अभिजीत दीपके के मेंटर कौन? वीडियो कॉल में सामने आया आजिंक्य शिंदे का नाम, जंतर-मंतर आंदोलन में निभाई अहम भूमिका
वीडियो कॉल में अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और आजिंक्य शिंदे संगठन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करते नजर आए। इसी दौरान रांका ने बताया कि आजिंक्य शिंदे, सीजेपी के गठन से पहले से ही दीपके के मेंटर रहे हैं और अब संगठन के साथ भी सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
बातचीत में जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए आंदोलन का भी उल्लेख किया गया। आशुतोष रांका ने बताया कि इस आंदोलन को व्यवस्थित तरीके से चलाने में आजिंक्य शिंदे की महत्वपूर्ण भूमिका थी। उनके मुताबिक मंच पर दूसरे लोग नजर आते थे, लेकिन आंदोलन के पीछे की व्यवस्थाओं को संभालने और उसे आगे बढ़ाने का काम शिंदे कर रहे थे।
अभिजीत दीपके ने भी इस बात का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान वॉलेंटियर्स की टीम तैयार करने, भीड़ को व्यवस्थित करने और प्रदर्शन से जुड़ी व्यवस्थाओं को संभालने जैसी कई जिम्मेदारियां आजिंक्य शिंदे ने निभाई थीं।
दीपके ने बातचीत के दौरान कहा कि आंदोलन के समय वह मुख्य रूप से आजिंक्य शिंदे, सौरभ दास और आशुतोष रांका को ही जानते थे। उन्होंने यह भी बताया कि मंच पर मौजूद लोग अपनी भूमिका निभा रहे थे, जबकि आंदोलन की वास्तविक व्यवस्थाओं और संगठनात्मक काम में शिंदे की बड़ी भागीदारी थी।
दीपके के मुताबिक जंतर-मंतर पहुंचने के बाद वॉलेंटियर्स की एक बड़ी टीम तैयार हुई। बाद में यही टीम देश के अलग-अलग हिस्सों में संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़ी। दीपके ने इस टीम को तैयार करने में आजिंक्य शिंदे की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
बातचीत के दौरान आशुतोष रांका ने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कहा कि आजिंक्य शिंदे दीपके को सोने तक नहीं देते। इससे संगठन के भीतर शिंदे की सक्रियता और दीपके के साथ उनके लगातार संपर्क का संकेत मिलता है।
आजिंक्य शिंदे इससे पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं। महाराष्ट्र में उन्होंने पार्टी की युवा इकाई में जिम्मेदारी संभाली थी और गोवा के सह प्रभारी के तौर पर भी काम किया था। सीजेपी के गठन के बाद उन्हें संगठन में राष्ट्रीय संगठन प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
संगठन में उनकी भूमिका मुख्य रूप से विस्तार, टीम निर्माण और रणनीतिक काम से जुड़ी बताई गई है। वीडियो कॉल में सामने आई बातचीत के अनुसार, वह अभिजीत दीपके के साथ सलाह-मशविरा भी करते हैं और संगठन की योजनाओं को जमीन पर लागू करने में सक्रिय रहते हैं।
आजिंक्य शिंदे की कार्यशैली अपेक्षाकृत पर्दे के पीछे रहकर काम करने वाली बताई गई है। यही वजह है कि संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होने के बावजूद सार्वजनिक स्तर पर उनकी पहचान अभिजीत दीपके और दूसरे प्रमुख चेहरों की तुलना में कम दिखाई देती है। वीडियो कॉल में हुई बातचीत ने सीजेपी के भीतर उनकी भूमिका और दीपके के साथ उनके संबंधों को लेकर नई जानकारी सामने रखी है।भिजीत दीपके के मेंटर कौन? वीडियो कॉल में सामने आया आजिंक्य शिंदे का नाम, जंतर-मंतर आंदोलन में निभाई अहम भूमिका
संक्षिप्त सार: वीडियो कॉल में आशुतोष रांका और अभिजीत दीपके ने आजिंक्य शिंदे को दीपके का मेंटर बताया और जंतर-मंतर आंदोलन में उनकी भूमिका का जिक्र किया।
Keywords: Abhijeet, Ajinkya, CJP, Protest, Mentor
