सुरेश रैना ने पत्नी संग किए बाबा महाकाल के दर्शन, तड़के भस्म आरती में शामिल होकर लिया आशीर्वाद
सुरेश रैना रविवार तड़के अपनी पत्नी के साथ महाकाल मंदिर पहुंचे। दोनों ने मंदिर में होने वाली प्रातःकालीन भस्म आरती में शामिल होकर भगवान महाकाल की आराधना की। इस दौरान उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर आरती के दर्शन किए। बताया गया कि रैना ने लगभग दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर इस धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया और बाबा महाकाल की भक्ति में समय बिताया।
महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन सुबह होने वाली भस्म आरती विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखती है। इस आरती में शामिल होने के लिए देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। भगवान महाकाल के भक्तों के लिए भस्म आरती के दर्शन को विशेष पुण्यदायी और आध्यात्मिक अनुभव माना जाता है। सुरेश रैना भी अपनी पत्नी के साथ इसी धार्मिक आयोजन में शामिल हुए और भगवान के समक्ष पूजा-अर्चना की।
आरती के दौरान रैना का पूरा ध्यान धार्मिक अनुष्ठान पर केंद्रित रहा। उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर भगवान महाकाल के दर्शन किए। सुबह के समय मंदिर परिसर में होने वाले इस आयोजन में श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना करते हैं। रैना की उज्जैन यात्रा भी इसी धार्मिक आस्था और दर्शन से जुड़ी रही।
भस्म आरती संपन्न होने के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति की ओर से सुरेश रैना का स्वागत और सम्मान किया गया। मंदिर में उनके आगमन के अवसर पर उन्हें सम्मानित किया गया। इस तरह उनकी मंदिर यात्रा का समापन भगवान महाकाल के दर्शन और मंदिर समिति की ओर से किए गए सम्मान के साथ हुआ।
उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक आयोजनों और विशेष आरतियों के दौरान मंदिर में भक्तों की विशेष आस्था देखने को मिलती है। महाकाल मंदिर की भस्म आरती देश के प्रमुख धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल है, जिसमें भाग लेने के लिए श्रद्धालु पहले से दर्शन की व्यवस्था करते हैं।
सुरेश रैना की उज्जैन यात्रा के दौरान उनकी पत्नी भी उनके साथ मौजूद रहीं। दोनों ने एक साथ बाबा महाकाल के दर्शन किए और भस्म आरती में हिस्सा लिया। क्रिकेट से जुड़े अपने सार्वजनिक जीवन के अलावा रैना की यह यात्रा धार्मिक आस्था से जुड़ी रही। भगवान महाकाल के दरबार में पहुंचकर उन्होंने पूजा-अर्चना की और आध्यात्मिक वातावरण में समय बिताया।
