रणबीर कपूर की रामायण के सेट पर लगी आग, समय रहते बुझाई गई लपटें, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हालांकि राहत की बात यह रही कि आग को समय रहते काबू में कर लिया गया और इसे आसपास के इलाके में फैलने से रोक दिया गया। इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की खबर नहीं है। सेट पर मौजूद लोगों को भी सुरक्षित बताया गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग फिल्म के मुख्य शूटिंग सेट के भीतर नहीं बल्कि उसके बाहर लगाए गए एक टेंट में लगी थी। इसके बावजूद घटना ने बड़े फिल्म सेटों पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज यानी FWICE ने भी इस घटना की पुष्टि की है। संगठन के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने बताया कि कुछ दिन पहले भी आसपास के एक स्थान पर आग लगने की घटना हुई थी। इसके बाद FWICE की ओर से फिल्म निर्माताओं और प्रोड्यूसर्स से संपर्क कर सेट पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने की अपील की गई थी। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाओं को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए क्योंकि बड़े फिल्म सेट पर बड़ी संख्या में कलाकार तकनीकी कर्मचारी और अन्य लोग मौजूद रहते हैं।
बीएन तिवारी के मुताबिक इस घटना में किसी को चोट नहीं आई और नुकसान भी सीमित रहा लेकिन इसे फिल्म यूनिट के लिए चेतावनी के तौर पर देखा जाना चाहिए। उन्होंने प्रोडक्शन टीमों से अपील की कि आग से बचाव के लिए जरूरी इंतजामों की नियमित जांच की जाए और छोटी सी लापरवाही को भी नजरअंदाज न किया जाए।
रामायण को लेकर दर्शकों में पहले से ही जबरदस्त उत्सुकता है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी। यश फिल्म में रावण की भूमिका में दिखाई देंगे। वहीं रवि दुबे लक्ष्मण का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म में अरुण गोविल भी अहम भूमिका में हैं और वह राजा दशरथ के किरदार में दिखाई देंगे।
अरुण गोविल का रामायण से पुराना और खास रिश्ता रहा है। उन्होंने रामानंद सागर की लोकप्रिय रामायण में भगवान राम की भूमिका निभाई थी। यही वजह है कि उनकी इस फिल्म में मौजूदगी को लेकर भी दर्शकों के बीच खास उत्साह बना हुआ है।
फिल्म का पहला पार्ट 8 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने की जानकारी दी गई है। रिलीज से पहले सेट पर हुई आग की यह घटना भले ही बड़ी दुर्घटना में तब्दील नहीं हुई लेकिन इसने एक बार फिर फिल्म निर्माण के दौरान सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देने की जरूरत सामने ला दी है।
