बालों को लंबा और घना बनाने के लिए कौन सा तेल लगाएं? एक्सपर्ट ने बताए तीन खास हेयर ऑयल और उनके फायदे
डर्मेटोलॉजिस्ट निरुपमा परवंदा ने बालों की देखभाल के लिए तीन तेलों के बारे में जानकारी दी है। इनमें नारियल तेल, रोजमेरी ऑयल और बादाम का तेल शामिल हैं। विशेषज्ञ के मुताबिक, इनका इस्तेमाल बालों की स्थिति और जरूरत को ध्यान में रखकर किया जा सकता है।
सबसे पहले नारियल तेल की बात करें तो यह खासतौर पर रूखे और फ्रिजी बालों के लिए उपयोगी माना जाता है। अगर बाल आसानी से उलझते हैं, उनमें नमी की कमी रहती है या वे काफी ड्राई दिखाई देते हैं, तो नारियल तेल मददगार हो सकता है। यह बालों में प्रोटीन लॉस को कम करने में सहायता करता है।
नारियल तेल के इस्तेमाल से बालों में नमी बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इससे बालों का रूखापन और फ्रिजीनेस कुछ कम नजर आ सकती है। इसके साथ ही बाल अधिक मुलायम और चमकदार दिखाई दे सकते हैं। इसलिए ड्राई हेयर की समस्या वाले लोगों के लिए यह एक उपयोगी विकल्प हो सकता है।
दूसरा विकल्प रोजमेरी ऑयल है। इसे बालों की ग्रोथ से जोड़कर देखा जाता है। विशेषज्ञ के अनुसार, रोजमेरी ऑयल कुछ हद तक बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसका इस्तेमाल सीधे बालों या स्कैल्प पर नहीं करना चाहिए।
रोजमेरी ऑयल को किसी कैरियर ऑयल के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए नारियल तेल या जोजोबा ऑयल जैसे तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। यानी रोजमेरी ऑयल को सीधे लगाने के बजाय उसे किसी उपयुक्त कैरियर ऑयल के साथ मिलाकर हेयर केयर रूटीन में शामिल करना बेहतर तरीका है।
तीसरा विकल्प बादाम का तेल है। यह खासतौर पर सूखे और बेजान बालों के लिए उपयोगी हो सकता है। बादाम के तेल में विटामिन ई और फैटी एसिड पाए जाते हैं, जो बालों को मुलायम बनाने में मदद कर सकते हैं।
अगर बालों में चमक कम हो गई है या वे रूखे और बेजान नजर आते हैं, तो बादाम तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे बालों की फ्रिजीनेस कम करने और उन्हें अधिक मुलायम व चमकदार दिखाने में मदद मिल सकती है।
इस तरह बालों की जरूरत के अनुसार इन तीनों तेलों में से विकल्प चुना जा सकता है। रूखे और फ्रिजी बालों के लिए नारियल तेल, ग्रोथ पर ध्यान देने वालों के लिए उचित तरीके से इस्तेमाल किया गया रोजमेरी ऑयल और सूखे-बेजान बालों के लिए बादाम तेल उपयोगी हो सकता है। किसी भी तेल से परेशानी या जलन होने पर उसका इस्तेमाल रोक देना चाहिए।
