लाड़ली बहना के सवाल पर ठहाकों से गूंजा बुंदेली समागम, CM मोहन यादव बोले मुझे क्या पता था इतनी भारी मार पड़ेगी
बिन्नू रानी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उन्होंने अपनी जिज्जियों यानी बहनों के लिए तो काफी कुछ किया है लेकिन उनकी बिन्नुओं यानी बेटियों के लिए वह क्या करना चाहते हैं। सवाल सुनकर मुख्यमंत्री ने हल्के फुल्के अंदाज में कहा कि उन्हें क्या पता था कि मुख्यमंत्री बनते ही इतनी भारी मार पड़ती है। मुख्यमंत्री के इस जवाब के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच ठहाके गूंजने लगे।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उनकी बहनों के लिए किसी तरह की परेशानी नहीं है। उन्होंने लाड़ली बहना योजना की शुरुआत में मिलने वाली एक हजार रुपए की राशि का जिक्र किया। साथ ही बताया कि अब यह सहायता बढ़कर डेढ़ हजार रुपए तक पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री ने बिन्नू रानी से मजाकिया अंदाज में कहा कि अभी वह लाड़ली बहना योजना के लिए छोटी हैं और जब बड़ी हो जाएंगी तो उन्हें भी इसका लाभ दिया जाएगा।
बुंदेली समागम में मुख्यमंत्री से बुंदेलखंड के विकास और युवाओं से जुड़े सवाल भी किए गए। एक युवा ने उनसे पूछा कि अगर बुंदेलखंड के युवाओं की कोई एक समस्या 24 घंटे में हल करनी हो तो वह क्या करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड जैसी बड़ी समस्या को 24 घंटे में हल करना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के लोगों में क्षमता योग्यता और बुद्धिमत्ता की कमी नहीं है। सरकार का काम उन्हें आगे बढ़ने के लिए अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड से होने वाले पलायन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले रोजगार और पानी से जुड़ी समस्याओं के कारण क्षेत्र से पलायन की स्थिति बनती थी। अब सरकार सिंचाई का रकबा बढ़ाने पर काम कर रही है। इसी क्रम में केन बेतवा जैसी बड़ी परियोजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी की उपलब्धता बढ़ने से क्षेत्र के कई सेक्टर में बदलाव आने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में फिल्म अभिनेता मुकेश तिवारी के साथ बड़ी संख्या में बुंदेली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनसे संवाद किया और उनके सवालों के जवाब भी दिए। कार्यक्रम में बुंदेली संस्कृति और क्षेत्र की समस्याओं के साथ सरकार की योजनाओं को लेकर भी चर्चा हुई।
लाड़ली बहना योजना की बात करें तो इसकी घोषणा 28 जनवरी 2023 को तत्कालीन शिवराज सरकार ने की थी। योजना का औपचारिक शुभारंभ 5 मार्च 2023 को हुआ था। शुरुआत में पात्र महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान था। जून 2023 में योजना की पहली किस्त जारी की गई थी।
शुरुआती चरण में करीब एक करोड़ 25 लाख महिलाएं योजना के लिए पात्र थीं। पहली किस्त के दौरान एक करोड़ से ज्यादा महिलाओं को भुगतान किया गया था। इसके बाद समय के साथ योजना की मासिक सहायता राशि बढ़ाई गई। सितंबर 2026 में जारी 40वीं किस्त के दौरान करीब एक करोड़ 25 लाख महिलाओं के खातों में राशि भेजी गई। मौजूदा समय में पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए की सहायता राशि मिल रही है।
बुंदेली समागम में मुख्यमंत्री की लाड़ली बहना पर की गई टिप्पणी भले ही मजाकिया अंदाज में रही हो लेकिन इसके जरिए उन्होंने योजना की जिम्मेदारी और महिलाओं के लिए सरकार की आर्थिक सहायता का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों की प्रतिक्रियाओं और सवाल जवाब के बीच मुख्यमंत्री का यह अंदाज चर्चा का विषय बना रहा।
