September 13, 2026

नेपाल में बाढ़ के बाद राहत अभियान तेज, अमेरिका ने 50 लाख डॉलर से ज्यादा की मदद दी, मृतकों की पहचान में FBI जुटी

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वॉशिंगटन। नेपाल में बाढ़ की तबाही के बाद राहत के साथ-साथ मृतकों की पहचान का काम भी चुनौती बना हुआ है। इस मुश्किल घड़ी में अमेरिका ने नेपाल के राहत अभियान में अपनी मदद बढ़ा दी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने नेपाल पुलिस को फोरेंसिक जांच के लिए 10 लाख डॉलर की अतिरिक्त सहायता मंजूर की है। इस राशि से डीएनए किट और दूसरी जरूरी फोरेंसिक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। अमेरिका की ओर से नेपाल को अब तक मानवीय, स्वास्थ्य और फोरेंसिक सहायता के रूप में 50 लाख डॉलर से ज्यादा दिए जा चुके हैं।

आपदा के बाद राहत सामग्री उन इलाकों तक पहुंचाना भी बड़ी चुनौती है, जहां बाढ़ के कारण संपर्क टूट गया है। अमेरिका ने इसके लिए भोजन से लेकर परिवहन और लॉजिस्टिक्स तक की व्यवस्था में सहयोग दिया है।

10 हजार परिवारों को तीन महीने तक भोजन

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के जरिए अमेरिका ने 30 लाख डॉलर की मदद उपलब्ध कराई है। इस सहायता से बाढ़ प्रभावित 10,000 परिवारों को तीन महीने तक आपातकालीन खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

दूरदराज और संपर्कविहीन इलाकों में राहत पहुंचाने के लिए हवाई और जमीनी परिवहन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रभावित लोगों तक मानवीय सहायता की सप्लाई बनाए रखना है।

घर उजड़े तो अमेरिका ने भेजी जरूरी सामग्री

कैथोलिक रिलीफ सर्विसेज (CRS) के माध्यम से 6,85,000 डॉलर की सहायता दी गई है। इससे प्रभावित परिवारों को भोजन, अस्थायी आश्रय, साफ पानी, स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़ी मदद दी जा रही है। राहत सामग्री में कंबल, प्लास्टिक शीटिंग, टेंट, सोलर लाइट और डिग्निटी किट शामिल हैं।

बाढ़ प्रभावित बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ‘चाइल्ड फ्रेंडली’ स्थान भी बनाए जा रहे हैं, ताकि उन्हें आपदा के बाद सुरक्षित माहौल मिल सके।

स्वास्थ्य और पोषण पर भी फोकस

स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए रखने के लिए झपीगो (Jhpiego), एफएचआई-360 और यूनिसेफ के जरिए 3,65,000 डॉलर की सहायता दी गई है। यह राशि स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता संबंधी जरूरतों पर खर्च की जा रही है।

DNA से होगी शवों की पहचान

बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान के लिए अमेरिका ने फोरेंसिक विशेषज्ञता भी उपलब्ध कराई है। FBI के विशेषज्ञ नेपाल पुलिस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। डीएनए समेत दूसरी फोरेंसिक तकनीकों के जरिए पीड़ितों की पहचान की जा रही है।

इसका एक अहम उद्देश्य उन अमेरिकी नागरिकों के परिजनों को भी जानकारी उपलब्ध कराना है, जो आपदा के बाद अपने परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।

खोज-बचाव के लिए अमेरिकी सेना ने दिया उपकरण

नेपाल के नेतृत्व में चल रहे खोज, बचाव और राहत अभियानों में अमेरिकी सेना भी संसाधनों के साथ सहयोग कर रही है। सेना ने 5,000 विशेष आपदा पीड़ित रिकवरी सामग्री, 500 फर्स्ट एड किट, स्ट्रेचर और फ्रंट-एंड लोडर उपलब्ध कराए हैं।

जमीन पर चार सदस्यीय अमेरिकी सैन्य सिविल अफेयर्स टीम भी मौजूद है। यह टीम मानवीय सहायता और आपदा राहत से जुड़ी परियोजनाओं में सहयोग कर रही है।

अमेरिका ने संकेत दिया है कि नेपाल में हालात और राहत की जरूरत का आकलन करते हुए आगे भी सहायता बढ़ाई जा सकती है। प्रभावित क्षेत्रों में अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

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