भोपाल में विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर छात्रों ने दवा सुरक्षा और जिम्मेदार उपयोग का संदेश दिया, क्विज से जागरूकता रैली तक हुए आयोजन
कार्यक्रम का आयोजन शारदा सभागार में किया गया। इस वर्ष विश्व फार्मासिस्ट दिवस की थीम “Empowering Pharmacists for Healthier Futures” रखी गई। आयोजन का मुख्य उद्देश्य दवाओं के सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल, मरीजों को उचित परामर्श, दवा सुरक्षा तथा जनस्वास्थ्य जागरूकता में फार्मासिस्ट की भूमिका को सामने लाना रहा।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने फार्मासिस्टों की भूमिका को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दवाओं के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग को सुनिश्चित करने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में फार्मासिस्टों की अहम भूमिका होती है।उन्होंने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, व्यावहारिक अनुभव और आवश्यक कौशल उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता भी जताई। उनका कहना था कि इन क्षमताओं के जरिए विद्यार्थी जिम्मेदार स्वास्थ्य पेशेवर बनकर समाज के विकास में योगदान दे सकते हैं।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विजय सिंह ने कहा कि विश्व फार्मासिस्ट दिवस स्वास्थ्य सेवाओं और जनकल्याण में फार्मासिस्टों के योगदान को पहचानने का अवसर देता है। उन्होंने शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को विद्यार्थियों के व्यावसायिक ज्ञान, संवाद कौशल, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी को विकसित करने वाला माध्यम बताया। कुलसचिव डॉ. साईटेश कुमार सिन्हा ने विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी को फार्मेसी के प्रति उनके उत्साह, रचनात्मकता और प्रतिबद्धता से जोड़ा। उन्होंने कहा कि फार्मेसी जागरूकता रैली जैसी गतिविधियों से विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक ज्ञान को समाज के प्रति जिम्मेदारी के साथ जोड़ने का अवसर मिलता है।
इस अवसर पर स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज की प्राचार्य डॉ. खुशी चौकसे ने विद्यार्थियों को अपने व्यावसायिक ज्ञान और संवाद कौशल को लगातार मजबूत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मरीजों और समाज के प्रति फार्मेसी पेशेवरों की जिम्मेदारी को भी महत्वपूर्ण बताया।विश्व फार्मासिस्ट दिवस के तहत विद्यार्थियों के लिए फार्मेसी क्विज, रंगोली प्रतियोगिता, फार्मेसी डांस एक्ट और फार्मेसी अवेयरनेस रैली का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों में विद्यार्थियों ने अपनी ज्ञान क्षमता, रचनात्मकता, टीमवर्क और पेशेवर भावना का प्रदर्शन किया।
जागरूकता रैली के जरिए लोगों को दवाओं के तर्कसंगत और जिम्मेदार उपयोग का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों की गतिविधियों का उद्देश्य फार्मेसी शिक्षा को जनस्वास्थ्य से जोड़ते हुए दवा इस्तेमाल के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।कार्यक्रम में डीन एकेडमिक्स डॉ. वी. के. गुप्ता, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. विनोद कुमार शर्मा, स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज की प्राचार्य डॉ. खुशी चौकसे सहित शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों और शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता की सराहना की। साथ ही उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।आयोजन का संचालन स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज के शिक्षकों और विद्यार्थियों के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ जागरूकता और रचनात्मक कार्यक्रमों को जोड़कर फार्मासिस्टों की सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी भूमिका को रेखांकित किया गया।
