September 23, 2026

ट्रंप की ईरान को ‘नेस्तनाबूद’ करने की धमकी पर तेहरान का जवाब, कहा- हमला हुआ तो देंगे और भी कड़ा जवाब

0
photo-3-1-1790136423

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई कड़ी चेतावनी के बाद दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान के साथ समझौता नहीं होता है तो अमेरिका उसके खिलाफ और कड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकता है। इसके जवाब में ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ और खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने संयुक्त बयान जारी कर किसी भी हमले की स्थिति में बेहद कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है।

ईरानी सैन्य कमांड ने ट्रंप के UNGA भाषण को ‘प्रोपेगेंडा’ बताया और कहा कि अमेरिकी धमकियों से ईरान की सैन्य तैयारी या उसके आकलन में कोई बदलाव नहीं आएगा। बयान के मुताबिक, किसी नए हमले की स्थिति में ईरान हमलावरों के खिलाफ पहले से अधिक गंभीर, विनाशकारी और अप्रत्याशित जवाब देने के लिए तैयार है।

ट्रंप ने UNGA में क्या कहा?

ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान को लेकर उनके सामने एक बड़ा फैसला है। उन्होंने एक समझौते की संभावना का जिक्र करते हुए कहा कि अगर डील होती है तो ईरान के पुनर्निर्माण का रास्ता खुल सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो उन्होंने इस्लामिक रिपब्लिक को ‘नेस्तनाबूद’ करने की धमकी दी।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश का आरोप भी लगाया। ईरान इन आरोपों को खारिज करता रहा है। ट्रंप ने अपने भाषण में ईरान पर दबाव बनाए रखने और बातचीत के जरिए समझौते की संभावना दोनों का संकेत दिया।

धमकी के बीच बातचीत का रास्ता भी खुला

एक ओर अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी तेज हुई है, तो दूसरी ओर कूटनीतिक संपर्क भी जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने मंगलवार को ईरानी प्रतिनिधियों के साथ करीब तीन घंटे बातचीत की। यह वार्ता संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान मध्यस्थों के जरिए हुई। विटकॉफ ने कहा कि मध्यस्थ पूरे दिन दोनों पक्षों के बीच संपर्क कराते रहे और बातचीत को रचनात्मक एवं उम्मीद जगाने वाला बताया।

ट्रंप ने भी इस बैठक को ‘बहुत अच्छी’ बताया, हालांकि उन्होंने कहा कि इसमें ईरान की ओर से उच्चतम स्तर के अधिकारी शामिल नहीं थे। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा था कि ट्रंप ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात के लिए तैयार हैं, बशर्ते बातचीत से सकारात्मक नतीजे की संभावना हो।

ईरानी राष्ट्रपति के UNGA संबोधन पर नजर

ईरानी सैन्य बयान में अमेरिकी प्रतिबंधों और दबाव का भी जिक्र किया गया। तेहरान ने इन कदमों को आर्थिक दबाव बढ़ाने की कोशिश बताया और कहा कि ऐसी धमकियों से उसका रुख नहीं बदलेगा।

इस बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान UNGA में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क पहुंच चुके हैं। ऐसे में उनके संबोधन पर भी नजर है। अमेरिका की ओर से सैन्य कार्रवाई की चेतावनी और दूसरी तरफ मध्यस्थों के जरिए चल रही बातचीत ने ईरान-अमेरिका टकराव के बीच कूटनीतिक प्रयासों को भी अहम बना दिया है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *