एचडीएफसी बैंक ने डिजिटल रुपये के इस्तेमाल को बढ़ावा देने वाले पांच नए प्रयोग किए
मुंबई। एचडीएफसी बैंक ने देश में केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) यानी डिजिटल रुपये के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए पांच नए उपयोग मामलों का प्रदर्शन किया है। बैंक का कहना है कि इन पहलों के जरिए डिजिटल रुपये को उपभोक्ताओं की रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर कॉर्पोरेट भुगतान और कर्मचारी लाभ तक के क्षेत्रों से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।
पिछले सप्ताह एक उद्योग मंच पर प्रदर्शित इन पहलों में डिजिटल रुपये की उपयोगिता, प्रोग्रामेबिलिटी, नियामकीय अनुपालन और पहुंच को केंद्र में रखा गया। बैंक के मुताबिक, इन प्रयोगों का उद्देश्य डिजिटल रुपये को देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था में अधिक व्यावहारिक और रोजमर्रा के इस्तेमाल वाली भुगतान व्यवस्था के रूप में विकसित करना है।
क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड को डिजिटल रुपये में बदलने की सुविधा
एचडीएफसी बैंक के नए प्रयोगों में क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट को डिजिटल रुपये में भुनाने की सुविधा शामिल है। इसके तहत ग्राहक अपने रिवॉर्ड पॉइंट का इस्तेमाल ब्रांड-विशेष वाउचर के बजाय डिजिटल रुपये के रूप में कर सकेंगे। इन डिजिटल रुपयों का उपयोग भोजन, ईंधन, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी विभिन्न श्रेणियों में किया जा सकेगा।
बैंक के अनुसार, इस व्यवस्था में ग्राहक अपने रिवॉर्ड का पूरा मूल्य इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे रिवॉर्ड कार्यक्रमों में ग्राहकों को अधिक विकल्प और पारदर्शिता मिलने की उम्मीद है।
प्रचार अभियानों में डिजिटल रुपया वाउचर
दूसरे प्रयोग के तहत बैंक प्रचार अभियानों में डिजिटल रुपया गिफ्ट वाउचर का इस्तेमाल करेगा। पात्र ग्राहक किसी निर्धारित प्रचार अभियान या कार्यक्रम की शर्तें पूरी करने पर डिजिटल रुपया वाउचर प्राप्त कर सकेंगे। बैंक द्वारा ट्रिगर किए जाने के बाद यह वाउचर सीधे ग्राहक के एचडीएफसी बैंक डिजिटल रुपया वॉलेट में डाला जा सकेगा।
ग्राहक इन वाउचर का इस्तेमाल मर्चेंट श्रेणियों में उपलब्ध यूपीआई क्यूआर कोड को स्कैन कर भुगतान के लिए कर सकेंगे। बैंक का मानना है कि इससे प्रचार अभियानों को ग्राहकों की जरूरत के मुताबिक अधिक उपयोगी बनाया जा सकता है।
कर्मचारी भत्तों और प्रतिपूर्ति में डिजिटल रुपये का इस्तेमाल
तीसरे प्रयोग में कॉर्पोरेट क्षेत्र के लिए डिजिटल रुपये के इस्तेमाल की व्यवस्था प्रदर्शित की गई। इसके तहत संगठन एचडीएफसी बैंक के कॉर्पोरेट नेट बैंकिंग मंच के माध्यम से अपने कर्मचारियों को भोजन, ईंधन और यात्रा जैसे निर्धारित भत्ते डिजिटल रुपये में वितरित कर सकेंगे।
प्रोग्रामेबल भुगतान की मदद से कंपनियां यह सुनिश्चित कर सकती हैं कि जारी की गई राशि का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किया जाए। इससे नियामकीय अनुपालन के साथ-साथ वित्तीय टीमों के लिए भुगतान के मिलान और निगरानी की प्रक्रिया को भी आसान बनाने का लक्ष्य है।
भीम के जरिए डिजिटल रुपया वॉलेट तक पहुंच
बैंक ने डिजिटल रुपये को भीम के साथ जोड़ने की सुविधा भी प्रदर्शित की। इसके तहत एचडीएफसी बैंक के डिजिटल रुपया वॉलेट भीम के माध्यम से उपलब्ध होंगे और ग्राहक अपने सीबीडीसी वॉलेट से यूपीआई जैसी परिचित भुगतान प्रक्रिया के जरिए लेन-देन कर सकेंगे।
बैंक के अनुसार, इस एकीकरण से डिजिटल रुपये के उपयोग में आसानी बढ़ने के साथ व्यापारी स्वीकार्यता के दायरे को भी विस्तार मिल सकता है।
बिना इंटरनेट के विमान में भुगतान
पांचवीं पहल ऑफलाइन सीबीडीसी भुगतान से जुड़ी है। इसके तहत विमान में यात्रा के दौरान इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में भी डिजिटल रुपये के माध्यम से भुगतान किया जा सकेगा। बैंक ने इसे डिजिटल रुपये के इस्तेमाल को जमीनी कनेक्टिविटी से आगे बढ़ाने वाली पहल के रूप में प्रदर्शित किया है।
एचडीएफसी बैंक के ब्रांच बैंकिंग, पेमेंट्स, ट्रेजरी, लायबिलिटी प्रोडक्ट्स, मार्केटिंग, वर्चुअल चैनल्स और इंफ्रास्ट्रक्चर के ग्रुप हेड आशीष पार्थसारथी ने कहा कि डिजिटल रुपया सरकारी मुद्रा में लोगों के भरोसे को प्रोग्रामेबिलिटी, पारदर्शिता और मजबूत नियंत्रण के साथ जोड़ता है। उन्होंने कहा कि बैंक द्वारा प्रदर्शित उपयोग के मामले खुदरा और थोक बाजार में उद्देश्य आधारित भुगतान, अनुपालन और ऑडिट से जुड़ी उभरती जरूरतों को पूरा करने की दिशा में हैं।
एचडीएफसी बैंक के सीनियर ईवीपी रजनीश प्रभु ने कहा कि डिजिटल रुपये को बड़े स्तर पर अपनाने का अगला चरण उसकी रोजमर्रा की उपयोगिता से जुड़ा होगा। यूपीआई, मर्चेंट स्वीकार्यता, रिवॉर्ड, कर्मचारी लाभ और ऑफलाइन भुगतान जैसे परिचित क्षेत्रों के साथ सीबीडीसी को जोड़ने से ग्राहकों और कारोबारों के लिए इसका इस्तेमाल आसान हो सकता है।
बैंक के अनुसार, सीबीडीसी और यूपीआई की प्रकृति अलग-अलग होने के बावजूद दोनों भुगतान व्यवस्था के व्यापक डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा हैं। डिजिटल रुपये की प्रोग्रामेबिलिटी का इस्तेमाल कॉर्पोरेट भुगतान को निर्धारित उद्देश्यों से जोड़ने, अनुपालन को बेहतर बनाने और लेन-देन की निगरानी को आसान करने के लिए किया जा सकता है। एचडीएफसी बैंक ने कहा कि वह भारतीय रिजर्व बैंक के साथ मिलकर सीबीडीसी की संभावनाओं को व्यावहारिक और बड़े स्तर पर इस्तेमाल किए जा सकने वाले समाधानों में बदलने की दिशा में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
