मिर्जापुर में गंगा में कूदी महिला 14 घंटे बाद 35 किलोमीटर दूर चुनार घाट पर मछुआरों को जीवित मिली
पुलिस के अनुसार कछवां के बरैनी गांव निवासी 38 वर्षीय सुनीता साहनी की शादी करीब 18 वर्ष पहले कटरा के छोटी बसही मोहल्ला निवासी सूर्यबली से हुई थी। सूर्यबली गुजरात के जामनगर में काम करता है। बताया गया कि सुनीता किसी बात को लेकर नाराज थी और मंगलवार शाम उसने शास्त्री पुल से गंगा में छलांग लगा दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद उसकी तलाश की गई, लेकिन तत्काल उसका पता नहीं चल सका।
इसके बाद गंगा की तेज धारा महिला को बहाकर चुनार की ओर ले गई। बुधवार सुबह करीब सात बजे चुनार घाट पर गणेश साहनी, रामबाबू साहनी और रंजीत साहनी गंगा में मछली पकड़ रहे थे। इसी दौरान उन्होंने पानी में एक महिला को बहते हुए देखा। मछुआरों ने उसे बाहर निकाला और पुलिस को घटना की सूचना दी।
नदी से निकाले जाने के बाद महिला की हालत खराब थी। उसकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टर को बुलाकर उपचार कराया गया। उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। होश में आने पर महिला ने पुलिस को घटना के संबंध में जानकारी दी और बताया कि वह पति की एक बात से आहत होकर घर से निकली थी।
महिला के अनुसार मंगलवार शाम करीब चार बजे उसने अपने पति को फोन कर दवा खरीदने के लिए पैसे भेजने को कहा था। उसके मुताबिक पति ने पैसे भेजने से इनकार कर दिया और उससे कहा, “मेरा तुमसे कोई मतलब नहीं, जाकर मर जाओ।” महिला ने बताया कि पति की इस बात से आहत होकर वह घर से निकल गई और शास्त्री पुल पर पहुंचकर गंगा में छलांग लगा दी।
पुलिस की पूछताछ में महिला का अपनी सास के साथ विवाद होने की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार महिला ने अपने बयान में पति की बात से आहत होकर गंगा में छलांग लगाने की जानकारी दी है। महिला के जीवित मिलने के बाद पुलिस और उसके परिजनों ने राहत की सांस ली।
चुनार कोतवाल विजयशंकर सिंह के अनुसार मंगलवार शाम एक महिला के शास्त्री पुल से गंगा में कूदने की सूचना मिली थी। महिला अगले दिन चुनार घाट के पास मिली। उपचार के बाद उसकी हालत ठीक बताई गई और उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। महिला के शास्त्री पुल से चुनार तक पहुंचने की दूरी करीब 35 किलोमीटर बताई गई है। गंगा की तेज धारा में कई घंटे बहने के बाद महिला का जीवित मिलना इस घटना का प्रमुख पहलू रहा।
