बाबा नीम करौली के पैतृक घर पर विवाद, पोतियों ने लगाए अवैध कब्जे के आरोप; जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित
विवाद अकबरपुर गांव में स्थित मकान नंबर 154 और आसपास की संरचनाओं से जुड़ा है। यही स्थान संत के जन्मस्थान के रूप में जाना जाता है। वर्तमान में इस स्थल को पर्यटक आकर्षण के तौर पर विकसित किया जा रहा है। यहां संत का ध्यान कक्ष, भोजन क्षेत्र, अतिथि क्वार्टर और शयनकक्ष जैसी संरचनाएं मौजूद हैं।
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, विवाद 24 अगस्त को हुए एक पारिवारिक कार्यक्रम के बाद सामने आया। आरोप है कि संत के दिवंगत बेटे धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियों को घर के कमरों में ठहरने की अनुमति नहीं दी गई। यह मकान एक डुप्लेक्स है और करीब 4000 वर्ग फुट क्षेत्रफल वाले भूखंड पर बना हुआ है।
मामले को लेकर छह पोतियों सुनीता शर्मा, अर्चना शर्मा, वंदना शर्मा, भावना रावत, रितु तिवारी और ऋचा रावत ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पैतृक निवास को ट्रस्ट के नियंत्रण से मुक्त करने की मांग की है। भावना रावत के पति मनोज रावत ने बताया कि संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जांच समिति को सौंपे जा चुके हैं।
श्री नीम करौली महाराज ट्रस्ट की अध्यक्ष वर्तमान में संत की बेटी गिरिजा देवी भटेले हैं। उनकी दिवंगत पत्नी रामबेटी पहले ट्रस्ट की अध्यक्ष रह चुकी हैं। शिकायत के बाद अब संपत्ति से जुड़े दावों और दस्तावेजों की जांच प्रशासनिक समिति करेगी।
हालांकि, परिवार के एक अन्य सदस्य धनंजय शर्मा ने इन आरोपों से दूरी बनाई है। वह संत के दूसरे दिवंगत बेटे अनेक सिंह शर्मा के बेटे हैं। उनका कहना है कि संपत्ति बाबा नीम करौली की इच्छा के अनुसार ट्रस्ट को सौंपी गई थी। उन्होंने परिवार के बीच पैदा हुए विवाद पर चिंता जताते हुए मामले को आपसी सहमति से सुलझाने की अपील की है।
वहीं ट्रस्ट के सचिव संजय गुप्ता ने किसी भी अवैध कब्जे या ट्रस्ट के भीतर विवाद से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्हें धर्म नारायण शर्मा ने नियुक्त किया था और वह संस्था की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन की ओर से उन्हें अब तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
पैतृक घर से जुड़ा यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब बाबा नीम करौली महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ रिलीज होने के बाद चर्चा में है। सात अगस्त 2026 को रिलीज हुई इस फिल्म ने एक महीने के भीतर दुनिया भर में 150 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है।
अब पैतृक संपत्ति को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच तीन सदस्यीय समिति करेगी। जांच के दौरान संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों, ट्रस्ट के नियंत्रण और परिवार की ओर से किए गए दावों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल प्रशासनिक जांच शुरू होने के बाद इस विवाद के आगे की दिशा समिति की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।
