September 23, 2026

बैंकों के पास है बंपर सरप्लस कैश…. RBI ने एक ही दिन में ले लिए ₹71971 करोड़

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नई दिल्ली।
देश के बैंकों (Banks) के पास इस समय जरूरत से ज्यादा नकदी (Cash) है। इसे कंट्रोल करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India- RBI) ने बैंकों से 71,971 करोड़ रुपये एक दिन के लिए अपने पास ले लिए हैं। RBI ने इसके लिए 75,000 करोड़ रुपये की नीलामी रखी थी, लेकिन बैंकों ने 71,971 करोड़ रुपये ही उपलब्ध कराए।


आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा?

इसका सीधा मतलब यह नहीं है कि आपके बैंक खाते से पैसा निकल जाएगा। आपके खाते में जमा रकम पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ता। RBI का कदम मुख्य रूप से बैंकों के बीच मौजूद अतिरिक्त नकदी को नियंत्रित करने से जुड़ा है। बाजार में पैसे की उपलब्धता और ब्याज दरों पर इसका असर पड़ सकता है। इसका अप्रत्यक्ष असर आगे चलकर होम लोन, कार लोन या दूसरे कर्ज की ब्याज दरों पर पड़ सकता है, लेकिन केवल इस एक कदम से ब्याज दरों में तुरंत बदलाव जरूरी नहीं है।


आखिर RBI ने ऐसा क्यों किया?

इसे ऐसे समझें। अगर बैंकों के पास जरूरत से बहुत ज्यादा पैसा पड़ा रहता है तो वे उसे दूसरे बैंकों को उधार दे सकते हैं। इससे बाजार में कैश की मात्रा बढ़ती है और बहुत कम ब्याज पर पैसा उपलब्ध हो सकता है।

RBI अतिरिक्त नकदी को कुछ समय के लिए अपने पास लेकर बाजार में पैसों की मात्रा को संतुलित करता है। इसके लिए VRRR यानी वैरिएबल रेट रिवर्स रेपो जैसी व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाता है।


बैंकिंग सिस्टम में अभी भी खूब पैसा

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक 21 सितंबर तक बैंकिंग सिस्टम में करीब 4.92 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त कैश मौजूद था। इसका मतलब यह हुआ कि बैंकों के पास उनकी तत्काल जरूरत से काफी ज्यादा पैसा था। RBI पिछले कुछ समय से इस अतिरिक्त नकदी को धीरे-धीरे कम कर रहा है। इसके लिए उसने सरकारी बॉन्ड बेचकर भी बाजार से पैसा वापस खींचा है।


RBI बार-बार पैसा क्यों खींच रहा है?

बैंकिंग सिस्टम में अतिरिक्त नकदी आने के कई कारण हैं। इनमें विदेशी मुद्रा से जुड़े लेनदेन, बैंकों में विदेशी मुद्रा जमा बढ़ना और केंद्रीय बैंक की कुछ वित्तीय गतिविधियां शामिल हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का लक्ष्य है कि बाजार में न तो पैसे की बहुत ज्यादा कमी हो और न ही जरूरत से बहुत ज्यादा पैसा पड़ा रहे। इसी संतुलन को बनाए रखने के लिए वह जरूरत के हिसाब से कभी पैसा बाजार में डालता है और कभी अतिरिक्त पैसा वापस खींचता है।

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