October 4, 2026

फिरोजपुर सीमा पर घुसपैठ को लेकर भारत सख्त, पाकिस्तानी उच्चायोग के चार्ज द अफेयर्स तलब

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नई दिल्ली। पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हुई घटना को लेकर भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा राजनयिक विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान उच्चायोग के चार्ज द अफेयर्स को तलब कर सीमा पार से अवैध घुसपैठ को बढ़ावा दिए जाने पर आपत्ति जताई और पाकिस्तान की ओर से लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद और प्रेरित बताया।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पाकिस्तानी पक्ष को घटना का भारत का पूरा पक्ष बताया गया। भारत ने कहा कि तीन लोग पाकिस्तान की ओर से भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए थे। बीएसएफ ने उन्हें कई बार चेतावनी देकर वापस लौटने को कहा, लेकिन वे नहीं रुके और सीमा पर लगी बाड़ की तरफ बढ़ते रहे। भारत के अनुसार, सुरक्षा के लिए तत्काल खतरा पैदा होने पर बीएसएफ को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी।

भारत ने कहा- यह अकेली घटना नहीं
विदेश मंत्रालय ने कहा कि फिरोजपुर की घटना को अलग-थलग मामले के तौर पर नहीं देखा जा सकता। भारत के मुताबिक, पाकिस्तान से संचालित हथियारबंद नशा तस्करी गिरोहों की सीमा पार आवाजाही का एक पैटर्न सामने आता रहा है।

भारत ने पाकिस्तान सरकार से सीमा पार घुसपैठ और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों की जांच करने को कहा है। इसके साथ ही पाकिस्तान के सीमा सुरक्षा बलों की कथित मिलीभगत की भी जांच कराने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की गई है।

अंतरराष्ट्रीय सीमा की पवित्रता का सम्मान करने को कहा
भारत ने पाकिस्तान से कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय सीमा की पवित्रता का सम्मान करे और दोनों देशों के बीच लागू संबंधित द्विपक्षीय व्यवस्थाओं का सख्ती से पालन सुनिश्चित करे। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से यह भी कहा कि वह अपने सीमा सुरक्षा बलों को अपनी तरफ से होने वाली अनधिकृत आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश दे। भारत ने जोर दिया कि ऐसे ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, जिससे इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

पाकिस्तान ने भी दर्ज कराया था विरोध
इस घटना को लेकर दोनों देशों के पक्ष अलग-अलग हैं। पाकिस्तान ने इससे पहले भारतीय राजनयिक को तलब कर बीएसएफ की कार्रवाई पर आपत्ति जताई थी। पाकिस्तानी पक्ष का कहना है कि मारे गए लोग निर्दोष नागरिक थे और उन्होंने अनजाने में सीमा पार की थी। पाकिस्तान ने घटना की पारदर्शी जांच की मांग भी की है।

वहीं भारत का कहना है कि तीन लोग भारतीय क्षेत्र की ओर बढ़ रहे थे और बीएसएफ की बार-बार चेतावनी के बावजूद उन्होंने आगे बढ़ना जारी रखा। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से एक व्यक्ति वापस पाकिस्तान की ओर चला गया, जबकि दो अन्य आगे बढ़ते रहे और बीएसएफ की कार्रवाई में मारे गए।

सीमा सुरक्षा और नशा तस्करी पर भारत का जोर
विदेश मंत्रालय ने अपने विरोध के दौरान घुसपैठ के साथ सीमा पार मादक पदार्थों की तस्करी का मुद्दा भी उठाया। भारत ने पाकिस्तान से इस नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच करने को कहा है।

फिलहाल दोनों देशों की ओर से घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। भारत ने जहां इसे घुसपैठ की कोशिश और सुरक्षा खतरे के रूप में पेश किया है, वहीं पाकिस्तान ने बीएसएफ की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। ऐसे में घटना से जुड़े आगे के तथ्य जांच और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद और स्पष्ट हो सकते हैं।

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