हनुमान जी की पूजा में क्या चढ़ाएं और क्या न करें? जानें प्रिय भोग, फूल और पूजा के आसान उपाय
हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए भव्य और महंगे भोग की अपेक्षा सच्चे मन से की गई पूजा को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में लाल और केसरिया रंग का विशेष महत्व बताया गया है। इसलिए कई श्रद्धालु हनुमान जी को लाल फूल अर्पित करते हैं। गुड़हल का फूल विशेष रूप से प्रिय माना जाता है। इसके अलावा भक्त लाल रंग के वस्त्र और लाल रंग की पूजा सामग्री का भी उपयोग करते हैं।
हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करने की परंपरा भी बहुत प्रचलित है। धार्मिक कथाओं के अनुसार सिंदूर का संबंध माता सीता और भगवान राम के प्रति हनुमान जी की अटूट भक्ति से जोड़ा जाता है। इसलिए भक्त बजरंगबली को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करते हैं। मान्यता है कि श्रद्धा से किया गया यह पूजन भक्त के जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने में सहायक होता है।
भोग की बात करें तो हनुमान जी को बूंदी के लड्डू और बेसन के लड्डू विशेष रूप से प्रिय माने जाते हैं। मंगलवार और शनिवार को भक्त मंदिरों में लड्डू का भोग लगाकर प्रसाद बांटते हैं। इसके अलावा गुड़ और चने का भोग भी बजरंगबली को अर्पित किया जाता है। कई जगहों पर केले और अन्य सात्विक फलों का भोग लगाने की परंपरा भी है। माना जाता है कि भोग हमेशा शुद्ध और सात्विक होना चाहिए और उसे पहले भगवान को अर्पित करने के बाद ही प्रसाद के रूप में ग्रहण करना चाहिए।
हनुमान जी भगवान राम के सबसे बड़े भक्त माने जाते हैं। इसलिए राम नाम का जाप और रामायण या सुंदरकांड का पाठ भी हनुमान जी को अत्यंत प्रिय बताया गया है। भक्त अपनी क्षमता और श्रद्धा के अनुसार हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता है कि नियमित रूप से हनुमान चालीसा पढ़ने से मन को शांति मिलती है और व्यक्ति में आत्मविश्वास तथा साहस का संचार होता है।
पूजा के दौरान भगवान हनुमान के सामने दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है। चमेली के तेल का दीपक कई श्रद्धालु विशेष रूप से जलाते हैं। इसके साथ ही भगवान राम और हनुमान जी का स्मरण करते हुए सच्चे मन से प्रार्थना की जाती है। मान्यता है कि हनुमान जी की पूजा में पवित्रता और संयम का विशेष महत्व होता है।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार हनुमान जी को सबसे अधिक प्रिय है सच्ची भक्ति और सेवा का भाव। जरूरतमंद की मदद करना गरीबों को भोजन कराना और किसी के प्रति मन में बुराई न रखना भी भगवान की कृपा प्राप्त करने का माध्यम माना जाता है। इसलिए अगर आप हनुमान जी को प्रसन्न करना चाहते हैं तो पूजा के साथ अपने व्यवहार और कर्मों को भी सकारात्मक रखें। सच्चे मन से भगवान राम का नाम लें हनुमान चालीसा का पाठ करें और श्रद्धा के साथ लड्डू गुड़ चना फल लाल फूल तथा सिंदूर अर्पित करें। धार्मिक मान्यता है कि भक्त की सच्ची आस्था देखकर संकटमोचन हनुमान उसके जीवन के कष्टों और बाधाओं को दूर करने की कृपा करते हैं।
