Uttarakhand: हरकी पैड़ी से सीएम धामी का चुनावी शंखनाद:गंगा किनारे मंत्रियों के साथ की पूजा-पाठ
-
आज पहली बार हरिद्वार में होगी कैबिनेट बैठक
उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक आज पहली बार हरिद्वार में होगी। सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक से पहले सीएम हरकी पैड़ी में मंत्रियों के साथ पूजा-पाठ कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यहां पूजन के बाद शंख भी बजाया। इस शंखनाद को विधानसभा चुनाव से भी जोड़ कर देखा जा रहा है। शंखनाद के बाद उन्होंने गंगा की आरती की और दूध चढ़ाया।
कैबिनेट बैठक में केंद्र सरकार के सहयोग पर धन्यवाद प्रस्ताव लाने की तैयारी है। इसके साथ ही आगामी विधानसभा सत्र की तारीख और स्थान पर भी फैसला हो सकता है। बैठक में 2014 के बाद उत्तराखंड में हुए विकास कार्यों और केंद्र सरकार से मिले बजट का ब्योरा रखा जाएगा।

इसमें बिजली, पानी, शौचालय और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े आंकड़े भी शामिल होंगे। इससे पहले 4 अक्टूबर को धामी सरकार की कैबिनेट बैठक पहली बार चंपावत जिले के बनबसा में हुई थी। अब आठ दिन बाद हरिद्वार में कैबिनेट की बैठक होने जा रही है।

कैबिनेट में इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
धन्यवाद प्रस्ताव: बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में उत्तराखंड को मिले सहयोग के लिए धन्यवाद प्रस्ताव लाने की तैयारी है। इसके लिए सरकार वर्ष 2014 के बाद राज्य में हुए विकास कार्यों और केंद्र से जारी बजट का विवरण मंत्रिमंडल के सामने रखेगी। प्रस्ताव के जरिए केंद्र से मिले सहयोग के प्रति आभार जताया जाएगा।
बिजली और पानी की स्थिति: सरकार बिजली और पेयजल की उपलब्धता से जुड़े आंकड़े भी रखेगी। इसमें बताया जाएगा कि पहले राज्य में हर घर तक बिजली और पानी पहुंचाने की स्थिति क्या थी। इसके साथ ही इन सुविधाओं के विस्तार के लिए हुए कामों का ब्योरा सामने रखा जाएगा।
शौचालयों का ब्योरा: स्वच्छता के क्षेत्र में हुए कामों की जानकारी भी बैठक में रखी जाएगी। इसमें शहरों और गांवों में शौचालयों की उपलब्धता का विवरण शामिल होगा। सरकार के प्रस्ताव में बुनियादी सुविधाओं के विकास से जुड़े इन आंकड़ों को भी जगह दी जाएगी।
हाईवे पर हुए काम: राज्य में नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे के विकास की प्रगति का ब्योरा भी कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। इसमें वर्ष 2014 के बाद सड़क नेटवर्क में हुए विकास कार्यों और इनमें केंद्र के सहयोग की जानकारी शामिल होगी।
विधानसभा सत्र कब-कहां?: आगामी विधानसभा सत्र को लेकर भी कैबिनेट बैठक अहम रहेगी। इसमें सत्र की तारीख तय करने के साथ आयोजन स्थल पर निर्णय हो सकता है। विधानसभा की कार्यवाही गैरसैंण में होगी या देहरादून में, इस पर कैबिनेट के फैसले के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
ज्ञात हो इससे पहले धामी सरकार ने 4 अक्टूबर को चंपावत जिले के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में कैबिनेट बैठक की थी। यह धामी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक थी, जो चंपावत जिले में आयोजित हुई। इसके बाद अब हरिद्वार में बैठक हो रही है। मुख्यमंत्री ने बनबसा बैठक के बाद कहा था कि कैबिनेट की बैठकें दूसरे जिलों में भी आयोजित की जाएंगी, ताकि स्थानीय मुद्दों और विकास की जरूरतों पर चर्चा हो सके।
बनबसा की बैठक में 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी। इनमें युवाओं के लिए पांच साल में 200 करोड़ रुपए की मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना, पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार के लिए 66.29 करोड़ रुपए जारी करने, निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के मानकों में बदलाव और रेजिडेंट डॉक्टरों के मानदेय के पुनर्निर्धारण जैसे फैसले शामिल थे।
