धीरेंद्र शास्त्री ने दमोह में हिंदुओं से एकजुट रहने की अपील की, बोले- मुसीबत में घर से नहीं निकले तो सबसे बड़े बुजदिल
दमोह जिले: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथयात्रा तीसरे दिन मध्य प्रदेश के दमोह जिले के हटा से रवाना हुई। यात्रा आगे बढ़ने से पहले धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान गौरीशंकर के दर्शन किए। इसके बाद सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ और राष्ट्रगान हुआ। इस दौरान बच्चों को सनातन धर्म, हिंदू एकता और सामाजिक समरसता से जुड़े सात वचनों का पालन करने की शपथ दिलाई गई।
यात्रा में अयोध्या की हनुमानगढ़ी के राजू दास महाराज, मलूकपीठ के गंगा दास महाराज, हरिद्वार के मोनी महाराज और चित्रकूट धाम के राधेश्याम महाराज भी धीरेंद्र शास्त्री के साथ मौजूद रहे। हटा से यात्रा रवाना होने के दौरान श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर स्वागत किया। ग्रामीणों ने फूलों से रंगोली बनाई और ढोल-नगाड़ों के साथ यात्रा का अभिनंदन किया। स्वागत के लिए स्कूली छात्राएं भी कलश लेकर खड़ी रहीं।
इस दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने लोगों से सवाल किया कि यदि भविष्य में किसी हिंदू पर मुसीबत आती है, तो क्या वे उसकी मदद के लिए घर से बाहर निकलेंगे। उन्होंने कहा कि यदि संकट के समय भी लोग घर से बाहर नहीं निकलते हैं, तो वे सबसे बड़े बुजदिल हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रथयात्रा का उद्देश्य राजनीति में प्रवेश करना या किसी को वोट दिलवाना नहीं है।
यात्रा के पहले दिन भी धीरेंद्र शास्त्री ने धर्म के प्रति प्रतिबद्धता और हिंदुओं की एकता पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि चाहे कितने भी विरोधी सामने आएं, प्राण चले जाने की स्थिति में भी धर्म नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने सनातन धर्म को मानने वालों की एकजुटता को भारत की मजबूती से जोड़ा। यात्रा के दौरान श्रद्धालु जात-पात समाप्त करने और आपसी भाईचारे का संदेश देने वाले नारे लगाते रहे।
यात्रा में शामिल कुछ युवकों ने भी उत्साह जताते हुए कहा कि कोई आकर यात्रा रोककर दिखाए। बिहार से आए संत ऋषि ने पन्ना में मिले सहयोग और उत्साह की सराहना की। उन्होंने लोगों से अच्छे कार्यों में सहयोग करने, गुरु के साथ जुड़े रहने और उनकी बातों का पालन करने की अपील की।
सनातन हिंदू एकता रथयात्रा 3.0 रविवार सुबह करीब 11:30 बजे बागेश्वर धाम से शुरू हुई थी। पांच दिनों की इस यात्रा में लगभग 500 किलोमीटर की दूरी तय की जानी है। यात्रा पांच जिलों से होकर गुजरेगी। इसके घोषित उद्देश्यों में सनातन एकता, सामाजिक समरसता, नशामुक्ति और लव जिहाद से मुक्त बुंदेलखंड का संकल्प शामिल है। सोमवार को पन्ना में रात्रि विश्राम के बाद यात्रा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, राष्ट्रगान और बच्चों को शपथ दिलाने के कार्यक्रम के साथ आगे बढ़ी।
यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने अपने अनुभव भी साझा किए। इंदौर की दीपिका ने कहा कि साधु-संतों और सुंदरकांड मंडल के प्रयासों से ऐसा हिंदू राष्ट्र बनना चाहिए, जो केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि लोगों के विचारों और आचरण में भी दिखाई दे। उन्होंने सभी को समान अधिकार और सम्मान मिलने की बात कही।
कानपुर के मातृशक्ति सुंदरकांड मंडल की सदस्य संध्या सिंह अपने साथियों के साथ पैदल यात्रा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वह अपनी इच्छा से गुरु सेवा और हिंदू राष्ट्र के संकल्प के लिए निकली हैं तथा इसे अपनी जिम्मेदारी भी मानती हैं। श्रद्धालु पूजा दुबे ने बताया कि महाराज के आशीर्वाद से उनके परिवार और बेटी को लाभ मिला है। वहीं, सीता व्यास ने कहा कि वह चार साल से धीरेंद्र शास्त्री से जुड़ी हैं और उन्हें देखकर भावुक हो जाती हैं।
