भारत से नफरत है तो स्वाइप कर दो विदेशी महिला ने ट्रोलर्स को सुनाई खरी खोटी 10 मिनट की डिलीवरी ने बदल दिया नजरिया
महिला ने बताया कि उसने मुंबई में एक डिलीवरी ऐप के जरिए फूल ऑर्डर किए थे। उसे उम्मीद नहीं थी कि ऑर्डर करने के कुछ ही मिनट बाद फूल उसके दरवाजे तक पहुंच जाएंगे। लेकिन करीब 10 मिनट में डिलीवरी हो गई। इतनी तेजी से सामान पहुंचने का अनुभव उसके लिए हैरान करने वाला था। इसी अनुभव के बाद उसने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए उन लोगों को जवाब दिया जो भारत को पिछड़ा देश बताते हैं।
महिला का कहना था कि अगर किसी को भारत पसंद नहीं है या वह भारत से नफरत करता है तो वह उसके वीडियो को स्वाइप कर सकता है लेकिन सिर्फ कमियों के आधार पर पूरे देश को पिछड़ा बताना सही नहीं है। उसने अपने देश नीदरलैंड्स का उदाहरण भी दिया और कहा कि वहां भी डिलीवरी की सुविधाएं उपलब्ध हैं लेकिन भारत में यह व्यवस्था कई बड़े शहरों के साथ साथ छोटे शहरों तक भी तेजी से पहुंच रही है।
उसने खास तौर पर भारत के टियर वन और टियर टू शहरों का जिक्र किया। उसके मुताबिक भारत में अब केवल महानगरों में ही ऑनलाइन सामान मंगाने की सुविधा नहीं है बल्कि कई छोटे शहरों और कस्बों में भी लोग ऐप के जरिए अपनी जरूरत की चीजें घर बैठे मंगा सकते हैं। खाना हो या किराना हो दवा हो या फूल डिलीवरी सेवाओं ने शहरी जीवन को काफी आसान बनाया है।
हालांकि महिला ने भारत की तारीफ करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि वह देश की समस्याओं से अनजान नहीं है। उसने माना कि भारत के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं और उन पर सवाल उठाना भी जरूरी है। लेकिन उसका कहना था कि केवल कमियों को देखकर किसी पूरे देश को पिछड़ा मान लेना सही नजरिया नहीं हो सकता। किसी देश की तस्वीर को समझने के लिए उसकी समस्याओं के साथ उसकी उपलब्धियों और बदलावों को भी देखना चाहिए।
महिला ने इस सोच को टनल विजन जैसा बताया। यानी जब कोई व्यक्ति किसी जगह की सिर्फ कमियों पर ध्यान देता है और वहां हो रहे बदलावों को नजरअंदाज कर देता है। उसके मुताबिक भारत में डिजिटल पेमेंट ऑनलाइन शॉपिंग और तेज डिलीवरी जैसी सुविधाओं का विस्तार इस बात का उदाहरण है कि देश में रोजमर्रा की जिंदगी किस तरह बदल रही है।
महिला के वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। कई भारतीय यूजर्स ने उसकी बात का समर्थन किया और कहा कि भारत में डिलीवरी सेवाओं ने लोगों की जिंदगी को काफी सुविधाजनक बनाया है। कुछ लोगों ने कहा कि भारत को समझने के लिए सिर्फ पश्चिमी नजरिए से देखना पर्याप्त नहीं है। वहीं कुछ लोगों ने यह भी माना कि किसी देश के बारे में राय हर व्यक्ति के अनुभव पर निर्भर करती है।
दिलचस्प बात यह है कि पूरी चर्चा की शुरुआत किसी बड़ी तकनीकी उपलब्धि से नहीं बल्कि फूलों की एक छोटी सी डिलीवरी से हुई। लेकिन इस छोटे से अनुभव ने महिला को भारत के बारे में अपनी सोच साझा करने के लिए प्रेरित कर दिया। उसका संदेश यही था कि भारत में समस्याएं जरूर हैं लेकिन उसकी पूरी तस्वीर सिर्फ कमियों से नहीं बनती।
भारत में तेजी से बढ़ती डिजिटल सुविधाएं ऑनलाइन सेवाएं और डिलीवरी नेटवर्क देश की बदलती तस्वीर का हिस्सा हैं। मुंबई में रहने वाली इस महिला के लिए 10 मिनट में घर पहुंचे फूल इसी बदलाव का छोटा सा उदाहरण बन गए। सोशल मीडिया पर शुरू हुई यह चर्चा एक बार फिर दिखाती है कि किसी भी देश को समझने के लिए उसकी कमियों के साथ उसकी खूबियों और लगातार बदलती तस्वीर को भी देखना जरूरी है।
