शाहरुख-काजोल से शुरू हुआ कॉफी विद करण का सफर, गोविंदा को नहीं मिला न्योता तो रेखा को बुलाने से क्यों झिझके करण
नई दिल्ली। करण जौहर का चर्चित टॉक शो कॉफी विद करण एक बार फिर मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है। फिल्मी सितारों की निजी जिंदगी से जुड़े सवालों उनके रिश्तों और करियर के अनसुने किस्सों के साथ इस शो ने टेलीविजन की दुनिया में अलग पहचान बनाई है। शो में कई बड़े कलाकार अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं लेकिन कुछ ऐसे चर्चित सितारे भी हैं जो कभी इसके मेहमान नहीं बने। गोविंदा से लेकर रेखा और श्रीदेवी तक कई नाम ऐसे हैं जिनकी गैरमौजूदगी को लेकर दर्शकों के मन में सवाल उठते रहे हैं। इस बीच शो की शुरुआत से जुड़ी कहानी भी काफी दिलचस्प है।
कॉफी विद करण शुरू करने का विचार करण जौहर के मन में उस समय आया जब सेलिब्रिटी इंटरव्यू का अंदाज काफी औपचारिक हुआ करता था। करण चाहते थे कि सितारों से बातचीत का तरीका थोड़ा अलग हो और दर्शकों को उनके व्यक्तित्व का एक नया पहलू देखने को मिले। उनका विचार था कि दो फिल्मी सितारों को एक साथ बैठाकर उनसे दोस्ती रिश्तों और फिल्मी करियर से जुड़े दिलचस्प सवाल पूछे जाएं। इस तरह दर्शकों को मनोरंजन के साथ सितारों की जिंदगी के ऐसे किस्से जानने का मौका मिल सकता था जो आमतौर पर सामने नहीं आते।
बताया जाता है कि जून 2004 में करण ने अपने पिता और मशहूर फिल्म निर्माता यश जौहर के सामने इस शो का विचार रखा था। शुरुआत में उनके पिता इस प्रस्ताव को लेकर बहुत उत्साहित नहीं थे। उन्होंने मजाकिया अंदाज में सवाल किया था कि जब करण अपने दोस्तों से पहले ही बातचीत करते हैं तो उसी बातचीत के लिए कोई पैसे क्यों देगा। इसके बावजूद करण ने अपने विचार पर काम जारी रखा। इसी दौरान 26 जून 2004 को यश जौहर का निधन हो गया। पिता को खोने के दुख के बीच भी करण ने अपने सपने को पूरा करने का फैसला किया।
करण ने 16 अगस्त 2004 को शो की शूटिंग शुरू की और 19 नवंबर 2004 को इसका पहला एपिसोड स्टार वर्ल्ड इंडिया पर प्रसारित हुआ। पहले एपिसोड में शाहरुख खान और काजोल मेहमान बनकर पहुंचे थे। दोनों की दोस्ती और बेबाक बातचीत ने शो को खास शुरुआत दी। इसके बाद रैपिड फायर राउंड शो की पहचान बन गया। इस दौर में सितारों से तेजी से सवाल पूछे जाते थे और उनके जवाब कई बार मनोरंजक होने के साथ चर्चा और विवाद की वजह भी बन जाते थे।
शो में शामिल नहीं होने वाले सितारों की बात करें तो गोविंदा का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा है। खबरों के मुताबिक गोविंदा ने एक बार नाराजगी जताई थी कि उन्हें शो में आमंत्रित नहीं किया गया। बाद में करण जौहर ने उनसे माफी भी मांगी थी। वहीं रेखा को लेकर करण ने कहा था कि वह उनके रहस्यमयी व्यक्तित्व को बरकरार रखना चाहते हैं और उन्हें शो में बुलाने को लेकर झिझकते रहे। इससे रेखा की गैरमौजूदगी के पीछे की वजह को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई।
दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी भी कभी इस शो में मेहमान बनकर नहीं आईं। करण जौहर उनके प्रशंसक रहे हैं लेकिन उनका शो में शामिल होना संभव नहीं हो पाया। इसी तरह अभिनेता इरफान खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी इस कार्यक्रम में नजर नहीं आए। फिल्म निर्माता आदित्य चोपड़ा को लेकर भी करण जौहर कह चुके हैं कि उन्हें शो में आमंत्रित करने की हिम्मत नहीं हुई। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत भी इस शो का हिस्सा नहीं बने। हालांकि इन सभी कलाकारों के शो में न आने के पीछे एक जैसी वजह नहीं थी और हर मामले में व्यक्तिगत कारणों या आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा।
कॉफी विद करण ने मनोरंजन के साथ विवादों के कारण भी सुर्खियां बटोरी हैं। शो में क्रिकेटर हार्दिक पंड्या और केएल राहुल की टिप्पणी के बाद बड़ा विवाद हुआ था और दोनों को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। इस घटना ने दिखाया कि मनोरंजन के मंच पर कही गई बातें भी व्यापक सार्वजनिक बहस का रूप ले सकती हैं। यही बेबाक अंदाज शो को लोकप्रिय बनाने के साथ विवादों में भी रखता आया है। करण जौहर का यह कार्यक्रम फिल्मी सितारों की दुनिया को करीब से देखने का मंच बना और इसकी शुरुआत से लेकर मेहमानों की सूची तक आज भी दर्शकों की दिलचस्पी का विषय बनी हुई है।
