मानसून की विदाई से पहले MP में फिर तेज बारिश, आज 7 जिलों में अलर्ट
मौसम केंद्र के अनुसार प्रदेश में अब तक औसतन 35.6 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य बारिश के कोटे का 95% से ज्यादा है। मानसून के बचे चार दिनों में भी बारिश जारी रहती है तो कुल बारिश का आंकड़ा और बढ़ सकता है। हालांकि अभी प्रदेश के 25 जिलों में ही सामान्य बारिश का कोटा पूरा हुआ है, जबकि 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।
रविवार को 7 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट
रविवार को मुरैना, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना और रीवा में तेज बारिश का अलर्ट है।
इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास और रतलाम में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।
वहीं नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना और दमोह में भी बारिश होने का अनुमान है।
डिंडौरी-उमरिया में तीन दिन से मूसलाधार बारिश
शनिवार को डिंडौरी और उमरिया में तेज बारिश का दौर जारी रहा। दोनों जिलों में पिछले तीन दिन से लगातार बारिश हो रही है। इससे नर्मदा समेत उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया है।
डिंडौरी के जोगी टिकरिया पुल के डूबने से आवागमन प्रभावित हुआ। वहीं जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे-45 पर भी ट्रैफिक प्रभावित रहा।
शहपुरा स्थित बिलगांव बांध के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। दूसरी ओर उमरिया के संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के चार गेट दो-दो मीटर खोलकर पानी की निकासी की गई।
बरगी बांध के 9 गेट खोले गए
जबलपुर के बरगी बांध में लगातार बढ़ रही पानी की आवक को नियंत्रित करने के लिए शुक्रवार को पांच गेट खोले गए थे। इसके बावजूद बांध में पानी की आवक जारी रही। इसके बाद शनिवार को चार और गेट खोल दिए गए।
इस तरह बरगी बांध से पानी की निकासी बढ़ानी पड़ी। लगातार बारिश के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश में नदी-नालों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है।
मानसून की विदाई में अब सिर्फ 4 दिन
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, गहरे अवदाब के कारण मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का दौर बना हुआ है। इसका असर अगले 24 घंटे तक रहने की संभावना है। इसके बाद मौसम साफ होने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की अवधि 1 जून से 30 सितंबर तक मानी जाती है। यानी अब मानसून की विदाई में चार दिन बाकी हैं। राजस्थान के कई जिलों से मानसून पहले ही लौट चुका है।
ऐसे में मानसून की विदाई से ठीक पहले हुई बारिश प्रदेश के कुल बारिश के आंकड़े को और ऊपर ले जा सकती है।
