ड्राई डे पर भी नहीं थमी शराब की बिक्री, वायरल वीडियो से खुली पोल, बरगी में दो युवक गिरफ्तार
मामला रांझी के बड़ा पत्थर स्थित शराब दुकान से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक 2 अक्टूबर को दुकान बंद रहने के बावजूद यहां दिन से लेकर देर रात तक शराब की कथित बिक्री की गई। दुकान नय्यर एंड कोहली ग्रुप की बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के बाद आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। ड्राई डे के दौरान शराब दुकानों को बंद रखने के नियम के बावजूद यदि बिक्री हुई है तो इसकी जिम्मेदारी तय करने की मांग भी उठ रही है।
वायरल वीडियो में दुकान के अंदर से एक छोटे रास्ते या कथित गुप्त खिड़की के जरिए शराब दिए जाने का दावा किया गया है। यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि ग्राहकों से शराब की एमआरपी से ज्यादा रकम ली गई। हालांकि इस पूरे मामले में वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रही गतिविधियों की पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर चर्चा तेज है और लोग ड्राई डे के दौरान दुकानों की निगरानी को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
इसी बीच जबलपुर के ग्रामीण क्षेत्र बरगी में भी शराब बिक्री से जुड़ा एक मामला सामने आया। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष संजू लाल ने कथित तौर पर शराब बेच रहे दो युवकों को पकड़े जाने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर बरगी पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को शराब के साथ थाने ले जाया गया। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शराब कहां से लाई गई थी और किस उद्देश्य से बेची जा रही थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरगी नगर चौकी क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। ऐसे में ड्राई डे के दिन सामने आए इस मामले ने एक बार फिर निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि प्रतिबंधित दिन पर शराब बिक्री रोकने के लिए प्रशासन और आबकारी विभाग की ओर से विशेष निगरानी की व्यवस्था की जाती है। इसके बावजूद यदि शराब बिक्री के मामले सामने आते हैं तो संबंधित जिम्मेदारों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
फिलहाल रांझी में वायरल वीडियो और बरगी में पकड़े गए दोनों युवकों के मामले में जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। वायरल वीडियो में लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं और शराब बिक्री किस स्तर पर हुई इसकी पुष्टि जांच के आधार पर होगी। इस घटना ने ड्राई डे पर शराब दुकानों की निगरानी और नियमों के पालन को लेकर प्रशासन के सामने कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