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके के राजनीतिक और संगठनात्मक फैसलों में किसकी अहम भूमिका रहती है, इसे लेकर एक वीडियो कॉल के दौरान जानकारी सामने आई है। बातचीत में सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने आजिंक्य शिंदे का नाम दीपके के मेंटर के तौर पर लिया। दीपके ने भी रांका की बात पर सहमति जताई।
वीडियो कॉल में अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और आजिंक्य शिंदे संगठन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करते नजर आए। इसी दौरान रांका ने बताया कि आजिंक्य शिंदे, सीजेपी के गठन से पहले से ही दीपके के मेंटर रहे हैं और अब संगठन के साथ भी सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
बातचीत में जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए आंदोलन का भी उल्लेख किया गया। आशुतोष रांका ने बताया कि इस आंदोलन को व्यवस्थित तरीके से चलाने में आजिंक्य शिंदे की महत्वपूर्ण भूमिका थी। उनके मुताबिक मंच पर दूसरे लोग नजर आते थे, लेकिन आंदोलन के पीछे की व्यवस्थाओं को संभालने और उसे आगे बढ़ाने का काम शिंदे कर रहे थे।
अभिजीत दीपके ने भी इस बात का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान वॉलेंटियर्स की टीम तैयार करने, भीड़ को व्यवस्थित करने और प्रदर्शन से जुड़ी व्यवस्थाओं को संभालने जैसी कई जिम्मेदारियां आजिंक्य शिंदे ने निभाई थीं।
दीपके ने बातचीत के दौरान कहा कि आंदोलन के समय वह मुख्य रूप से आजिंक्य शिंदे, सौरभ दास और आशुतोष रांका को ही जानते थे। उन्होंने यह भी बताया कि मंच पर मौजूद लोग अपनी भूमिका निभा रहे थे, जबकि आंदोलन की वास्तविक व्यवस्थाओं और संगठनात्मक काम में शिंदे की बड़ी भागीदारी थी।
दीपके के मुताबिक जंतर-मंतर पहुंचने के बाद वॉलेंटियर्स की एक बड़ी टीम तैयार हुई। बाद में यही टीम देश के अलग-अलग हिस्सों में संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़ी। दीपके ने इस टीम को तैयार करने में आजिंक्य शिंदे की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
बातचीत के दौरान आशुतोष रांका ने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कहा कि आजिंक्य शिंदे दीपके को सोने तक नहीं देते। इससे संगठन के भीतर शिंदे की सक्रियता और दीपके के साथ उनके लगातार संपर्क का संकेत मिलता है।
आजिंक्य शिंदे इससे पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं। महाराष्ट्र में उन्होंने पार्टी की युवा इकाई में जिम्मेदारी संभाली थी और गोवा के सह प्रभारी के तौर पर भी काम किया था। सीजेपी के गठन के बाद उन्हें संगठन में राष्ट्रीय संगठन प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
संगठन में उनकी भूमिका मुख्य रूप से विस्तार, टीम निर्माण और रणनीतिक काम से जुड़ी बताई गई है। वीडियो कॉल में सामने आई बातचीत के अनुसार, वह अभिजीत दीपके के साथ सलाह-मशविरा भी करते हैं और संगठन की योजनाओं को जमीन पर लागू करने में सक्रिय रहते हैं।
आजिंक्य शिंदे की कार्यशैली अपेक्षाकृत पर्दे के पीछे रहकर काम करने वाली बताई गई है। यही वजह है कि संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होने के बावजूद सार्वजनिक स्तर पर उनकी पहचान अभिजीत दीपके और दूसरे प्रमुख चेहरों की तुलना में कम दिखाई देती है। वीडियो कॉल में हुई बातचीत ने सीजेपी के भीतर उनकी भूमिका और दीपके के साथ उनके संबंधों को लेकर नई जानकारी सामने रखी है।भिजीत दीपके के मेंटर कौन? वीडियो कॉल में सामने आया आजिंक्य शिंदे का नाम, जंतर-मंतर आंदोलन में निभाई अहम भूमिका
