उपचुनाव की तारीखों का ऐलान, 9 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी और 9 अक्टूबर को सभी सीटों के नतीजे आएंगे
उपचुनाव के तहत तमिलनाडु की मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। पुडुचेरी की थट्टानचावड़ी विधानसभा सीट और पश्चिम बंगाल की रेजीनगर तथा नंदीग्राम विधानसभा सीट भी इस चुनाव में शामिल हैं। इसके अलावा असम की नगांव लोकसभा सीट पर भी उपचुनाव कराया जाएगा। निर्वाचन आयोग के अनुसार चुनाव की पूरी प्रक्रिया 11 अक्टूबर 2026 से पहले पूरी कर ली जाएगी।
उपचुनाव की घोषणा के साथ ही संबंधित जिलों में चुनावी आचार संहिता लागू हो गई है। आयोग ने मतदाता सूची को लेकर भी जानकारी दी है। उसके मुताबिक नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख तक मतदाता सूची को लगातार अपडेट किया जाएगा। इसके लिए जरूरी है कि संबंधित आवेदन नामांकन की समयसीमा से कम से कम 10 दिन पहले प्राप्त हो जाएं।
मतदान के दौरान एपिक कार्ड मुख्य पहचान दस्तावेज बना रहेगा। इसके साथ मतदाता आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड और पासपोर्ट का भी इस्तेमाल कर सकेंगे। सभी मतदान केंद्रों पर ईवीएम और वीवीपेट के जरिए मतदान कराया जाएगा।
असम की नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के कारण हो रहा है। इस सीट की अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी को जारी की गई थी। पश्चिम बंगाल की रेजीनगर विधानसभा सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई है, जबकि नंदीग्राम विधानसभा सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई। दोनों सीटों की अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की गई थी।
तमिलनाडु की मदुरांतकम विधानसभा सीट मरागथम कुमारवेल के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। वहीं धारापुरम विधानसभा सीट पी. सत्यबामा के इस्तीफे के चलते रिक्त हुई। इन दोनों सीटों की अंतिम मतदाता सूची 23 फरवरी को प्रकाशित की गई थी।
पुडुचेरी की थट्टानचावड़ी विधानसभा सीट एन. रंगासामी के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। इस सीट की अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को जारी की गई थी। अब निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार इन सभी रिक्त सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा और 9 अक्टूबर को परिणाम सामने आएंगे।
नामांकन प्रक्रिया 9 सितंबर को अधिसूचना जारी होने के साथ शुरू होगी और 16 सितंबर तक उम्मीदवार अपने नामांकन दाखिल कर सकेंगे। आयोग ने चुनाव प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी करने का कार्यक्रम तय किया है। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आचार संहिता प्रभावी हो चुकी है और मतदान के लिए ईवीएम तथा वीवीपेट का इस्तेमाल किया जाएगा।
