अमेरिका में सत्यनारायण पूजा करवाना क्यों पड़ता है महंगा, पंडित की फीस से लेकर मंदिर और पूजा सामग्री तक जानें पूरा खर्च
भारत में सत्यनारायण पूजा सामान्य तौर पर कुछ हजार रुपये में हो जाती है। छोटे शहरों और गांवों में इसका खर्च करीब दो से पांच हजार रुपये तक हो सकता है, जबकि दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में भी करीब 15 से 20 हजार रुपये में पूजा करवाई जा सकती है। इसके मुकाबले अमेरिका में इसी पूजा का खर्च काफी ज्यादा हो सकता है।
अमेरिका में सत्यनारायण पूजा के लिए पंडित की फीस 300 डॉलर या उससे अधिक हो सकती है। भारत की तरह वहां हर शहर, कस्बे या इलाके में आसानी से पंडित उपलब्ध नहीं होते। ऐसे में कई दिन पहले बुकिंग करानी पड़ सकती है। पंडित अगर किसी दूसरे शहर या दूर की जगह से आ रहे हैं तो उनके आने-जाने का खर्च भी यजमान को उठाना पड़ सकता है।
दूरी के हिसाब से पंडित के आने-जाने का खर्च करीब 50 डॉलर से लेकर 100 या 150 डॉलर तक हो सकता है। यानी पूजा के शुरुआती खर्च में ही पंडित की फीस के साथ यात्रा का खर्च जुड़ जाता है।
अगर कोई व्यक्ति अपने घर या ऑफिस की जगह मंदिर में सत्यनारायण पूजा करवाना चाहता है, तो वहां भी पहले से बुकिंग करानी पड़ सकती है। मंदिर में पूजा करवाने के लिए अलग से शुल्क देना पड़ सकता है, जो करीब 100 से 150 डॉलर तक बताया गया है। इसके बाद पूजा सामग्री का खर्च सामने आता है।
अमेरिका में भारत की तुलना में पूजा सामग्री हर जगह आसानी से उपलब्ध नहीं होती। फल, फूल, प्रसाद, कलश, पान, सुपारी और पूजा में इस्तेमाल होने वाली अन्य जरूरी चीजों के लिए कई किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ सकती है। कुछ सामग्री की कीमत भी भारत के मुकाबले अधिक हो सकती है। केले का पत्ता तक वहां महंगा मिल सकता है।
प्रसाद की व्यवस्था भी खर्च बढ़ा सकती है। यदि घर पर प्रसाद बनाया जाए तो अलग बात है, लेकिन बाहर से ऑर्डर करने पर अतिरिक्त पैसा खर्च होता है। इन सभी खर्चों को जोड़ने के बाद अमेरिका में सत्यनारायण पूजा का कुल खर्च 1000 डॉलर यानी करीब एक लाख रुपये या उससे अधिक तक पहुंच सकता है।
भारत में पूजा के खर्च में पंडित की फीस करीब 1100 से 5100 रुपये, पूजा सामग्री 500 से 2000 रुपये, ताजे फल 500 से 2000 रुपये, पंचामृत और प्रसाद 500 से 1000 रुपये तथा मुख्य प्रसाद के लिए करीब 300 से 1500 रुपये तक खर्च हो सकता है। हालांकि, जगह और आयोजन के स्तर के अनुसार यह रकम कम या ज्यादा हो सकती है।
अमेरिका हो या भारत, यदि पूजा बड़े स्तर पर आयोजित की जाए तो सजावट, मेहमानों की संख्या और भोजन जैसी व्यवस्थाओं से खर्च कई गुना बढ़ सकता है। अमेरिका में भारतीय त्योहारों के दौरान पंडितों की मांग बढ़ने से फीस भी अधिक हो सकती है। नवरात्र, दिवाली, गणेश चतुर्थी, जन्माष्टमी और महाशिवरात्रि जैसे अवसरों पर मांग बढ़ने के कारण पूजा से जुड़ा कुल खर्च और बढ़ सकता है।
