नवरात्र व्रत में क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज? फलाहार से लेकर मसालों तक, यहां देखें पूरी लिस्ट
नवरात्र व्रत में क्या खा सकते हैं?
नवरात्र के दौरान व्रत रखने वाले लोग अपनी परंपरा और व्रत के नियमों के अनुसार फल, दूध, मेवे और कुछ खास अनाजों से बने व्यंजन खा सकते हैं।
1. कुट्टू, सिंघाड़े और राजगिरा का आटा
व्रत में गेहूं के आटे की जगह कुट्टू, सिंघाड़े और राजगिरा के आटे का इस्तेमाल किया जाता है। इनसे पूरी, पराठे और अन्य फलाहारी व्यंजन बनाए जा सकते हैं।
2. साबूदाना और समा के चावल
साबूदाने की खिचड़ी, खीर और वड़े के अलावा समा के चावल से बनी खिचड़ी भी व्रत में खाई जाती है। इन्हें फलाहार के लोकप्रिय विकल्पों में गिना जाता है।
3. व्रत में खाई जाने वाली सब्जियां
कद्दू, लौकी, खीरा, आलू, अरबी, रतालू, गाजर और शकरकंद का सेवन किया जा सकता है। टमाटर और अदरक का इस्तेमाल भी कई घरों में व्रत के भोजन में किया जाता है।
4. दूध और दूध से बने पदार्थ
व्रत के दौरान दूध, दही, पनीर, मावा, छाछ, लस्सी, मक्खन और देसी घी का सेवन किया जा सकता है। इनका इस्तेमाल फलाहारी व्यंजन तैयार करने में भी होता है।
5. मौसमी फल
सेब, केला, अनार, पपीता और संतरा जैसे फल व्रत के लिए अच्छे विकल्प हैं। फल खाने से शरीर को ऊर्जा और जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं।
6. सूखे मेवे और मखाना
किशमिश, बादाम, काजू, अखरोट, मखाना और मूंगफली को व्रत के भोजन में शामिल किया जा सकता है। इन्हें सीधे खाने के अलावा खीर और दूसरे फलाहारी व्यंजनों में भी इस्तेमाल किया जाता है।
7. सेंधा नमक और चुनिंदा मसाले
व्रत में सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जाता है। काली मिर्च, जीरा, हरी मिर्च, हरा धनिया और छोटी इलायची जैसे मसाले कई परंपराओं में स्वीकार्य हैं।
नवरात्र व्रत में किन चीजों से बचना चाहिए?
व्रत के पारंपरिक नियमों के अनुसार कुछ खाद्य पदार्थों से परहेज किया जाता है। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में इनके नियम कुछ भिन्न हो सकते हैं।
1. गेहूं, चावल और अन्य सामान्य अनाज
व्रत के दौरान गेहूं, सामान्य चावल, सूजी, मैदा, जई और बेसन से बने व्यंजन नहीं खाए जाते। इनके स्थान पर व्रत में मान्य आटे और समा के चावल का उपयोग किया जाता है।
2. दालें और दालों से बने खाद्य पदार्थ
चना, अरहर, मूंग, मसूर और अन्य दालों का सेवन पारंपरिक नवरात्र व्रत में नहीं किया जाता। बेसन से बनी चीजों से भी परहेज रखा जाता है।
3. सामान्य नमक और कुछ मसाले
व्रत में साधारण नमक की जगह सेंधा नमक इस्तेमाल करने की परंपरा है। कई परिवार हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला, धनिया पाउडर, हींग और राई का उपयोग भी नहीं करते।
4. प्याज और लहसुन
नवरात्र के दौरान सात्विक भोजन करने की परंपरा है। इसी वजह से प्याज और लहसुन से परहेज किया जाता है। कई श्रद्धालु पूरे नौ दिनों तक इनका सेवन नहीं करते।
5. पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड
बाजार में मिलने वाले पैकेट वाले जूस, प्रोसेस्ड स्नैक्स और सॉस या केचप से परहेज करना उचित माना जाता है। पैकेट पर लिखी सामग्री जांचना जरूरी है, क्योंकि कुछ उत्पादों में ऐसे तत्व हो सकते हैं जो व्रत के नियमों के अनुकूल न हों।
6. मांसाहार और शराब
नवरात्र के दौरान पारंपरिक रूप से मांस, मछली, अंडे और शराब का सेवन नहीं किया जाता। श्रद्धालु इन दिनों सात्विक भोजन और संयमित दिनचर्या अपनाते हैं।
व्रत रखते समय इन बातों का भी रखें ध्यान
अपनी परंपरा और व्रत के संकल्प के अनुसार ही भोजन चुनें।
लंबे समय तक भूखे रहने के बजाय व्रत में मान्य फल, दूध और अन्य खाद्य पदार्थ उचित मात्रा में लें।
पर्याप्त पानी पिएं, विशेषकर तब जब आप निर्जला व्रत नहीं रख रहे हों।
मधुमेह या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोग लंबे उपवास से पहले डॉक्टर की सलाह लें।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित परंपराओं पर आधारित है। अलग-अलग क्षेत्रों, समुदायों और परिवारों में व्रत के नियम भिन्न हो सकते हैं। इसे सामान्य धार्मिक जानकारी के रूप में लें।