संक्षिप्त सार: वीडियो कॉल में आशुतोष रांका और अभिजीत दीपके ने आजिंक्य शिंदे को दीपके का मेंटर बताया और जंतर-मंतर आंदोलन में उनकी भूमिका का जिक्र किया।
Keywords: Abhijeet, Ajinkya, CJP, Protest, Mentor
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके के राजनीतिक और संगठनात्मक फैसलों में किसकी अहम भूमिका रहती है, इसे लेकर एक वीडियो कॉल के दौरान जानकारी सामने आई है। बातचीत में सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने आजिंक्य शिंदे का नाम दीपके के मेंटर के तौर पर लिया। दीपके ने भी रांका की बात पर सहमति जताई।
वीडियो कॉल में अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और आजिंक्य शिंदे संगठन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करते नजर आए। इसी दौरान रांका ने बताया कि आजिंक्य शिंदे, सीजेपी के गठन से पहले से ही दीपके के मेंटर रहे हैं और अब संगठन के साथ भी सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
बातचीत में जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए आंदोलन का भी उल्लेख किया गया। आशुतोष रांका ने बताया कि इस आंदोलन को व्यवस्थित तरीके से चलाने में आजिंक्य शिंदे की महत्वपूर्ण भूमिका थी। उनके मुताबिक मंच पर दूसरे लोग नजर आते थे, लेकिन आंदोलन के पीछे की व्यवस्थाओं को संभालने और उसे आगे बढ़ाने का काम शिंदे कर रहे थे।
अभिजीत दीपके ने भी इस बात का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान वॉलेंटियर्स की टीम तैयार करने, भीड़ को व्यवस्थित करने और प्रदर्शन से जुड़ी व्यवस्थाओं को संभालने जैसी कई जिम्मेदारियां आजिंक्य शिंदे ने निभाई थीं।
दीपके ने बातचीत के दौरान कहा कि आंदोलन के समय वह मुख्य रूप से आजिंक्य शिंदे, सौरभ दास और आशुतोष रांका को ही जानते थे। उन्होंने यह भी बताया कि मंच पर मौजूद लोग अपनी भूमिका निभा रहे थे, जबकि आंदोलन की वास्तविक व्यवस्थाओं और संगठनात्मक काम में शिंदे की बड़ी भागीदारी थी।
दीपके के मुताबिक जंतर-मंतर पहुंचने के बाद वॉलेंटियर्स की एक बड़ी टीम तैयार हुई। बाद में यही टीम देश के अलग-अलग हिस्सों में संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़ी। दीपके ने इस टीम को तैयार करने में आजिंक्य शिंदे की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
बातचीत के दौरान आशुतोष रांका ने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कहा कि आजिंक्य शिंदे दीपके को सोने तक नहीं देते। इससे संगठन के भीतर शिंदे की सक्रियता और दीपके के साथ उनके लगातार संपर्क का संकेत मिलता है।
आजिंक्य शिंदे इससे पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं। महाराष्ट्र में उन्होंने पार्टी की युवा इकाई में जिम्मेदारी संभाली थी और गोवा के सह प्रभारी के तौर पर भी काम किया था। सीजेपी के गठन के बाद उन्हें संगठन में राष्ट्रीय संगठन प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
संगठन में उनकी भूमिका मुख्य रूप से विस्तार, टीम निर्माण और रणनीतिक काम से जुड़ी बताई गई है। वीडियो कॉल में सामने आई बातचीत के अनुसार, वह अभिजीत दीपके के साथ सलाह-मशविरा भी करते हैं और संगठन की योजनाओं को जमीन पर लागू करने में सक्रिय रहते हैं।
आजिंक्य शिंदे की कार्यशैली अपेक्षाकृत पर्दे के पीछे रहकर काम करने वाली बताई गई है। यही वजह है कि संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होने के बावजूद सार्वजनिक स्तर पर उनकी पहचान अभिजीत दीपके और दूसरे प्रमुख चेहरों की तुलना में कम दिखाई देती है। वीडियो कॉल में हुई बातचीत ने सीजेपी के भीतर उनकी भूमिका और दीपके के साथ उनके संबंधों को लेकर नई जानकारी सामने रखी है।
