अजीत अगरकर की जगह प्रज्ञान ओझा को मिली अंतरिम चीफ सिलेक्टर की जिम्मेदारी, स्थायी नियुक्ति पर भी बन सकती है सहमति
मंगलवार 29 सितंबर को गुवाहाटी में हुई सिलेक्शन कमिटी की बैठक की अध्यक्षता प्रज्ञान ओझा ने की। इस बैठक में अजीत अगरकर शामिल नहीं हुए। आने वाले न्यूजीलैंड दौरे को लेकर टीम की रूपरेखा तैयार करने के लिए 30 सितंबर को होने वाले दूसरे वनडे के दौरान भी सभी चयनकर्ताओं के स्टेडियम में मौजूद रहने की बात कही गई है।
प्रज्ञान ओझा को फिलहाल अंतरिम व्यवस्था के तहत कमिटी का प्रमुख बनाया गया है। हालांकि, आगे चलकर उन्हें स्थायी रूप से चीफ सिलेक्टर की जिम्मेदारी मिलने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। नए सिलेक्टर की नियुक्ति और चयन समिति की संरचना स्पष्ट होने के बाद ही यह तय होगा कि मौजूदा व्यवस्था कितने समय तक जारी रहती है।
प्रज्ञान ओझा चयन समिति के मौजूदा सदस्यों में टेस्ट क्रिकेट के अनुभव के लिहाज से सबसे वरिष्ठ हैं। उन्होंने भारतीय टीम के लिए 24 टेस्ट मैच खेले हैं। मौजूदा चयन समिति में शिव सुंदर दास ने 23 टेस्ट, आरपी सिंह ने 14 टेस्ट और अजय रात्रा ने 6 टेस्ट मैच खेले हैं। इसी अनुभव के कारण चयन समिति की अध्यक्षता के लिए ओझा का नाम सामने आया है।
ओझा ने भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज के तौर पर अपनी पहचान बनाई थी। अब वह चयन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें समिति के सदस्यों के बीच स्वीकार्य विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल अब यह है कि प्रज्ञान ओझा की यह जिम्मेदारी केवल अस्थायी रहेगी या उन्हें आगे भी चयन समिति का प्रमुख बनाए रखा जाएगा। इसका जवाब नए चयनकर्ता के चयन के बाद सामने आएगा। यदि पार्थिव पटेल अजीत अगरकर की जगह चयन समिति में शामिल होते हैं, तो ऐसी स्थिति में उनके चेयरमैन बनने की संभावना भी बताई जा रही है।
वहीं, अगर परिस्थितियां अलग रहती हैं तो प्रज्ञान ओझा चयन समिति के प्रमुख के पद पर बने रह सकते हैं। इस समय चयन समिति में नेतृत्व को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है और आगे होने वाले फैसलों के बाद तस्वीर साफ होगी।
अजीत अगरकर के कार्यकाल की अवधि पूरी होने से पहले ही उन्हें चयन समिति की बैठक से अलग किए जाने के बाद क्रिकेट प्रशासन में बदलाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, वर्तमान में प्रज्ञान ओझा की भूमिका अंतरिम है और स्थायी नियुक्ति को लेकर अंतिम फैसला अभी सामने नहीं आया है।
न्यूजीलैंड के आगामी दौरे को देखते हुए चयन समिति के लिए आने वाले फैसले महत्वपूर्ण होंगे। टीम संयोजन, खिलाड़ियों के चयन और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा के बीच प्रज्ञान ओझा फिलहाल चयन समिति की कमान संभाल रहे हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि नई चयन समिति बनने के बाद चेयरमैन पद की जिम्मेदारी किसे मिलती है।