इधर, अनुपमा रावत ने रखीं 2 मांगें, आमरण अनशन की चेतावनी
पूर्व सीएम हरीश रावत की बेटी और हरिद्वार ग्रामीण से कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने कैबिनेट बैठक से पहले लालढांग में रवासन नदी पर पुल निर्माण शुरू कराने और भोजनमाताओं का मानदेय बढ़ाकर 5 हजार रुपए करने का शासनादेश जारी करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि बैठक में मांगें पूरी नहीं हुईं तो वह आमरण अनशन करेंगी।
रविवार को उन्होंने भोजनमाताओं के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं। अनुपमा ने कहा कि पुल नहीं होने से नदी पार करते समय कई लोग जान गंवा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनावी साल में बैठकें कर रही है, लेकिन जनता की समस्याओं पर ठोस फैसले नहीं ले रही।
UPDATE : हरिद्वार कैबिनेट की बैठक: इन बड़े फैसलों पर लगी मुहर
Dhami Cabinet Decisions इस बार देहरादून सचिवालय से नहीं, बल्कि धर्मनगरी हरिद्वार से आए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार में हुई पहली कैबिनेट बैठक में 13 प्रस्ताव रखे गए और सभी को मंजूरी मिल गई। बैठक से पहले मुख्यमंत्री धामी और सभी मंत्रियों ने हर की पौड़ी पर मां गंगा का पूजन किया। इस मौके पर कुंभ मेला 2027 के सफल आयोजन की कामना की गई।
जनता के बीच फैसले लेने का संदेश
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हरिद्वार में बैठक करने का मकसद यही है कि जनता से जुड़े फैसले जनता के बीच ही लिए जाएं। उन्होंने कहा कि सभी मंत्रियों की भी यही सोच है कि सरकार लोगों के बीच जाकर काम करे। बैठक में कुंभ मेला 2027 की तैयारियों, विकास कार्यों, स्वास्थ्य, आवास और आगामी विधानसभा सत्र से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने मीडिया को फैसलों की जानकारी दी।
अग्निवीरों को सरकारी भर्ती में और ज्यादा छूट
बैठक का सबसे बड़ा फैसला अग्निवीरों से जुड़ा रहा। समूह ग के वर्दीधारी पदों की भर्ती में उन्हें पहले से 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण मिल रहा है। अब इसके साथ उन्हें लिखित परीक्षा, शारीरिक परीक्षा और जरूरी ऊंचाई के मानकों में भी छूट दी जाएगी। इससे सेना से लौटने वाले युवाओं के लिए राज्य की सरकारी नौकरियों का रास्ता और आसान होगा।
ऋषिकुल मैदान में बनेगा प्राच्य शोध संस्थान
हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान की स्थापना को मंजूरी मिली है। यहां भारतीय योग, ध्यान और ज्योतिष जैसी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां चलाई जाएंगी। यह संस्थान सोसायटी मोड पर चलेगा और इसके लिए समिति बनाने की मंजूरी भी कैबिनेट ने दे दी है।
Dhami Cabinet Decisions में हरिद्वार को और क्या मिला?
हरिद्वार में ईएसआई अस्पताल बनाने के लिए 10 एकड़ जमीन देने का फैसला लिया गया है। ईएसआई अस्पताल में बीमित कर्मचारियों और उनके परिवारों का इलाज होता है, इसलिए जिले के कामगारों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। इसके अलावा हरिद्वार के भगवानपुर में चल रही सरकारी आवासीय योजना के लिए सड़क के मानकों में कमी करने को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है।
बाढ़ क्षेत्र को लेकर नई नियमावली
कैबिनेट ने बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली को भी मंजूरी दी है। इसके तहत नदियों के आसपास बाढ़ वाले इलाकों को चिन्हित करके वहां निर्माण और उपयोग के नियम तय किए जाते हैं। उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में, जहां हर साल बारिश के मौसम में नदियां उफान पर रहती हैं, यह फैसला जान-माल की सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
