September 9, 2026

जीएफएफ 2026 में समीर निगम ने वित्तीय समावेशन के अगले दशक का विजन रखा, डिजिटल पहुंच बढ़ाने की रणनीति बताई

0
25-1788956302
नई दिल्ली । फोनपे ने बुधवार को ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में अगले दशक के लिए अपने विजन को सामने रखा। कंपनी के संस्थापक और सीईओ समीर निगम ने मुख्य संबोधन में देशभर के लोगों, परिवारों और कारोबारों के लिए डिजिटल प्रगति को आगे बढ़ाने की रणनीतिक रूपरेखा साझा की। यह प्रस्तुति कंपनी की एक दशक लंबी तकनीकी नवाचार और बड़े स्तर पर विस्तार की यात्रा पर आधारित रही।

सत्र की शुरुआत में समीर निगम ने फोनपे के मूल दर्शन और समावेशी विकास पर कंपनी के फोकस को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि वास्तविक प्रगति का आकलन केवल इस आधार पर नहीं होना चाहिए कि शीर्ष 10 प्रतिशत लोग कितनी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, बल्कि यह भी देखना जरूरी है कि कहीं कोई पीछे तो नहीं छूट रहा। उनके मुताबिक फोनपे ने पिछले एक दशक में भारत की प्रगति को दिशा देने वाले तकनीकी अग्रणी के रूप में काम किया है और उसके पूरे इकोसिस्टम के उत्पादों को प्रगति की राह में आने वाली बाधाओं को कम करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

समीर ने कहा कि वास्तविक वित्तीय समावेशन अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक वर्गों के लिए अलग उत्पाद तैयार करने तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार जरूरी यह है कि ऐसा सिस्टम बनाया जाए, जो हर भारतीय की जरूरत के अनुरूप लचीले तरीके से काम कर सके।

उन्होंने बताया कि फोनपे ने एनपीसीआई के साथ मिलकर उन बाधाओं को व्यवस्थित रूप से दूर करने पर काम किया है, जिनके कारण लंबे समय से लोग डिजिटल अर्थव्यवस्था से बाहर रहे। इनमें स्मार्टफोन, बैंक खाते और सीमाओं से संबंधित अड़चनें शामिल हैं। हार्डवेयर से जुड़ी समस्या पर उन्होंने यूपीआई 123पे के विस्तार का उल्लेख किया। उनके मुताबिक 20 करोड़ से अधिक फीचर फोन यूजर्स डिजिटल अर्थव्यवस्था से बाहर थे। इंटरनेट के बिना एसएमएस, आईवीआर, मिस्ड कॉल और वॉयस तकनीक के जरिए यह सिस्टम यूपीआई की सुविधाएं फीचर फोन तक पहुंचाता है। प्रमुख कंपनियों के साथ साझेदारी में अब तक आठ लाख से अधिक ऐसे सक्षम डिवाइस भेजे जा चुके हैं।

उन्होंने यूपीआई सर्किल का भी उल्लेख किया, जिसके जरिए मुख्य अकाउंट धारक अपने आश्रितों को सुरक्षित तरीके से खर्च करने की अनुमति दे सकते हैं। सीमा से जुड़ी बाधाओं को कम करने के लिए सिंगापुर, यूएई, फ्रांस और नेपाल में यात्रियों के लिए यूपीआई का विस्तार किया गया है। एनआरई और एनआरओ खातों के माध्यम से 3.5 करोड़ से अधिक एनआरआई के लिए डिजिटल भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

धन और बचत को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए समीर ने ‘सैशेकरण की विचारधारा’ पेश की। इसके तहत बड़े वित्तीय निवेश को छोटी रोजमर्रा की आदतों में बदलने पर जोर है। फोनपे डेली एफडी के जरिए 100 रुपये प्रतिदिन से बैंक स्तर की एफडी शुरू की जा सकती है। डेली गोल्ड, सिल्वर और म्यूचुअल फंड एसआईपी की शुरुआत 10 रुपये से होती है।

निवेश संबंधी मार्गदर्शन के लिए उन्होंने सीआरआईएसपी का जिक्र किया, जो रियल-टाइम बाजार की जानकारी उपलब्ध कराता है। उन्होंने बताया कि यह हाई नेटवर्थ यूजर्स की जरूरतों के अनुसार एकमुश्त निवेश और एफएंडओ ट्रेडिंग तक विस्तार कर सकता है।

क्रेडिट की पहुंच बढ़ाने को लेकर समीर ने बताया कि फोनपे का एआई आधारित अंडरराइटिंग सिस्टम 2.5 मिनट में लोन वितरण संभव बना रहा है। उन्होंने कहा कि रोजाना के सेटलमेंट इतिहास को क्रेडिट स्कोर के तौर पर इस्तेमाल करते हुए ऑटोमेटेड डेली-रिपेमेंट मर्चेंट लोन के जरिए उन लोगों तक भी क्रेडिट पहुंचाया जा रहा है, जिनका पारंपरिक क्रेडिट स्कोर नहीं है। उन्होंने विश क्रेडिट कार्ड का भी उल्लेख किया, जो पहली बार कर्ज लेने वालों को साधारण एफडी के जरिए क्रेडिट हिस्ट्री बनाने में मदद करता है। एसबीआई और एचडीएफसी के साथ साझेदारी में यूपीआई पर रुपे क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

मर्चेंट इकोसिस्टम के लिए फोनपे बिजनेस ऐप को नए रूप में पेश किया गया है। इसमें हाइपरलोकल ऑनलाइन विज्ञापन, व्यक्तिगत बाजार जानकारी और बिना कोडिंग पेमेंट सेटअप की सुविधा शामिल है। स्मार्टकनेक्ट, स्मार्टस्टोर और फोनपे पेमेंट गेटवे के साथ डेटा आधारित सीआरएम, लॉयल्टी इंजन, स्मार्ट स्पीकर और एआई ऑडियो अलर्ट जैसी सुविधाएं भी इकोसिस्टम का हिस्सा हैं।

सत्र के अंत में समीर ने फोनपे प्लस प्रो पेश किया। यह हाइपरलोकल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म हर महीने होने वाले 11 अरब से अधिक ट्रांजैक्शन से डेटा प्राप्त करता है और 40 वर्ग मीटर तक के छोटे भौगोलिक क्षेत्र के स्तर पर जानकारी उपलब्ध कराता है। इसका उद्देश्य कारोबारियों और नीति निर्माताओं को रणनीतिक विकास संबंधी फैसलों में मदद करना है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *