October 13, 2026

लेह एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का 15 अक्टूबर को उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी, 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से हुआ निर्माण

0
24-1791803163
नई दिल्ली: लद्दाख के लेह स्थित कुशोक बकुला रिम्पोचे (केबीआर) एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अक्टूबर को इस आधुनिक टर्मिनल का वर्चुअल उद्घाटन कर सकते हैं। इसके लिए जमीन पर जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अब कार्यक्रम के समय को लेकर अंतिम मंजूरी का इंतजार है। इस नई सुविधा के शुरू होने से हवाई अड्डे की यात्री क्षमता बढ़ेगी और यात्रियों को पहले के मुकाबले बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने उद्घाटन कार्यक्रम से पहले निर्माण स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने नए टर्मिनल के विभिन्न हिस्सों को देखा, जिनमें प्रस्थान लाउंज, आगमन लाउंज, प्रतीक्षालय, यात्रियों की जांच के लिए निर्धारित क्षेत्र और फूड लाउंज शामिल हैं। उन्होंने यात्रियों को दी जाने वाली दूसरी सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। साथ ही, टर्मिनल को पूरी तरह चालू करने के लिए शेष कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों के अनुसार, भवन से जुड़ी संरचनात्मक और परिचालन तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। उम्मीद है कि उद्घाटन के तुरंत बाद नए टर्मिनल को यात्रियों के इस्तेमाल के लिए खोल दिया जाएगा।

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने इस परियोजना को 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया है। लगभग 23,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली यह तीन मंजिला इमारत सालाना 35 लाख यात्रियों को संभालने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसके अलावा, यहां प्रतिदिन 54 उड़ानों के संचालन को ध्यान में रखकर सुविधाएं विकसित की गई हैं। नए टर्मिनल में यात्रियों की आवाजाही और विमान सेवाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए आधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। इनमें 20 चेक-इन काउंटर, इनलाइन बैगेज हैंडलिंग सिस्टम, सामान प्राप्त करने के लिए दो कैरोसेल, 15 लिफ्ट और 12 एस्केलेटर शामिल हैं। इन सुविधाओं से यात्रियों के चेक-इन, सामान प्रबंधन और टर्मिनल के भीतर आवागमन में मदद मिलने की उम्मीद है।

नई टर्मिनल बिल्डिंग को ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण अनुकूल तकनीक को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें 700 किलोवाट पीक क्षमता का रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया गया है। इसके साथ ही, अत्यधिक ठंड वाले मौसम में इमारत को गर्म रखने के लिए भू-तापीय तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है। इस परियोजना में शून्य से नीचे तापमान वाले सर्दियों के मौसम की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। भू-तापीय तकनीक के उपयोग को भारत में इस तरह की व्यवस्था के शुरुआती बड़े पैमाने के इस्तेमाल के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इससे लेह जैसे ठंडे क्षेत्र में हवाई अड्डे के संचालन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

टर्मिनल के उद्घाटन के बाद परियोजना के दूसरे चरण के तहत पुराने टर्मिनल को गिराने की योजना है। अधिकारियों के मुताबिक, इससे हवाई अड्डे के एप्रन का विस्तार करने और विमानों के संचालन से जुड़ी अतिरिक्त सुविधाएं विकसित करने का रास्ता साफ होगा। योजना में तीन एयरोब्रिज और विमानों की पार्किंग के लिए चार अतिरिक्त बे बनाने का प्रस्ताव शामिल है। इन बदलावों से यात्रियों को विमान तक पहुंचने में सुविधा मिलने के साथ विमानों की पार्किंग और परिचालन व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। इससे पहले 11 अगस्त को मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने लेह एयरपोर्ट के नए टर्मिनल के निर्माण और नुब्रा क्षेत्र के थॉइस एयरपोर्ट से नागरिक उड़ान सेवाएं शुरू करने की प्रगति की समीक्षा के लिए बैठक की थी। उस बैठक में एएआई के एयरपोर्ट निदेशक और परियोजना महाप्रबंधक ए. उमाशंकर ने निर्माण कार्य की स्थिति की जानकारी दी थी। अब नई टर्मिनल बिल्डिंग तैयार होने के बाद इसके उद्घाटन और यात्रियों के लिए संचालन शुरू होने पर ध्यान केंद्रित है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *