24 सितंबर को पुष्य नक्षत्र में मंगल का प्रवेश, 5 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन के रास्ते
पुष्य को ज्योतिष में ‘नक्षत्रों का राजा’ कहा गया है और इसे शुभ नक्षत्रों में गिना जाता है। यह स्थायित्व, वृद्धि और पोषण का प्रतीक माना जाता है। मंगल इस समय अपनी नीच राशि कर्क में हैं, लेकिन शनि के नक्षत्र पुष्य में आने से उनके उग्र प्रभाव में कुछ कमी आने और धैर्य व रणनीतिक सोच बढ़ने की मान्यता है।
मेष: प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में फायदा
मंगल मेष राशि के स्वामी हैं और पुष्य नक्षत्र में उनका गोचर मेष राशि के चौथे भाव में होगा, जिसे सुख-संपत्ति से जोड़ा जाता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस दौरान भूमि, भवन या वाहन खरीदने के योग बन सकते हैं। माता के स्वास्थ्य में सुधार के संकेत मिल सकते हैं। प्रॉपर्टी से जुड़े पुराने कानूनी विवाद भी आपके पक्ष में सुलझने की संभावना बताई गई है।
कर्क: अटके काम गति पकड़ सकते हैं
मंगल कर्क राशि के प्रथम भाव में पुष्य नक्षत्र के दौरान रहेंगे। इस स्थिति को मानसिक दबाव और उग्रता में कमी से जोड़कर देखा जा रहा है। अटके हुए काम धैर्य और समझदारी से पूरे हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होने और अचानक धन लाभ के अवसर मिलने की संभावना जताई गई है।
कन्या: आमदनी के नए रास्ते बनेंगे
कन्या राशि के लिए मंगल का यह नक्षत्र परिवर्तन ग्यारहवें भाव में होगा, जिसे लाभ और आय का भाव माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार इस दौरान आमदनी के नए और स्थायी स्रोत बन सकते हैं। शेयर बाजार, रियल एस्टेट या व्यापारिक निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने के योग बताए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों और मित्रों से भी सहयोग मिलने की संभावना है।
वृश्चिक: भाग्य का साथ, योजनाओं को मिलेगी रफ्तार
वृश्चिक राशि के लिए मंगल का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश नवम भाव में होगा। मंगल वृश्चिक राशि के स्वामी भी हैं। इस गोचर को मानसिक मजबूती और भाग्य का साथ मिलने से जोड़ा गया है। लंबे समय से अटकी योजनाएं आगे बढ़ सकती हैं। धार्मिक या व्यावसायिक यात्राएं भी लाभकारी रहने की संभावना जताई गई है।
मकर: व्यापार और रिश्तों में सुधार
मकर राशि के लिए मंगल का गोचर सप्तम भाव में होगा। शनि मकर राशि के स्वामी हैं और मंगल शनि के स्वामित्व वाले पुष्य नक्षत्र में रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यता के मुताबिक पार्टनरशिप में कारोबार करने वालों को फायदा मिल सकता है। व्यापार विस्तार के अवसर बन सकते हैं और दाम्पत्य जीवन में चल रहे मतभेद दूर होने की संभावना है।
मंगल के पुष्य नक्षत्र में रहते क्या करें?
ज्योतिष में मंगल और शनि से जुड़े शुभ प्रभावों के लिए कुछ उपाय भी बताए गए हैं। मान्यता के अनुसार इस अवधि में शनिवार और मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें। शनि देव और मंगल देव की कृपा के लिए पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। गरीब और जरूरतमंद लोगों को काले तिल, गुड़ या तांबे के बर्तन का दान करें।
