ऑरोरा के हिंदू मंदिर को निशाना बनाने की साजिश से बढ़ी चिंता, मंदिरों की सुरक्षा पर उठे सवाल, नेताओं ने दिया एकजुटता का संदेश
नई दिल्ली। अमेरिका के इलिनॉय राज्य के ऑरोरा शहर में स्थित एक हिंदू मंदिर पर सामूहिक गोलीबारी की कथित साजिश सामने आने के बाद हिंदू समुदाय में चिंता बढ़ गई है। इस मामले ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और नस्लीय तथा धार्मिक नफरत से प्रेरित हिंसा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। हिंदू स्वयंसेवक संघ-अमेरिका ने घटना पर गंभीर चिंता जताते हुए पूरे देश में मंदिरों और सामुदायिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाने की अपील की है। संगठन ने राजनीतिक नेताओं से भी हिंदुओं और भारतीय-अमेरिकियों के खिलाफ नफरत तथा भेदभाव की स्पष्ट रूप से निंदा करने का आग्रह किया है।
संगठन के बयान के मुताबिक धार्मिक स्वतंत्रता और बिना किसी डर के पूजा करने का अधिकार अमेरिकी समाज के बुनियादी सिद्धांतों में शामिल है। ऐसे में किसी मंदिर को निशाना बनाने की कथित साजिश केवल हिंदू समुदाय के लिए ही नहीं बल्कि उन सभी लोगों के लिए चिंताजनक है जो धार्मिक स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व में विश्वास करते हैं। संगठन ने हिंदू समुदायों से शांत रहने और एकजुटता बनाए रखने की अपील की है। साथ ही मंदिर प्रबंधन समितियों और परिवारों को स्थानीय पुलिस तथा कानून लागू करने वाली एजेंसियों के संपर्क में रहने और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की सलाह दी है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या धमकी की सूचना तुरंत अधिकारियों को देने पर भी जोर दिया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार शिकागो के पास पैलेटाइन में 19 वर्षीय एक युवक को गिरफ्तार किया गया। उस पर ऑरोरा स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की योजना बनाने का आरोप है। बताया गया है कि घटना के दौरान उसकी बंदूक जाम हो गई और वह गोली नहीं चला सका। इस तरह कथित हमले की कोशिश नाकाम रही। हालांकि मामले में लगाए गए आरोपों और जांच से जुड़े तथ्यों का अंतिम निर्धारण कानूनी प्रक्रिया के तहत होना है।
घटना पर अमेरिकी सांसदों ने भी चिंता और आक्रोश जताया। सांसद जेमी रस्किन ने कहा कि मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की कथित योजना के खिलाफ लोगों को एकजुट होकर श्वेत वर्चस्ववादी सोच और हिंसा का विरोध करना चाहिए। उन्होंने मंदिरों के साथ-साथ यहूदी प्रार्थना स्थलों चर्चों और मस्जिदों को निशाना बनाने वाली हिंसा की भी निंदा की। सांसद रिच मैककॉर्मिक ने धार्मिक पहचान राजनीतिक विचार या नस्ल के आधार पर किसी व्यक्ति के खिलाफ हिंसा को गलत बताया।
कैलिफोर्निया के सांसद रो खन्ना ने भी घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म अहिंसा की शिक्षा देता है और किसी धार्मिक समुदाय को निशाना बनाना अस्वीकार्य है। सांसद अमी बेरा ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि जब कथित साजिश सामने आई तब राजा कृष्णमूर्ति और उनका परिवार मंदिर में पूजा कर रहा था। उन्होंने कहा कि यह घटना हिंदू समुदाय समेत धार्मिक और नस्लीय नफरत का सामना कर रहे अन्य समुदायों के लिए मौजूद खतरे को उजागर करती है। उन्होंने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए और कदम उठाने की जरूरत बताई।
सांसद श्री थानेदार ने भी कांग्रेस से हिंदुओं के खिलाफ हमलों का मुकाबला करने की अपील की। वहीं हेली स्टीवंस ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर नफरत से प्रेरित हिंसा की घटनाएं रुकनी चाहिए और किसी भी अमेरिकी को अपने धर्म का पालन करते समय सुरक्षा को लेकर डर नहीं होना चाहिए। सांसद प्रमिला जयपाल ने स्थानीय पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए दक्षिण एशियाई लोगों के खिलाफ बढ़ती नफरत और नस्लवाद पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन और सार्वजनिक जीवन में सामने आने वाली नफरत समुदायों को मानसिक आघात पहुंचाती है।
ऑरोरा के मेयर जॉन लाश ने भी घटना के बाद कहा कि शहर की ताकत उसकी विविधता में है। उन्होंने सभी नागरिकों को सुरक्षित रहने और अपने धर्म का पालन करने का अधिकार दिए जाने पर जोर दिया। हिंदू स्वयंसेवक संघ-अमेरिका ने दूसरे धार्मिक और सामुदायिक संगठनों से भी हिंदू समुदाय के साथ खड़े होने की अपील की है। घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि धार्मिक स्थलों को सुरक्षित बनाने और नफरत से प्रेरित हिंसा रोकने के लिए समुदायों तथा प्रशासन के बीच सहयोग किस तरह मजबूत किया जाए।
