September 11, 2026

मायावती का सपा-कांग्रेस पर तीखा हमला, बोलीं- नीला रंग पहनने से नहीं बदलेगी जातिवादी सोच

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लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बीएसपी के नीले रंग को अपनाने और मंचों व कपड़ों में इसका इस्तेमाल करने से विपक्षी दलों की सोच नहीं बदल जाएगी। बहुजन समाज के हित की बात करने से पहले इन दलों को अपना दिल और दिमाग साफ करना चाहिए। मायावती ने सपा के पीडीए और कांग्रेस की राजनीति पर भी सवाल उठाए।

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि सपा, कांग्रेस और अन्य विरोधी दल बीएसपी के नीले रंग को अपनाकर उसे कपड़ों और मंचों पर इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन इससे गरीबों, दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और अन्य उपेक्षित वर्गों के प्रति उनकी वर्षों पुरानी सोच नहीं बदल सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों की सोच जातिवादी, संकीर्ण, सामंती और पूंजीवादी रही है।

उन्होंने कहा कि केवल नीला रंग अपनाने से कोई दिल से अंबेडकरवादी नहीं बन सकता। बहुजन समाज के वास्तविक हित और कल्याण के लिए पहले इन दलों को अपनी सोच में बदलाव लाना होगा। मायावती ने आरोप लगाया कि ये दल इन वर्गों के मुद्दों पर “गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं” और कहते कुछ हैं, जबकि करते उसके विपरीत हैं।

पीडीए को लेकर सपा पर निशाना
मायावती ने सपा के पीडीए को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के मुद्दे पर सपा की सोच, चाल, चरित्र और चेहरा अलग-अलग रहा है। उन्होंने दावा किया कि बहुजन समाज के हितों की वास्तविक लड़ाई केवल बीएसपी ही लड़ती रही है।

उन्होंने बीएसपी से निष्कासित नेताओं को लेकर भी विरोधी दलों पर हमला बोला। मायावती ने कहा कि अनुशासनहीनता समेत विभिन्न कारणों से पार्टी से निकाले गए कई लोग बाद में दूसरी पार्टियों में चले गए और कुछ ने छोटे संगठन या राजनीतिक दल भी बना लिए। उनके मुताबिक, ऐसे लोग व्यक्तिगत स्वार्थ और अवसरवाद की राजनीति करते हैं और बहुजन समाज के सामूहिक हित के लिए काम नहीं कर सकते।

कांग्रेस को बताया ‘डूबता जहाज’
मायावती ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिन लोगों को बीएसपी से निकाले जाने के बाद अपने साथ लेने की बात कर रही है, वह खुद “डूबते जहाज” जैसी स्थिति में है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी पार्टी में शामिल होकर कोई अपना राजनीतिक भविष्य अंधकार में क्यों डालेगा।

मायावती ने अपने बयान में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवनकाल में बहुजन समाज के लोगों को कांग्रेस से सावधान रहने की चेतावनी दी थी।

अशोक सिद्धार्थ के इस्तीफे पर भी बोला हमला
मायावती ने बीएसपी से जुड़े रहे और आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि पार्टी की ओर से राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दिए जाने के बाद अशोक सिद्धार्थ ने तत्काल घोषणा नहीं की। मायावती के मुताबिक, उन्होंने पूरी रात इसे रोकने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए और अगले दिन सुबह करीब 6:30 बजे मजबूरी में अपने राजनीतिक संन्यास की घोषणा की।

मायावती ने कहा कि सही समय आने पर पार्टी के लोगों को इस मामले में और भी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बीएसपी कार्यकर्ताओं से मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को समझने और पार्टी व आंदोलन के हित में सतर्क रहने की अपील की।

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