October 13, 2026

भारत का फ्लेक्सिबल ऑफिस बाजार 2030 तक 160 मिलियन वर्ग फुट पहुंचने का अनुमान, कंपनियों और एआई कारोबार से बढ़ रही मांग

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नई दिल्ली ।भारत का फ्लेक्सिबल ऑफिस बाजार आने वाले वर्षों में तेजी से विस्तार कर सकता है। वर्ष 2030 तक इसका कुल आकार लगभग 160 मिलियन वर्ग फुट पहुंचने का अनुमान है। वर्ष 2026 में ही इस बाजार के 100 मिलियन वर्ग फुट का आंकड़ा पार करने की उम्मीद जताई गई है। देश ने फ्लेक्सिबल ऑफिस क्षेत्र में दुनिया के सबसे परिपक्व बाजार के रूप में अपनी स्थिति भी बरकरार रखी है।

2026 की पहली छमाही में भारत में फ्लेक्सिबल ऑफिस स्पेस का कुल स्टॉक बढ़कर 88.7 मिलियन वर्ग फुट हो गया। यह देश के कुल ऑफिस स्पेस का 10.5 प्रतिशत है। बाजार की परिपक्वता को लेकर तैयार किए गए सूचकांक में भारत को 100 प्रतिशत अंक मिले हैं। इससे संकेत मिलता है कि फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस अब कंपनियों के लिए केवल अतिरिक्त सुविधा नहीं, बल्कि उनकी रियल एस्टेट रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है।

वैश्विक बुकिंग में भी भारत की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 2025 की पहली छमाही में यह हिस्सेदारी 2.2 प्रतिशत थी, जो 2026 की पहली छमाही में बढ़कर 10.2 प्रतिशत हो गई। इस बढ़ोतरी के साथ भारत अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरा सबसे सक्रिय फ्लेक्सिबल ऑफिस बाजार बन गया है। कंपनियों की मांग, उपलब्ध जगह और इस क्षेत्र में काम करने वाले ऑपरेटरों की गतिविधियों में लगातार मजबूती देखी जा रही है।

2026 की पहली छमाही में फ्लेक्सिबल ऑफिस ऑपरेटरों ने देश के आठ प्रमुख शहरों में 8.5 मिलियन वर्ग फुट जगह लीज पर दी। पहली छमाही के आधार पर यह अब तक का उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा। देश में कुल ऑफिस लीजिंग में फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस की हिस्सेदारी भी बढ़कर लगभग 20 प्रतिशत हो गई है।

वर्ष 2023 से 2025 के बीच ऑपरेटरों ने कुल 44.1 मिलियन वर्ग फुट ऑफिस स्पेस लीज पर दिया। इसमें 7.2 लाख से अधिक फ्लेक्स सीटें शामिल थीं। वहीं, मैनेज्ड ऑफिस स्पेस की मांग औसतन 350 से 500 सीटों के बीच रही। इससे पता चलता है कि कंपनियां अपनी जरूरत के अनुसार तैयार और प्रबंधित कार्यस्थलों का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं।

इस क्षेत्र में सीटों की मांग भी तेजी से बढ़ी है। वर्ष 2020 में यह आंकड़ा लगभग 38,000 सीटों का था, जबकि 2026 में इसके करीब तीन लाख तक पहुंचने का अनुमान है। इस तरह छह वर्षों में मांग लगभग सात गुना बढ़ने की संभावना है। व्यापक आर्थिक उतार-चढ़ाव के बावजूद फ्लेक्सिबल ऑफिस स्पेस की मांग में यह वृद्धि दर्ज की गई है।

बाजार के विस्तार में संस्थागत निवेशकों की बढ़ती भागीदारी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस क्षेत्र में दीर्घकालिक पूंजी आने से निवेश और संचालन में अधिक अनुशासन विकसित हो रहा है। साथ ही, ऑफिस स्पेस इस्तेमाल करने वाली कंपनियों की बदलती अपेक्षाओं के कारण ऑपरेटर बेहतर गुणवत्ता और उन्नत सुविधाओं वाले कार्यस्थल उपलब्ध कराने पर ध्यान दे रहे हैं।

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) और बहुराष्ट्रीय कंपनियां नए बाजारों में प्रवेश करने तथा अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए फ्लेक्सिबल ऑफिस स्पेस का अधिक इस्तेमाल कर रही हैं। इसके साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़े कारोबार भी इस क्षेत्र के लिए नए अवसर पैदा कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में फ्लेक्सिबल ऑफिस क्षेत्र के भीतर एआई इकोसिस्टम विकसित हुआ है। तैयार सुविधाओं वाले और जरूरत के अनुसार आसानी से विस्तार किए जा सकने वाले कार्यस्थल एआई कंपनियों की बदलती जरूरतों के अनुकूल हैं। इन रुझानों से आने वाले वर्षों में बाजार की वृद्धि को समर्थन मिलने की उम्मीद है।

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