October 3, 2026

प्रेमानंद के शिष्य की मौत पर पंडोखर धाम के गुरुशरण महाराज का दावा- ‘99% तक संकेत दे सकता हूं’

0
photo-4-1-1791001831

दतिया। वृंदावन में संत प्रेमानंद के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत का मामला अब पंडोखर धाम तक पहुंच गया है। पंडोखर धाम के पीठाधीश्वर गुरुशरण महाराज ने दावा किया है कि यदि आश्रम प्रबंधन, पुलिस, जांच एजेंसी या मृतक के परिजन उनके दरबार में आते हैं तो उनका ‘दिव्य दरबार’ घटना से जुड़े रहस्य को सामने लाने में जांच में सहयोग कर सकता है।

दीपक लोधी की 25 सितंबर को गुरु कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल से गिरने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। इस मामले को लेकर गुरुशरण महाराज ने कहा कि उनका मकसद किसी को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि जांच एजेंसियों को जिम्मेदार व्यक्ति या तत्वों तक पहुंचने में मदद करना है, ताकि परिवार को न्याय मिल सके और किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो।

बोले- ‘99 प्रतिशत तक संकेत दे सकता हूं’
गुरुशरण महाराज ने कहा कि जो लोग इस घटना से संबंधित जानकारी चाहते हैं, वे उनके पास आ सकते हैं। उनका दावा है कि वह घटना के संबंध में “99 प्रतिशत तक संकेत” दे सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह पुलिस, अदालत या जांच एजेंसी नहीं हैं और किसी को सजा देने का अधिकार उनके पास नहीं है।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल इतना है कि जांच सही दिशा में आगे बढ़े और वास्तविक तथ्य सामने आएं। उनके मुताबिक, वह जांच एजेंसियों को उस बिंदु तक पहुंचने में मदद कर सकते हैं, जिससे घटना को लेकर ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ हो सके।

प्रेमानंद महाराज से मौन तोड़ने की अपील
गुरुशरण महाराज ने संत प्रेमानंद महाराज से भी अपने शिष्य की मौत को लेकर सामने आने और घटना पर स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वृंदावन में हर तरफ राधा नाम की गूंज सुनाई देती है, लेकिन उसी धाम के एक आश्रम की चौथी मंजिल से हुई इस मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

उन्होंने कहा कि मृतक के परिजन और जांच से जुड़े लोग यदि उनसे संपर्क करते हैं तो वह सहयोग के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि उनका एकमात्र उद्देश्य घटना की सच्चाई सामने लाना, परिवार को न्याय दिलाना और किसी निर्दोष व्यक्ति को फंसने से बचाना है।

दूसरे कथित सिद्धियों के दावेदारों को भी चुनौती
गुरुशरण महाराज ने सिद्धियों और भविष्यवाणी की क्षमता का दावा करने वाले अन्य लोगों को भी इस मामले की सच्चाई सामने लाने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास ऐसी शक्ति है तो उसे घटना से जुड़े तथ्यों को सामने रखकर अपनी क्षमता साबित करनी चाहिए।

उन्होंने बिना नाम लिए बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि भारत में पर्चा लिखने का दावा करने वाला कोई व्यक्ति अब तक यह कहने के लिए सामने नहीं आया कि वह इस मामले के बारे में सब कुछ बताने को तैयार है।

जांच से ही सामने आएगा मौत का कारण
दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत को लेकर फिलहाल गुरुशरण महाराज की ओर से किए गए दावे जांच का विकल्प नहीं हैं। घटना की वास्तविक परिस्थितियां, मौत का कारण और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका जैसे सवाल पुलिस या संबंधित जांच एजेंसी की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होंगे।

गुरुशरण महाराज ने अपने बयान में भी कहा कि वह कोई थाना, अदालत या जांच एजेंसी नहीं हैं। उन्होंने केवल जांच में सहयोग करने और घटना से जुड़े संभावित तथ्यों तक पहुंचने के लिए संकेत देने की बात कही है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *