October 1, 2026

Form-6 से SIR का अतिरिक्त कॉलम हटने पर अभिजीत दीपके का तंज, बोले- ‘पहले क्यों जरूरत थी?’

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नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी कर चुके राज्यों में ऑनलाइन Form-6 से SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा हटा दी है। आयोग के इस फैसले पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आयोग के फैसले से जुड़ी खबर साझा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा और लिखा- “पहले क्यों जरूरत थी, ज्ञानू?”

Form-6 में अब अतिरिक्त घोषणा जरूरी नहीं

चुनाव आयोग के मुताबिक, जिन राज्यों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां नए मतदाता पंजीकरण के लिए ऑनलाइन Form-6 में SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा अब नहीं भरनी होगी। यह बदलाव 26 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी की मौजूदगी में हुई पूर्ण आयोग की बैठक के बाद किया गया।

आयोग के अनुसार, Form-6 के साथ जोड़ी गई अतिरिक्त घोषणा SIR की प्रक्रिया के लिए थी। इसके तहत नए आवेदकों से यह जानकारी मांगी जाती थी कि वे, उनके माता-पिता या दादा-दादी पहले किसी गहन पुनरीक्षण के दौरान तैयार मतदाता सूची में शामिल थे या नहीं।

जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया अभी जारी है, वहां यह घोषणा फिलहाल उपलब्ध है। वहीं, जहां प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां ECINET ऐप और पोर्टल के साथ संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पोर्टल से भी इसे हटा दिया गया है। अब ऐसे राज्यों में नए मतदाताओं को केवल ‘मतदाता पंजीकरण नियम, 1960’ के तहत निर्धारित वैधानिक Form-6 भरना होगा।

Form-6 में बदलाव पर पहले उठे थे सवाल

Form-6 में SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा जोड़े जाने को लेकर पहले भी विवाद हुआ था। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने Form-6 में किए गए बदलाव पर आपत्ति दर्ज की थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि दोनों अधिकारियों ने इस तरह के बदलाव को लेकर कानूनी प्रक्रिया और वैधानिक फॉर्म में संशोधन के अधिकार पर सवाल उठाए थे।

एक अन्य इंडियन एक्सप्रेस रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच दोनों चुनाव आयुक्तों ने आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर 14 अलग-अलग मौकों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। इनमें Form-6 में बदलाव के अलावा SIR से जुड़े अन्य मुद्दे भी शामिल थे।

हालांकि, इन रिपोर्टों पर चुनाव आयोग का कहना रहा है कि आयोग के भीतर होने वाली चर्चाएं और मतभेद निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा हैं तथा अंतिम फैसले पूर्ण आयोग की ओर से लिए जाते हैं।

दीपके ने सवाल के अंदाज में साधा निशाना

Form-6 से अतिरिक्त घोषणा हटाए जाने के बाद अभिजीत दीपके ने इसी पुराने विवाद को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने आयोग के फैसले से संबंधित खबर शेयर करते हुए लिखा- “पहले क्यों जरूरत थी, ज्ञानू?”

उनकी टिप्पणी का आशय इस बात से था कि अगर SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अतिरिक्त घोषणा को हटाया जा सकता है, तो इसे Form-6 में जोड़ने की जरूरत क्यों पड़ी थी।

CJP के प्रदर्शन का भी ऐलान

इस बीच चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक विवाद जारी है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने हाल में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए हैं और उनके इस्तीफे की मांग की है।

अभिजीत दीपके ने यह भी कहा है कि मुंबई पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद उनकी पार्टी CJP 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने पुलिस के फैसले की आलोचना करते हुए इसे नागरिकों की आवाज दबाने का प्रयास बताया है। दीपके ने कहा है कि अनुमति नहीं मिलने की स्थिति में CJP गांधी जयंती पर ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू करेगी।

इस तरह Form-6 से SIR की अतिरिक्त घोषणा हटाने के चुनाव आयोग के फैसले के बाद एक ओर प्रक्रिया में बदलाव हुआ है, वहीं दूसरी ओर इसी मुद्दे को लेकर आयोग पर पहले उठे सवाल और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी चर्चा में बनी हुई हैं।

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