस्ट बाकी हैं और मौजूदा अंक प्रतिशत 72.22 है। भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने दोनों मुकाबले जीतने होंगे, लेकिन इसके बावजूद कीवी टीम अन्य मैचों में अच्छा प्रदर्शन करके अपनी स्थिति मजबूत कर सकती है।
पिछली WTC साइकिलों के नतीजे बताते हैं कि फाइनल में पहुंचने के लिए कोई एक स्थायी अंक प्रतिशत तय नहीं है। 2021-23 चक्र में भारत 58.80 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे और ऑस्ट्रेलिया 66.67 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रहा था। 2023-25 चक्र में दक्षिण अफ्रीका ने 69.44 और ऑस्ट्रेलिया ने 67.54 प्रतिशत अंकों के साथ फाइनल के लिए क्वालिफाई किया था। ऐसे में भारत की उम्मीदें अभी कायम हैं, लेकिन सातों टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन और प्रतिद्वंद्वी टीमों के नतीजे निर्णायक होंगे।
