मध्य प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड पर बड़ा फैसला, 14,337 से बढ़कर अब 21,500 रुपये प्रतिमाह
विभाग की ओर से जारी आदेश में वर्तमान में प्रचलित 14,337 रुपये की राशि को संशोधित कर 21,500 रुपये प्रतिमाह निर्धारित किया गया है। इस तरह इंटर्न डॉक्टरों के मासिक स्टाइपेंड में 7,163 रुपये की वृद्धि हुई है। सितंबर में सरकार और इंटर्न डॉक्टरों के बीच सहमति बनने के बाद अब विभागीय स्तर पर इसकी औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर दी गई है।
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टर लंबे समय से अपनी मांग उठा रहे थे। सितंबर में यह मामला आंदोलन तक पहुंच गया था। भोपाल में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के बीच स्थिति तनावपूर्ण हुई और वाटर कैनन के इस्तेमाल की घटना भी सामने आई। इसके बाद डॉक्टरों की मांग और प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम को लेकर सरकार की ओर से हस्तक्षेप किया गया।
इंटर्न डॉक्टरों की मांग पर उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के साथ प्रतिनिधिमंडल की बातचीत हुई थी। चर्चा के दौरान स्टाइपेंड बढ़ाने के मुद्दे पर सहमति बनी और 21,500 रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा की गई। इसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ और विभागीय आदेश का इंतजार किया जा रहा था। अब आदेश जारी होने के साथ बढ़े हुए स्टाइपेंड को लागू करने की प्रक्रिया स्पष्ट हो गई है।
इससे पहले इंटर्न डॉक्टरों को हर महीने 14,337 रुपये स्टाइपेंड मिलता था। आंदोलन के दौरान डॉक्टरों की ओर से इससे काफी अधिक राशि की मांग रखी गई थी। सरकार और डॉक्टरों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के बाद 21,500 रुपये की राशि पर सहमति बनी। अब आदेश में इसे 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी किए जाने से अप्रैल से सितंबर तक की अवधि के भुगतान को लेकर भी बढ़ी हुई दर लागू होने का आधार तैयार हो गया है।
स्टाइपेंड में यह संशोधन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रशिक्षण ले रहे इंटर्न डॉक्टरों के लिए सीधे आर्थिक लाभ से जुड़ा फैसला है। इंटर्नशिप के दौरान डॉक्टर अस्पतालों में मरीजों की देखभाल, विभिन्न विभागों में चिकित्सकीय कार्य और प्रशिक्षण से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाते हैं। ऐसे में स्टाइपेंड में बढ़ोतरी उनके प्रशिक्षण काल के दौरान मिलने वाली मासिक आर्थिक सहायता को बढ़ाएगी।
सरकार और इंटर्न डॉक्टरों के बीच विवाद का एक प्रमुख मुद्दा स्टाइपेंड था, लेकिन आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई भी चर्चा में रही। प्रदर्शन के दौरान वाटर कैनन और बल प्रयोग के बाद मामला और गंभीर हुआ था। उप मुख्यमंत्री ने इस घटनाक्रम पर कार्रवाई की बात कही थी। इसके बाद स्टाइपेंड बढ़ाने के निर्णय के साथ आंदोलन समाप्त होने का रास्ता साफ हुआ।
अब लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के आदेश के बाद 21,500 रुपये मासिक स्टाइपेंड की नई दर औपचारिक रूप से लागू हो गई है। 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होने के कारण यह निर्णय केवल आगे की अवधि तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आदेश में निर्धारित प्रभावी तारीख के आधार पर भुगतान की गणना की जाएगी।
