September 8, 2026

यूपी में समग्र शिक्षा के संविदा कर्मियों का मानदेय 25% बढ़ेगा, 11,902.85 करोड़ का बजट मंजूर

0
untitled-1788867226

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में समग्र शिक्षा के तहत सेवा प्रदाता के माध्यम से काम कर रहे संविदा कर्मियों के मानदेय में 25 प्रतिशत बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई समग्र शिक्षा कार्यकारी समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता, उपलब्ध संसाधनों के इस्तेमाल, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और समग्र शिक्षा की स्वीकृत कार्ययोजना के क्रियान्वयन की समीक्षा भी की गई।

राज्य परियोजना कार्यालय के साथ समग्र शिक्षा (प्रारंभिक शिक्षा) और समग्र शिक्षा (माध्यमिक) के जिला परियोजना कार्यालयों में सेवा प्रदाता के जरिए कार्यरत कार्मिकों के मानदेय में यह वृद्धि होगी। बैठक में बताया गया कि इन कर्मचारियों के मानदेय में वर्ष 2020 के बाद से कोई बढ़ोतरी नहीं हुई थी।

यूनिफॉर्म की रकम का उसी काम में इस्तेमाल हो

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म के लिए डीबीटी के जरिए अभिभावकों को दी जा रही राशि का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्य के लिए ही हो। अभिभावकों को इसके लिए जागरूक करने के साथ बच्चों को तय यूनिफॉर्म में स्कूल भेजना भी सुनिश्चित करने को कहा गया।

उन्होंने सरकारी स्कूलों में मौजूद स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही उपलब्ध तकनीकी उपकरणों और अन्य संसाधनों का अधिकतम एवं प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

पढ़ाई के साथ खेल और प्रयोगशालाओं पर फोकस

एसपी गोयल ने कहा कि विद्यार्थियों के विकास को केवल कक्षा में होने वाली पढ़ाई तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। खेलकूद और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को भी शिक्षा का अहम हिस्सा बनाया जाए।

उन्होंने शासकीय विद्यालयों की भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान की प्रयोगशालाओं में आवश्यक उपकरण पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने और विद्यार्थियों से उनका नियमित व प्रभावी उपयोग कराने के निर्देश दिए।

2025-26 में 92.46% बजट खर्च

बैठक में समग्र शिक्षा के वित्तीय उपयोग की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि वर्ष 2025-26 में बजट के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों के बाद 9,425.21 करोड़ रुपये खर्च किए गए। यह उपलब्ध कुल धनराशि का 92.46 प्रतिशत था। इसके मुकाबले वर्ष 2024-25 में उपलब्ध धनराशि का 69.60 प्रतिशत ही खर्च हो सका था।

वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड ने समग्र शिक्षा के तहत 11,902.85 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को इस राशि का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सघन और लक्षित प्रयास करने के निर्देश दिए।

बाल वाटिका से कक्षा-2 तक निपुण भारत पर जोर

बैठक में निपुण भारत मिशन की प्रगति की भी जानकारी दी गई। इसके तहत बाल वाटिका से कक्षा-2 तक के विद्यार्थियों की बुनियादी भाषायी और गणतीय क्षमताओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

परिषदीय विद्यालयों में इस पहल को कक्षा-3 से 5 तक भी विस्तारित किया गया है। इन कक्षाओं के लिए हिंदी, गणित, अंग्रेजी और पर्यावरण विषयों में सीखने के लक्ष्य तय किए गए हैं।

टाटा टेक्नोलॉजी और यास्कावा के साथ एमओयू

बैठक में बताया गया कि मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद ड्रीम लैब की स्थापना के लिए टाटा टेक्नोलॉजी, जापानी कंपनी यास्कावा और अन्य उद्योग समूहों के साथ विभाग की ओर से एमओयू किया जा चुका है। वहीं, राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के स्कूल सेफ्टी ऑडिट के लिए कार्यदायी संस्था का चयन भी पूरा हो गया है।

बैठक में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित कुमार घोष, प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण संयुक्ता समद्दार, महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *