September 22, 2026

मनोज बाजपेयी पहुंचे दिल्ली हाई कोर्ट, एआई से आवाज और पहचान के इस्तेमाल को लेकर उठाया पर्सनैलिटी राइट्स का मुद्दा

0
5-1790067293

नई दिल्ली ।
अभिनेता मनोज बाजपेयी ने अपनी पहचान, आवाज, छवि और व्यक्तित्व से जुड़े अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। 57 वर्षीय अभिनेता ने सोमवार को अदालत में पर्सनैलिटी राइट्स यानी व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की मांग की। उनका आरोप है कि उनकी पहचान से जुड़े पहलुओं का उनकी अनुमति के बिना इस्तेमाल किया जा रहा है।

मामले में अभिनेता की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि उनके जैसे दिखने वाले रूप का इस्तेमाल उत्पादों के प्रचार के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक के जरिए उनकी आवाज और व्यक्तित्व से जुड़े पहलुओं को दोबारा तैयार किए जाने का आरोप लगाया गया है।

मामला दिल्ली हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति पुरुशेंद्र कुमार कौरव के सामने सुनवाई के लिए आया। अभिनेता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता स्वाति सुकुमार ने अदालत में पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े कई पहलुओं पर ध्यान दिया गया।

मामले में H2PG Designs Private Limited का नाम भी सामने आया। अभिनेता की ओर से आरोप लगाया गया कि कंपनी उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल इस तरह कर रही थी, जिससे यह प्रतीत होता है कि उन्होंने कंपनी द्वारा तैयार किए गए सूट पहने हैं। इस तरह उनकी छवि का व्यावसायिक इस्तेमाल किए जाने पर आपत्ति जताई गई है।

एक अन्य मामले में कथित तौर पर एआई तकनीक के जरिए अभिनेता की आवाज तैयार किए जाने का मुद्दा उठाया गया। अभिनेता की ओर से कहा गया कि उनकी आवाज और व्यक्तित्व की पहचान से जुड़े पहलुओं को बिना अनुमति दोबारा तैयार कर इस्तेमाल किया जा रहा है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने क्षेत्राधिकार यानी ज्यूरिस्डिक्शन का सवाल भी उठाया। न्यायमूर्ति कौरव ने पूछा कि जब मनोज बाजपेयी मुख्य रूप से मुंबई में रहते हैं, तो उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख क्यों किया। इस पर उनकी ओर से बताया गया कि मामले में कुछ आरोपी दिल्ली में मौजूद हैं। इसी आधार पर अदालत के समक्ष याचिका लाई गई है।

पर्सनैलिटी राइट्स का संबंध किसी व्यक्ति की पहचान से जुड़े ऐसे पहलुओं से है, जिनमें उसकी तस्वीर, आवाज, नाम, पहचान और सार्वजनिक छवि शामिल हो सकती है। मशहूर हस्तियों के मामले में इन अधिकारों का व्यावसायिक इस्तेमाल एक महत्वपूर्ण कानूनी मुद्दा बन चुका है।

दिल्ली हाई कोर्ट पहले भी कई प्रमुख कलाकारों और सार्वजनिक हस्तियों से जुड़े पर्सनैलिटी राइट्स मामलों में आदेश पारित कर चुका है। इनमें तब्बू, पवन कल्याण, अल्लू अर्जुन, मोहनलाल, काजोल, आर. माधवन, जूनियर एनटीआर और गायक जुबिन नौटियाल जैसी हस्तियां शामिल हैं।

इसके अलावा नागार्जुन, ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन और फिल्म निर्माता करण जौहर से जुड़े मामलों में भी व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा को लेकर अदालत का रुख सामने आ चुका है। इन मामलों में प्रमुख मुद्दा संबंधित हस्तियों की पहचान और छवि के अनधिकृत इस्तेमाल से जुड़ा रहा है।

अभिनेता सलमान खान भी पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े एक मामले में अदालत का रुख कर चुके हैं। इससे स्पष्ट है कि मनोरंजन जगत की हस्तियों के नाम, आवाज, तस्वीर और पहचान के व्यावसायिक या डिजिटल इस्तेमाल को लेकर कानूनी विवाद बढ़ रहे हैं।

मनोज बाजपेयी के मामले में अब अदालत के सामने यह मुद्दा है कि उनकी पहचान और व्यक्तित्व से जुड़े अधिकारों के कथित इस्तेमाल पर किस तरह की कानूनी सुरक्षा दी जा सकती है। विशेष रूप से एआई के जरिए आवाज और व्यक्तित्व की नकल से जुड़े आरोप इस मामले को तकनीक और सेलिब्रिटी अधिकारों के बीच उभरते कानूनी विवाद से जोड़ते हैं।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *