September 20, 2026

महेश भट्ट का संघर्ष: मां को सहारा देने के लिए कलम उठाई, फिर सिनेमा को बनाया अपनी पहचान

0
6-1789886974
नई दिल्ली । 20 वर्ष का एक लड़का मां को आर्थिक सहारा देने के लिए रोजगार की तलाश में निकला। कलम चलाने की प्रतिभा थी और उसी की राह पकड़ी। विज्ञापन लिखने शुरू किए। मगर, उस लड़के की जिंदगी में तमाम अनुभव थे। इमोशंस थे। उन भावनाओं को व्यक्त कर पाने का हुनर था। इसके लिए उसने सिनेमा को माध्यम बनाया। कुछ अपने निजी अनुभवों पर तो कुछ समाज के अनुभवों पर ऐसा सिनेमा रचा, जो दर्शकों के दिलों को छूने लगा। आज दुनिया उस लड़के को नामी निर्देशक महेश भट्ट के रूप में जानती है, जिनका आज जन्मदिन है।

मां की मदद के लिए साधी थी कलम

महेश भट्ट इंडस्ट्री के चर्चित निर्देशक, निर्माता और स्क्रीनराइटर हैं। उनका जन्म 20 सितंबर 1948 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता का नाम नानाभाई भट्ट और मां का नाम शिरीन मोहम्मद अली है। महेश भट्ट ने अपनी स्कूली पढ़ाई डॉन बॉस्को हाई स्कूल, माटुंगा से की है। महेश शुरू से ही प्रतिभा के धनी हैं, वे ना सिर्फ एक होनहार छात्र थे, बल्कि अपनी मां के कामों में भी इन्होंने शुरू से मदद की। बहुत ही कम उम्र में वे पैसे भी कमाने लगे थे। उन्होंने स्कूल के दिनों में ही नौकरी शुरू की। वहीं, महेश भट्ट ने 20 साल की उम्र में विज्ञापनों के लिए लिखना शुरू कर दिया था। उनके मुताबिक, परिवार को आर्थिक रूप से सहारा देने के लिए उन्होंने यह शुरुआत की।

26 की उम्र में बतौर निर्देशक शुरुआत

अपने संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ते हुए महेश भट्ट ने फिल्मी उद्योग में कदम रखा। महेश ने स्मिता पाटिल और विनोद खन्ना के सेक्रेटरी के रूप में काम किया। निर्देशन की बात करें तो महेश भट्ट ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1970 में आई डॉक्यूमेंट्री ‘संकट’ के निर्देशन से की थी। मगर, सिनेमा की दुनिया में बतौर निर्देशक महेश भट्ट ने फिल्म ‘मंजिलें और भी हैं’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया। तब उनकी उम्र महज 26 साल थी।

‘कब्जा’ से निर्माता की कुर्सी पर बैठे

पांच दशक से अधिक के करियर में महेश भट्ट ने कई चर्चित और हिट फिल्मों का निर्देशन किया है। कई प्रोड्यूस की हैं। वहीं, 100 से ज्यादा फिल्मों की कहानी को बतौर स्क्रिप्ट राइटर उन्होंने आकार दिया है। निर्देशक के रूप में अपनी पहचान बनाने के बाद उन्होंने 1987 में अपने भाई मुकेश भट्ट के साथ विशेष फिल्म्स के बैनर तले फिल्म ‘कब्जा’ के साथ निर्माता की भूमिका निभाई। अपने अब तक के फिल्मी करियर में महेश भट्ट ने ‘अर्थ’, ‘आशिकी’, ‘सारांश’ जैसी एक से बढ़कर एक फिल्में बनाई हैं।

महेश की फिल्म ‘सारांश’ को 14वें मॉस्को अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में दिखाया गया था। यह उस साल के सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्म के लिए अकादमी पुरस्कार के लिए भारत की ओर से थी। 1986 की फिल्म ‘नाम’ उनकी पहली व्यावसायिक सिनेमाई फिल्म थी। वे ‘लहू के दो रंग’, ‘अभिमन्यु’, ‘अर्थ’, ‘सारांश’, ‘आशिकी’, ‘डैडी’, ‘दिल है के मानता नहीं’ और ‘हम हैं राही प्यार के’ जैसी 80 से ज्यादा फिल्मों का निर्देशन और प्रोडक्शन कर चुके हैं।

छोटे पर्दे पर भी दिखाया दमखम

फिल्मों के अलावा महेश भट्ट ने छोटे पर्दे पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उन्होंने ‘स्वाभिमान’, ‘कभी कभी’ और ‘नामकरण’ जैसे कई चर्चित टीवी सीरियल्स का भी निर्देशन किया है।

महेश भट्ट को उनकी फिल्मों के लिए काफी पुरस्कार दिए गए। सबसे पहले उन्हें 1984 में फिल्म ‘अर्थ’ के लिए फिल्मफेयर बेस्ट स्क्रीन प्ले अवार्ड दिया गया। इसके बाद 1985 में फिल्म ‘सारांश’ को बेस्ट स्टोरी अवार्ड दिया गया। 1994 में ‘हम हैं राही प्यार के’ के लिए महेश को नेशनल फिल्म अवार्ड दिया गया। 1999 में उनकी फिल्म ‘जख्म’ को फिल्मफेयर बेस्ट स्टोरी अवार्ड दिया गया।

फिल्मों में दिखा निजी जिंदगी का प्रतिबिंब

महेश भट्ट ऐसे निर्देशक हैं, जिनके विचार कई बार लोगों को चौंकाते हैं। उनकी निजी विचारधारा की तरह उनकी फिल्मों के विषय और फिल्में दर्शकों को चौंकाती रही हैं। कभी विवाद हुए तो कभी आलोचना। उतार-चढ़ावों के बीच तारीफें भी खूब मिलीं। उन्होंने 70-80 के दशक में समाज के ऐसे विषयों पर फिल्में बनाने का साहस किया, जिन पर लोग बातें भी दबी जुबान से करते हों। आलोचनाओं से बेफिक्र रहते हुए उन्होंने बोल्ड विषयों को चुना। वे अपनी फिल्मों में नए प्रयोग करने के लिए जाने जाते हैं।

बेहद खुले विचारों वाले महेश भट्ट ने समाज की बंदिशों को तोड़ समाज की सोच बदलने वाली फिल्में बनाईं। उन्होंने ‘जहर’, ‘मर्डर 2’, ‘जिस्म 2’ जैसी फिल्में बनाकर अपना नाम बॉलीवुड के बोल्ड विषयों पर फिल्में बनाने वाले डायरेक्टर में शामिल कर लिया। महेश भट्ट ने कई फिल्मों में अपनी निजी जिंदगी को परदे पर भी उतारा है।

पूजा भट्ट को लेकर विवादित बयान पर हुआ था हंगामा

विवादों से भी महेश भट्ट का नाता रहा है। महेश अपनी बेटी पूजा भट्ट को लेकर भी विवादों में रहे। पूजा भट्ट के साथ एक फोटोशूट को लेकर काफी आलोचना हुई थी। एक इंटरव्यू में महेश भट्ट ने अपनी बेटी को लेकर विवादित बयान भी दिया था। बहरहाल महेश भट्ट कितने भी विवादों में रहे हों लेकिन वो उसे गंभीरता से नहीं लेते। आज भी वो हर मुद्दे पर बेबाक तरीके से राय रखते हैं।

महेश भट्ट की निजी जिंदगी और शादी

महेश भट्ट की निजी जिंदगी की बात करें तो उनकी पहली शादी किरण भट्ट (लोरिएन ब्राइट) से हुई। किरण से महेश कॉलेज के दिनों में मिले और प्यार हो गया। महेश भट्ट और किरण भट्ट के दो बच्चे पूजा भट्ट और राहुल भट्ट हैं। हालांकि, किरण भट्ट के साथ महेश भट्ट का रिश्ता टूट गया। इसके बाद उन्होंने सोनी राजदान से शादी रचाई। सोनी राजदान के साथ महेश भट्ट की दो बेटियां आलिया भट्ट और शाहीन भट्ट हैं।

महेश भट्ट का वर्क फ्रंट

महेश भट्ट के वर्क फ्रंट की बात करें तो वे फिल्म ‘नाम-टू लिव इज वॉर’ को लेकर चर्चा में हैं। इसमें वीर पहाड़िया अहम भूमिका में नजर आएंगे। महेश भट्ट इस फिल्म को पेश कर रहे हैं। वहीं, निर्देशन की कमान सिद्धांत सचदेव के कंधों पर है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *