नशे के नेटवर्क पर सख्ती की तैयारी, रीवा संभाग में करोड़ों की ड्रग्स और 312 वाहन जब्त, युवाओं को बचाने पर फोकस
रीवा । मध्य प्रदेश के रीवा संभाग में नशे के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। पिछले 18 महीनों के दौरान नशे के कारोबार में शामिल 1615 आरोपियों को जेल भेजा गया है। इस अवधि में गांजा और कोरेक्स से लेकर हेरोइन स्मैक ब्राउन शुगर और एमडी ड्रग्स जैसे नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। इनकी कुल कीमत 13 करोड़ 17 लाख 39 हजार 600 रुपये बताई गई है। वहीं नशे के अवैध कारोबार में इस्तेमाल होने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहनों को भी जब्त किया गया है। अब प्रशासन का जोर नशे के कारोबार को रोकने के साथ इसकी लत से पीड़ित लोगों के उपचार और पुनर्वास पर भी रहेगा।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने रीवा के सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में नशामुक्त भारत अभियान की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई केवल छोटे स्तर पर काम करने वाले लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि नशीले पदार्थों के उत्पादन और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क तक पहुंचना जरूरी है। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
बैठक में रीवा जोन के पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत ने पिछले 18 महीनों की कार्रवाई का ब्योरा प्रस्तुत किया। उनके मुताबिक इस दौरान 5535 किलो 931 ग्राम गांजा और 97 हजार 665 शीशी कोरेक्स जब्त की गई। इसके अलावा 4 लाख 13 हजार 310 नशीली टैबलेट और कैप्सूल बरामद किए गए। पुलिस ने अफीम के 450 हरे पौधों के साथ 123.6 ग्राम हेरोइन 206.54 ग्राम स्मैक 244 ग्राम ब्राउन शुगर और 3 किलो 87 ग्राम एमडी ड्रग्स भी जब्त की है। जब्त नशीले पदार्थों की कुल कीमत 13 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
नशे के अवैध कारोबार में इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने 181 दोपहिया और 131 चारपहिया वाहन जब्त किए हैं। इन वाहनों की कुल कीमत 10 करोड़ 41 लाख 70 हजार रुपये बताई गई है। अधिकारियों का मानना है कि नशीले पदार्थों की सप्लाई में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों पर कार्रवाई करना भी इस नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
रीवा संभाग में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ भी अभियान चलाया गया। पिछले 18 महीनों में इस संबंध में 11 हजार 998 मामले दर्ज किए गए और 12 हजार 199 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान 35 हजार 890 लीटर अवैध देशी शराब और 22 हजार 807 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई। जब्त शराब की कीमत 3 करोड़ 97 लाख 53 हजार 333 रुपये बताई गई है। उप मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश भी दिए।
राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि विंध्य क्षेत्र में कृषि उद्योग व्यापार और बुनियादी सुविधाओं के विकास से लोगों की आमदनी बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में युवाओं का नशे की गिरफ्त में आना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने नशामुक्ति केंद्रों को सक्रिय करने और पीड़ितों को उपचार के साथ पुनर्वास की सुविधा देने पर जोर दिया। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि इसी सप्ताह नशे की लत से पीड़ित 50 लोगों की पहचान कर उन्हें पुनर्वास के लिए नशामुक्ति केंद्रों में भर्ती कराने की योजना है। कोरेक्स की लत से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाएगा।
बैठक में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। प्रशासन की कोशिश है कि नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ लोगों को नशे से बाहर निकालने के लिए उपचार और जागरूकता पर भी काम किया जाए।
