दिल्ली SIR में आडवाणी, जयशंकर और धनखड़ समेत कई दिग्गजों को नोटिस, चुनाव आयुक्त एसएस संधू का नाम भी सूची में
दिल्ली में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) जारी है. इस दौरान कई दिग्गजों के नाम SIR के तहत नोटिस पहुंच रहा है. सामने आया है कि इनमें पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ तक के नाम शामिल हैं. यहां तक चुनाव आयुक्त एसएस संधू का भी नाम इस लिस्ट में है, जिनके SIR विवरण में विसंगतियां हैं और उन्हें भी नोटिस जारी किया गया है.
दिलचस्प है कि इस लिस्ट में प्रख्यात अर्थशास्त्री बिबेक देबरॉय का नाम भी है, जिनका दिसंबर 2024 में निधन हो चुका है.
दिल्ली में SIR के बाद 97 लाख से ज्यादा वोटर्स की ड्राफ्ट लिस्ट जारी की गई है. इसमें करीब 33.13 लाख वोटर्स के रिकॉर्ड में किसी न किसी तरह की गड़बड़ी या अंतर मिला है. इन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं. ज्यादातर मामले ऐसे हैं, जिनमें मौजूदा वोटर की जानकारी का 2002 में हुए पिछले SIR की वोटर लिस्ट से मिलान नहीं हो पाया है.
नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि किसी का नाम वोटर लिस्ट से काट दिया जाएगा. नोटिस पाने वाले लोगों को अपनी बात रखने और जरूरी दस्तावेज देने का मौका मिलेगा.
पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, उनकी बेटी प्रतिभा और बहू गीतिका को SIR के तहत नोटिस मिला है. इन तीनों के मौजूदा रिकॉर्ड का 2002 की वोटर लिस्ट से मिलान नहीं हो पाया. हालांकि एलके आडवाणी के बेटे जयंत के रिकॉर्ड का मिलान हो गया है. परिवार के सभी चार सदस्य नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के वोटर हैं.
विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनकी पत्नी क्योको जयशंकर को भी नोटिस मिला है. दोनों के रिकॉर्ड को ‘Unmapped with Last SIR’ कैटेगरी में रखा गया है. आसान भाषा में इसका मतलब है कि उनके मौजूदा वोटर रिकॉर्ड का 2002 में हुए पिछले SIR की वोटर लिस्ट से मिलान नहीं हो सका. दोनों नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के सुनहरी बाग इलाके के वोटर हैं. पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी सुदेश को भी नोटिस दिया गया है.
चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू का नाम भी इस लिस्ट में आया है. उनके मामले में नाम का अंतर सामने आया है. उन्होंने SIR फॉर्म में अपना नाम ‘डॉ. एसएस संधू’ लिखा है, जबकि वोटर लिस्ट में उनका नाम ‘सुखबीर सिंह संधू’ दर्ज है. संधू नई मोती बाग के रहने वाले हैं और दिल्ली कैंट विधानसभा क्षेत्र के वोटर हैं. दस्तावेज देखकर नाम से जुड़ी गड़बड़ी ठीक की जाएगी. उनके बेटे दमनबीर के रिकॉर्ड में माता-पिता के नाम से जुड़ा अंतर पाया गया है.
पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, उनकी पत्नी सीमा सिसोदिया और बेटे मीर को भी नोटिस मिला है. उनकी पत्नी सीमा के रिकॉर्ड में उनके नाम से जुड़ा अंतर मिला है, जबकि बेटे मीर के रिकॉर्ड में माता-पिता के नाम से जुड़ी गड़बड़ी सामने आई है. विदेश सचिव विक्रम मिसरी को भी नोटिस मिला है. उनका रिकॉर्ड भी पिछले SIR से नहीं जुड़ पाया है.
इसके अलावा पूर्व JNU कुलपति एम. जगदीश कुमार, दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया, सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे, पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और CBI डायरेक्टर प्रवीण सूद जैसे कई बड़े नाम भी इस लिस्ट में हैं.
दिवंगत अर्थशास्त्री बिबेक देबरॉय का नाम भी सामने आया है. उनका नवंबर 2024 में निधन हो गया था. इसके बावजूद उनका नाम उन लोगों की लिस्ट में आया है, जिनके रिकॉर्ड में अंतर मिला है. उनका नाम अंतिम वोटर लिस्ट से हटाया जाएगा.
इससे पहले दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों को भी नोटिस मिल चुका है. राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल और उनकी पत्नी को भी इसी वजह से नोटिस मिला है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भी नोटिस मिला था, लेकिन दस्तावेजों की जांच के बाद उनका रिकॉर्ड सही पाया गया.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने साफ किया है कि नोटिस मिलने का मतलब वोटर लिस्ट से नाम कटना नहीं है. किसी भी व्यक्ति का नाम हटाने से पहले उसे अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा. नोटिस पाने वाले वोटर्स को अपने विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी या बूथ लेवल ऑफिसर के पास जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे. नोटिस से जुड़े मामलों को 29 अक्टूबर तक निपटाया जाना है. इसके बाद दिल्ली की अंतिम वोटर लिस्ट 4 नवंबर को जारी की जाएगी।
