उत्तर प्रदेश में देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 10 वरिष्ठ IAS अधिकारियों के विभाग बदले, रणवीर प्रसाद को ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव ऊर्जा विभाग में किया गया है। डॉ. आशीष कुमार गोयल को ऊर्जा विभाग से हटाकर श्रम एवं सेवायोजन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी जगह रणवीर प्रसाद को प्रमुख सचिव ऊर्जा और अतिरिक्त ऊर्जा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रणवीर प्रसाद को ऊर्जा विभाग के साथ उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन, पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन, राज्य विद्युत उत्पादन निगम और यूपीएसएलडीसी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली से जुड़ी शिकायतों के बीच ऊर्जा विभाग में हुआ यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
परिवहन विभाग में भी नई जिम्मेदारी दी गई है। अमृत अभिजात को उनके मौजूदा विभागों के साथ परिवहन विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उनके पास पहले से पर्यटन, संस्कृति और धर्मार्थ कार्य विभाग की जिम्मेदारी है। अब परिवहन विभाग भी उनके कार्यक्षेत्र में शामिल हो गया है।
चिकित्सा और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। अमित कुमार घोष को चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग से हटाकर उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
वी हेकाली झिमोमी को चिकित्सा शिक्षा विभाग सौंपा गया है। इससे पहले उनके पास वन एवं पर्यावरण विभाग की जिम्मेदारी थी। इस बदलाव के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग का प्रशासनिक दायित्व भी नए अधिकारी के पास चला गया है।
प्रशासनिक फेरबदल के तहत डॉ. एमकेएस सुंदरम को कृषि से जुड़े कई विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार और निर्यात प्रोत्साहन विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है।
रविंद्र को पंचायती राज विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है। वहीं अनिल कुमार को पंचायती राज विभाग से हटाकर खाद्य एवं रसद तथा उपभोक्ता मामले विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें आयुक्त खाद्य एवं रसद का अतिरिक्त दायित्व भी सौंपा गया है।
महेंद्र प्रसाद अग्रवाल को उच्च शिक्षा विभाग से हटाकर वन एवं पर्यावरण तथा जलवायु परिवर्तन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही अमित गुप्ता को स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के साथ प्राविधिक शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
इस फेरबदल के साथ राज्य सरकार ने कई प्रमुख विभागों की प्रशासनिक जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। खास तौर पर ऊर्जा और बिजली से जुड़े विभागों में हुए परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित किया गया है। नई जिम्मेदारियों के तहत अधिकारियों को संबंधित विभागों के कामकाज को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभालनी होगी।
ऊर्जा विभाग में बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति और उससे जुड़ी शिकायतों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर लगातार काम किया जा रहा है। रणवीर प्रसाद को ऊर्जा विभाग के साथ बिजली क्षेत्र की प्रमुख संस्थाओं की जिम्मेदारी मिलने से विभागीय कामकाज में उनके अधिकार क्षेत्र का विस्तार हुआ है।
वहीं परिवहन, चिकित्सा शिक्षा और उच्च शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी नए अधिकारियों की तैनाती की गई है। कृषि, पंचायती राज, खाद्य एवं रसद तथा पर्यावरण से जुड़े विभागों में बदलाव के जरिए सरकार ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारियों का पुनर्विन्यास किया है।
