कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले 9 पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि, 21 अक्टूबर को परिजनों से मिलेंगे CM, लंबित भुगतान के निर्देश
भोपाल । मध्य प्रदेश में कर्तव्य निभाते हुए अपनी जान गंवाने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के परिवारों को राहत देने के लिए पुलिस मुख्यालय ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर 21 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों से मुलाकात करेंगे। इस कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने संबंधित अधिकारियों को अनुकंपा नियुक्ति और लंबित देयकों के भुगतान से जुड़े मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी गई है ताकि प्रत्येक प्रकरण की समीक्षा की जा सके और परिवारों को मिलने वाली सहायता की स्थिति स्पष्ट हो सके।
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच ड्यूटी के दौरान दिवंगत हुए नौ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय से प्राप्त हुई है। इन सभी के परिजनों को पुलिस स्मृति दिवस के कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाएगा। मुख्यालय ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति देने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और उनके लंबित भुगतान का निपटारा किया जाए। इस पहल का उद्देश्य उन परिवारों के मामलों को प्राथमिकता देना है जिन्होंने अपने परिजन को पुलिस सेवा के दौरान खोया है।
सूची में भोपाल की 25वीं वाहिनी में पदस्थ निरीक्षक आशीष शर्मा का नाम शामिल है। इसके अलावा उज्जैन जिले के सब इंस्पेक्टर अशोक शर्मा सहायक उप निरीक्षक मदनलाल निनामा और महिला आरक्षक आरती पाल भी सूची में शामिल हैं। उमरिया के प्रधान आरक्षक ओम प्रकाश भवेदी राजगढ़ के प्रधान आरक्षक सर्जन सिंह भील मुरैना के प्रधान आरक्षक परिमाल सिंह तोमर सतना के आरक्षक विकास चतुर्वेदी और शहडोल के आरक्षक महेश प्रसाद पाठक ने भी ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई थी। इन सभी पुलिसकर्मियों के परिजनों से संबंधित मामलों में नियुक्ति और बकाया राशि के भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
सूची में शामिल निरीक्षक आशीष शर्मा नक्सल विरोधी अभियान के दौरान शहीद हुए थे। वे मध्य प्रदेश हॉक फोर्स में पदस्थ थे और छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव क्षेत्र के जंगलों में संयुक्त पुलिस अभियान के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अभियान में मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की पुलिस टीमें शामिल थीं। जंगल में पेट्रोलिंग के दौरान नक्सलियों की ओर से फायरिंग की गई थी। इस घटना में घायल आशीष शर्मा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उनका बलिदान नक्सल विरोधी अभियान में पुलिसकर्मियों के सामने आने वाले जोखिमों की याद दिलाता है।
उज्जैन जिले के तीन पुलिसकर्मियों की जान सितंबर 2025 में एक सड़क हादसे में गई थी। जानकारी के अनुसार लापता लड़की से जुड़े मामले की जांच के दौरान सुराग का पीछा करते समय उन्हेल थाने की कार शिप्रा नदी में गिर गई थी। इस दुर्घटना में सब इंस्पेक्टर अशोक शर्मा सहायक उप निरीक्षक मदनलाल निनामा और आरक्षक आरती पाल की मृत्यु हो गई थी। वहीं अन्य पुलिसकर्मियों की मौत सड़क दुर्घटनाओं और ड्यूटी से जुड़े हादसों में हुई। सागर जिले में बांदरी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की वैन ट्रक से टकरा गई थी। इस दुर्घटना में प्रधान आरक्षक परिमाल सिंह तोमर शहीद हो गए थे।
पुलिस स्मृति दिवस हर साल उन पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। इस दिन शहीद जवानों और अधिकारियों को याद करने के साथ उनके परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदना भी व्यक्त की जाती है। मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017 में शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को एक करोड़ रुपये की सम्मान निधि देने की घोषणा की थी। इस बार कार्यक्रम से पहले अनुकंपा नियुक्ति और लंबित देयकों के भुगतान पर जोर दिया गया है। अब संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई रिपोर्ट और परिवारों से मुख्यमंत्री की मुलाकात पर नजर रहेगी।
