'हिन्दू फारसी शब्द, धर्मग्रंथों में कहीं नहीं', दिग्विजय सिंह क्यों निकाल रहे सनातन यात्रा?
मुंबई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ निकालने जा रहे हैं। यह यात्रा 20 अक्टूबर को उज्जैन से शुरू होकर अयोध्या तक जाएगी। यात्रा से पहले दिग्विजय सिंह का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने इसके उद्देश्य के बारे में विस्तार से बताया है। उन्होंने दावा किया कि ‘हिन्दू’ शब्द फारसी भाषा से आया है और वेद, पुराण तथा उपनिषदों में इसका उल्लेख नहीं मिलता।
वीडियो में दिग्विजय सिंह ने विश्व हिंदू परिषद (VHP), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विनायक दामोदर सावरकर को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘हिन्दू’ शब्द के इस्तेमाल के जरिए हिंदुओं और मुसलमानों तथा हिंदुओं और सिखों के बीच खाई पैदा की गई।
‘धर्मग्रंथों में हिन्दू शब्द का इस्तेमाल नहीं’
दिग्विजय सिंह ने कहा कि आजकल लोग ‘हिन्दू धर्म’ की जगह ‘सनातन धर्म’ शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जब से उन्होंने सनातन धर्म शब्द का इस्तेमाल करना शुरू किया, तब से और अधिक लोगों ने भी इस शब्द का प्रयोग शुरू किया है।
उन्होंने कहा कि ‘हिन्दू’ शब्द फारसी भाषा का है और भारतीय धर्मग्रंथों में इसका उल्लेख नहीं मिलता। दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि वेदों, पुराणों और उपनिषदों में कहीं भी हिन्दू शब्द का इस्तेमाल नहीं हुआ है।
80 साल की उम्र में उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा
दिग्विजय सिंह ने वीडियो की शुरुआत में कहा कि लोग उनसे सवाल करते हैं कि उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा करने की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनके लिए उम्र मायने नहीं रखती और वह खुद को अभी 50 साल का महसूस करते हैं।
उन्होंने बताया कि यात्रा उज्जैन के शिवधाम से अयोध्या के रामधाम तक जाएगी। उनके मुताबिक, यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म के वास्तविक अर्थ, उसके मूल विचार और उसके महत्व को लोगों तक पहुंचाना है।
VHP और सावरकर पर लगाए आरोप
दिग्विजय सिंह ने कहा कि देश में सनातन धर्म को लगातार ‘हिन्दू-हिन्दू’ कहने की परंपरा के लिए विश्व हिंदू परिषद और दामोदर सावरकर को जिम्मेदार माना जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी प्रक्रिया के कारण हिंदुओं और मुसलमानों तथा हिंदुओं और सिखों के बीच विभाजन पैदा हुआ।
उन्होंने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधी ने सनातन धर्म को अपनाया और उसे अपने जीवन में उतारा।
‘पूरी दुनिया को अपना बंधु मानता है सनातन’
दिग्विजय सिंह ने कहा कि सनातन धर्म की मूल भावना में पूरी दुनिया को अपना बंधु मानने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म प्राणियों के कल्याण और अधर्म के नाश की बात करता है तथा विश्व के कल्याण की कामना करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विश्व हिंदू परिषद और RSS मिलकर सनातन धर्म के इस मूल उद्देश्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनकी ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ में सनातन धर्म का उद्देश्य और महत्व लोगों को बताया जाएगा। यात्रा 20 अक्टूबर को उज्जैन से शुरू होकर अयोध्या पहुंचेगी।
