October 12, 2026

MP में 20 अक्टूबर से बढ़ेगी रात की ठंड, इंदौर में पारा 15.8 डिग्री पर पहुंचा, दिन में गर्मी बरकरार

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भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। कहीं दिन में तेज धूप और गर्मी परेशान कर रही है, तो कहीं रात का तापमान गिरने से ठंडक महसूस होने लगी है। रविवार को ग्वालियर-चंबल और रीवा संभाग के कई इलाकों में मौसम बदला रहा। कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हुई, जबकि कई जगह बादल छाए रहे।

मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, सोमवार से सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव खत्म होने की संभावना है। इसके बाद रात के तापमान में गिरावट का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग ने 20 अक्टूबर से रात में ठंड बढ़ने का अनुमान जताया है। हालांकि, अक्टूबर के दौरान दिन में गर्मी का असर बना रह सकता है।

इंदौर सबसे ठंडा, भोपाल में 17.8 डिग्री रहा पारा

रविवार-सोमवार की रात प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इंदौर में रात का पारा 15.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा शाजापुर में 16.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 16.9 डिग्री, पचमढ़ी में 17.5 डिग्री और भोपाल में 17.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।

दूसरी ओर, दिन के तापमान में अभी खास गिरावट नहीं आई है। ग्वालियर और नर्मदापुरम में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। ऐसे में प्रदेश में फिलहाल दिन और रात के मौसम में अंतर देखने को मिल रहा है।

रविवार को ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज और सतना में मौसम में बदलाव देखा गया। कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई, जबकि अन्य स्थानों पर बादलों की आवाजाही रही।

पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती सिस्टम पर नजर

मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके साथ ही चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। आने वाले दिनों में यदि इन मौसम प्रणालियों का असर मध्य प्रदेश तक पहुंचता है, तो कुछ क्षेत्रों में बारिश हो सकती है।

हालांकि, फिलहाल अगले चार दिनों तक प्रदेश में बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। मौसम प्रणालियों की गतिविधियों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

3 अक्टूबर को मानसून की विदाई, फिर भी हुई बारिश

मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को विदा हो गया था। इसके बावजूद सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में दोबारा बारिश का दौर देखने को मिला।

मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंड तीनों तरह की स्थितियां देखने को मिली हैं। इस बार भी मौसम का यही मिला-जुला रूप सामने आ रहा है। अक्टूबर की शुरुआत में आसमान साफ होने और तेज धूप निकलने के साथ दिन गर्म रहे, जबकि रात में अपेक्षाकृत ठंडक महसूस हुई। इस साल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन तक सक्रिय रहा।

सामान्य से 1.5 इंच कम हुई बारिश

जून से सितंबर के मानसूनी सीजन में मध्य प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर यानी करीब 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य बारिश 949.5 मिलीमीटर यानी लगभग 37.3 इंच से करीब 1.5 इंच कम है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से लगभग 4 प्रतिशत कम बारिश हुई।

क्षेत्रवार आंकड़ों में अंतर रहा। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम पानी गिरा। पूर्वी क्षेत्र के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक रहा।

इन जिलों में सामान्य से कम बारिश

प्रदेश के कई जिलों में मानसूनी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहा। पूर्वी हिस्से में बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।

पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई।

25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

प्रदेश के 25 जिलों में बारिश सामान्य के आंकड़े तक पहुंच गई। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

इसके विपरीत, 30 जिलों में बारिश सामान्य से कम रही। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

फिलहाल प्रदेश में मौसम का दोहरा मिजाज बना हुआ है। दिन में गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं, जबकि आने वाले दिनों में रातें ठंडी होने की संभावना है।

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